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महाडीबीटी के माध्यम से प्राप्त लाभ को अस्वीकार करने के लिए दो माह में व्यवस्था उपलब्ध करा देंगे : उपमुख्यमंत्री अजीत पवार द्वारा जानकारी

मुंबई, अगस्त (महासंवाद)
राज्य सरकार द्वारा विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को ‘महाडीबीटी’ पोर्टल के माध्यम से अनुदान का सीधा हस्तांतरण किया जाता है। हालाँकि, एक बार अनुदान मिलने के बाद उसे वापस करने का कोई प्रावधान नहीं है, इसलिए जिन लोगों को अनुदान की जरूरत नहीं है, उनके लिए इसे अस्वीकार करने के लिए दो महीने के भीतर प्रावधान किया जाएगा। यह जानकारी उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने विधान परिषद में उठाए गए सवाल का जवाब देते हुए दी। 
उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘एलपीजी’ सिलेंडर पर सब्सिडी न देने के लिए एक ‘पहल’ सुविधा बनाई थी। इसके तहत सब्सिडी की आवश्यकता न रहनेवाले महाराष्ट्र के 16 लाख 52 हजार लाभार्थीयों ने अपनी सब्सिडी नहीं ली। इस योजना की हर जगह काफी सराहना हुई। इससे एक अलग, बेहतर कदम उठा। इस योजना में अस्वीकृत सब्सिडी का लाभ अन्य जरूरतमंद एवं पात्र लाभार्थी उठा सकते हैं। राज्य सरकार के माध्यम से विभिन्न योजनाओं के लिए अनुदान ‘महाडीबीटी’ पोर्टल के माध्यम से दिया जाता है, लेकिन जिन्हें सब्सिडी की आवश्यकता नहीं है, उन लोगों को सब्सिडी अस्वीकार करने की कोई व्यवस्था पोर्टल में नहीं है। इस पृष्ठभूमि में मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री से चर्चा कर वित्त विभाग एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग से समन्वय स्थापित कर अनुदान अस्वीकृत करने की सुविधा उपलब्ध करायी जायेगी। इस प्रक्रिया को तेज गति से लागू करके अगले दो महीनों में सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। यह जानकारी उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने दी।

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