समता परिषद की ओर से पुणे जिलाधिकारी कार्यालय के सामने विश्वजीत देशपांडे के विरोध में किया गया हल्लाबोल आंदोलन
पुणे, अगस्त (हड़पसर एक्सप्रेस न्यूज़ नेटवर्क)समाज में माहौल को दूषित करने के लिए ऐसे वक्तव्य किए जा रहे हैं। युवाओं को मारपीट के लिए उकसाने और 1 लाख का इनाम घोषित करनेवाले विश्वजीत देशपांडे को तुरंत गिरफ्तार किया जाए और उसके खिलाफ मामला दर्ज किया जाना चाहिए। यह मांग समता परिषद महाराष्ट्र राज्य की महिला अध्यक्ष मंजिरी धाडगे ने की है।
पुणे में समता परिषद की ओर से गत सोमवार को आंदोलन किया गया। पुणे जिलाधिकारी कार्यालय के सामने विश्वजीत देशपांडे के पोस्टर पर जूते मारकर उसके खिलाफ नारे लगाते हुए हल्ला बोल आंदोलन किया गया, तब वे बोल रही थीं।
समता परिषद की पदाधिकारी सपना माली ने कहा कि विश्वजीत देशपांडे मानसिक और विकृत रोगी है, उसका तत्काल इलाज करने की मांग की। साथ ही उसे कभी-कभी पागलपन के दौरे पड़ते हैं और उसका इलाज सरकारी मनोरोग अस्पताल में किया जाना चाहिए।
पुणे विभाग के अध्यक्ष प्रीतेश गवली ने कहा कि वह जहां भी दिखे उसे मारकर उसका मुंह काला कर दिया जाएगा। यह भी चेतावनी दी है।
समता परिषद पुणे शहर महिला उपाध्यक्ष गौरी पिंगलेे ने कहा कि उस देशपांडे को गधे पर बिठाकर और जूतों की माला पहनकर पुणे में जुलूस निकालना चाहिए।
समता परिषद पुणे शहर के अध्यक्ष पंढरीनाथ बनकर ने कहा कि मनुवादी विचारधारा के विरुद्ध लड़ते समय विचारों की लड़ाई विचारों से लड़नी चाहिए, लेकिन इस मूर्ख विश्वजीत देशपांडे के पास इतनी भी बुद्धि नहीं है।
पुणे शहर की महिला अध्यक्षा वैष्णवी सातव ने कहा कि विश्वजीत देशपांडे खुद हिम्मत दिखाए और पुणे में आए, हम उसे महिला शक्ति क्या कर सकती है, यह दिखाएंगे। भुजबल साहब हमारे श्रद्धास्थान हैं। हम समता सैनिक उनके बारे में कोई भी बुरा शब्द नहीं सुनेंगे।
इस अवसर पर पुणे जिलाधिकारी डॉ. राजेश देशमुख को निवेदन देकर विश्वजीत देशपांडे को तुरंत गिरफ्तार कर उसके खिलाफ मामला दर्ज किया जाए, यह मांग की गई। इस अवसर पर यहां समता परिषद महाराष्ट्र राज्य की महिला अध्यक्ष मंजिरी धाडगे, अविनाश चौरे, प्रीतेश गवली, पंढरीनाथ बनकर, वैष्णवी सातव, शिवराम जांभुलकर, सागर दरवडे, गौरी पिंगले, संगीता माली, प्रदीप हूमे, प्रदीप बनसोडे, महेश बनकर, सुधीर होले, नागेश भुजबल, महेंद्र बनकर, विशाल बोरावके, हनुमंत टिलेकर, प्रतीक राऊत, उमेश म्हेत्रे, मुकेश वाडकर आदि उपस्थित थे।
परशुराम संघ के अध्यक्ष विश्वजीत देशपांडे ने बहुजन नेता छगन भुजबल के विरोध में किए गए विवादित बयान की वजह से पूरे राज्य में उसके खिलाफ गुस्से की लहर है।

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