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रांजणगाव में ‘इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर : केंद्र द्वारा पहले चरण में 62 करोड़ की निधि वर्गीकृत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार का मुख्यमंत्री ने माना आभार
मुंबई, सितंबर (महासंवाद)
राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स नीति के अनुसार, पुणे के पास रांजणगांव में महाराष्ट्र की पहली ‘इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (ईएमसी) परियोजना स्थापित की जा रही है। इस पारियोजना के लिए केंद्र सरकार ने पहले चरण में एमआईडीसी को 62 करोड़ 39 लाख रुपये का निधि आवंटित की है। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार को धन्यवाद दिया है। केंद्र सरकार ने देश में इलेक्ट्रॉनिक सामानों के विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए देश में उन्नत इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्लस्टर (ईएमसी 2.0) कार्यान्वयन किया है।
देश के उत्तर प्रदेश के नोएडा, कर्नाटक, तमिलनाडु इन राज्यों में इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण केंद्र हैं जहां विभिन्न बहुराष्ट्रीय कंपनियों और भारतीय स्टार्ट-अप ने यूनिट स्थापित किए हैं।
रांजणगांव में 297.11 एकड़ भूमि पर ‘इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्लस्टर’ के निर्माण को 31 अक्टूबर, 2022 को केंद्र ने मंजूरी दे दी है। इस परियोजना की लागत 492 करोड़ 85 लाख 19 हजार रुपये है और केंद्र सरकार से 207 करोड़ 98 लाख रुपये की वित्तीय सहायता मिलेगी। केंद्र सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा एमआईडीसी को 62 करोड़ 39 लाख रुपये की पहली किस्त आवंटित की गई है।
रांजणगांव में स्थापित होनेवाली इस परियोजना में आई.एफ.बी. एलजी और गोगोरो ईवी स्कूटर्स जैसी कंपनियां भाग लेंगी। इस परियोजना के कारण यह क्षेत्र ‘इलेक्ट्रॉनिक क्लस्टर’ के नाम से जाना जाएगा, अधिक उद्यमी, कंपनियां वहां आकर्षित होंगी और रोजगार के अवसर पैदा होंगे। यह विश्वास भी मुख्यमंत्री श्री शिंदे ने व्यक्त किया। उद्योग मंत्री उदय सामंत और एमआईडीसी ने इस इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्लस्टर परियोजना को लागू करने के लिए विशेष प्रयास किए हैं और मुख्यमंत्री ने भी उन्हें बधाई दी है।

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