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रोटरी युवा, अस्तित्व कलामंच और सह्याद्री प्रतिष्ठान द्वारा घर-घर बिजली के बल्ब और विद्यार्थियों को स्कूल यूनिफॉर्म वितरित

राजगुरुनगर, अगस्त (हड़पसर एक्सप्रेस न्यूज़ नेटवर्क)
कान्हेवाड़ी बुद्रुक और मोहकल (खेड़) की आदिवासी ठाकर बस्तियों में घर-घर बिजली के बल्ब और जिला परिषद स्कूलों के छात्रों को स्कूल की यूनिफॉर्म मुफ्त में वितरित की गई। यह गतिविधि रोटरी क्लब ऑफ पुणे युवा, अस्तित्व कलामंच और सह्याद्री प्रतिष्ठान की ओर से आयोजित की गई थी। इस अवसर पर पांच सौ परिवारों को दो-दो बल्ब और पचास छात्र-छात्राओं को पोशाकें दी गईं।
रोटरी क्लब ऑफ पुणे युवा के निनाद जोग, सुनील खुले, अस्तित्व कलामंच की डॉ. अश्विनी शेंडे, माधवी गोंधलेे, योगेश गोंधले, श्रीकृष्ण भिंगारे, सह्याद्री प्रतिष्ठान के अध्यक्ष कृष्णकांत कोबल, अशोक आव्हाले, विनायक रूके, विलास कोबल, पूर्व सरपंच सालूबाई केवाले, पूर्व उपसरपंच मारूति सहाणे, सोसायटी के वाइस चेयरमैन बाजीराव कोबल, दत्ता केदारी, दशरथ जाधव, एकनाथ मधे, शिवराम मधे, सुभाष पारधी आदि प्रमुख रूप से उपस्थित थे। विद्यार्थियों ने जंगली पौधों-पत्तियों पर रचना बनाकर अतिथियों का स्वागत किया।
सह्याद्री प्रतिष्ठान और अस्तित्व कलामंच विविध गतिविधियों के माध्यम से उपेक्षित घटकों के लिए काम कर रहे हैं। रोटरी क्लब ऑफ पुणे युवा के माध्यम से कान्हेवाडी बुद्रुक की ऊपरी ठाकरवाडी, ब्राह्मण दरा, निचली ठाकरवाडी, मालवाडी, मोहकलची ठाकरवाडी इन आदीवासी बस्तियों में घर-घर जाकर दो-दो बल्ब वितरित किये गये। साथ ही, गांव के ऊपरी और निचली ठाकरवाड़ी में जिला परिषद स्कूलों के छात्रों को यूनिफॉर्म वितरित की गई। रोटरी क्लब ऑफ पुणे युवा के निनाद जोग म्हणाले, मंच व प्रतिष्ठान की वजह से आज हम सुदूर आदिवासी इलाकों में जाकर मदद कर पाए, इससे संतुष्ट हूं। आनेवाले समय में हम आदिवासियों, आर्थिक रूप से पिछड़े समुदाय और छात्रों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए उनकी मदद करने का प्रयास करेंगे।
मुख्याध्यापक शंकर बुरसे, संजय घुमटकर, गोरक्ष मुलुक, तौसीप शेख आदि ने पहल का संयोजन किया था

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