दहीहंडी, गणेशोत्सव की पृष्ठभूमि में मुख्यमंत्री द्वारा समीक्षा : राज्यभर में आगमन, विसर्जन मार्गों की तत्काल मरम्मत की जाए
मुंबई, सितंबर (महासंवाद)
आगामी दहीहंडी, गणेशोत्सव को हर्षोल्लास एवं शांतिपूर्वक मनाते हुए कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने में सभी को सहयोग करना चाहिए। राज्य के सभी आगमन और विसर्जन मार्गों की मरम्मत के लिए जिलाधिकारी, महानगरपालिका आयुक्तों को तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए। सामाजिक जागरूकता का संदेश देते हुए पर्यावरण अनुकूल त्यौहार मंडलों से मनाने के सहयोग करने की अपील मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने की है।
सह्याद्री अतिथिगृह में दहीहंडी एवं सार्वजनिक गणेशोत्सव के अवसर पर समीक्षा बैठक मुख्यमंत्री श्री शिंदे की अध्यक्षता में हुई। इस अवसर पर मुंबई शहर के पालकमंत्री दीपक केसरकर, मुंबई उपनगर के पालकमंत्री मंगलप्रभात लोढा, मुख्य सचिव मनोज सौनिक, पुलिस महासंचालक रजनीश सेठ, गृह विभाग की अपर मुख्य सचिव सुजाता सौनिक, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव विकास खारगे, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव ब्रिजेश सिंह, मुंबई पुलिस आयुक्त विवेक फणसलकर, विविध विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव, मुंबई सार्वजनिक गणेशोत्सव समन्वय समिति, दहीहंडी एसोशिएशन के पदाधिकारी उपस्थित थे। सभी जिलाधिकारी, महानगरपालिका आयुक्त, जिला पुलिस प्रमुखों ने टेलीविजन प्रणाली के माध्यम से भाग लिया।
जिलाधिकारी, महानगरपालिका आयुक्त, पुलिस अधिकारियों ने दहीहंडी, गणेशोत्सव मंडल के पदाधिकारियों की बैठक लेकर उनकी समस्याओं को समझें, इस पर सकारात्मक पद्धति से मार्ग निकाले। ऐसे निर्देश मुख्यमंत्री ने दिए।
मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि राज्य के सभी स्थानों के आगमन एवं विसर्जन मार्गों पर बने गड्ढों को तत्काल भरा जाए। सड़कों की मरम्मत करायी जाये। गणेश मंडलों को बिजली कनेक्शन में कोई दिक्कत नहीं आनी चाहिए। साथ ही आगमन और विसर्जन के रास्ते में आनेवाले पेड़ों की शाखाओं की छंटाई कर देनी चाहिए।
मुंबई की सभी सड़कों और गलियों को साफ-सुथरा रखने के निर्देश इस समय मुंबई महानगरपालिका के आयुक्त को दिये गये।
इस वर्ष राज्य सरकार के माध्यम से लगभग 75 हजार गोविंदाओं को बीमा कवर दिया गया है और शेष गोविंदाओं को भी बीमा कवर प्रदान करने का निर्देश मुख्यमंत्री ने दिया है। मुख्यमंत्री ने कई वर्षों से लगातार गणेशोत्सव का आयोजन कर रहे मंडलों को एक बार में पांच साल की अनुमति के संबंध में कार्रवाई करने के निर्देश दिये। इस दौरान पुणे, नागपुर, नासिक, छत्रपति संभाजीनगर, ठाणे के अधिकारियों से जानकारी ली गई।
आगामी दहीहंडी, गणेशोत्सव को हर्षोल्लास एवं शांतिपूर्वक मनाते हुए कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने में सभी को सहयोग करना चाहिए। राज्य के सभी आगमन और विसर्जन मार्गों की मरम्मत के लिए जिलाधिकारी, महानगरपालिका आयुक्तों को तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए। सामाजिक जागरूकता का संदेश देते हुए पर्यावरण अनुकूल त्यौहार मंडलों से मनाने के सहयोग करने की अपील मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने की है।
सह्याद्री अतिथिगृह में दहीहंडी एवं सार्वजनिक गणेशोत्सव के अवसर पर समीक्षा बैठक मुख्यमंत्री श्री शिंदे की अध्यक्षता में हुई। इस अवसर पर मुंबई शहर के पालकमंत्री दीपक केसरकर, मुंबई उपनगर के पालकमंत्री मंगलप्रभात लोढा, मुख्य सचिव मनोज सौनिक, पुलिस महासंचालक रजनीश सेठ, गृह विभाग की अपर मुख्य सचिव सुजाता सौनिक, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव विकास खारगे, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव ब्रिजेश सिंह, मुंबई पुलिस आयुक्त विवेक फणसलकर, विविध विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव, मुंबई सार्वजनिक गणेशोत्सव समन्वय समिति, दहीहंडी एसोशिएशन के पदाधिकारी उपस्थित थे। सभी जिलाधिकारी, महानगरपालिका आयुक्त, जिला पुलिस प्रमुखों ने टेलीविजन प्रणाली के माध्यम से भाग लिया।
जिलाधिकारी, महानगरपालिका आयुक्त, पुलिस अधिकारियों ने दहीहंडी, गणेशोत्सव मंडल के पदाधिकारियों की बैठक लेकर उनकी समस्याओं को समझें, इस पर सकारात्मक पद्धति से मार्ग निकाले। ऐसे निर्देश मुख्यमंत्री ने दिए।
मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि राज्य के सभी स्थानों के आगमन एवं विसर्जन मार्गों पर बने गड्ढों को तत्काल भरा जाए। सड़कों की मरम्मत करायी जाये। गणेश मंडलों को बिजली कनेक्शन में कोई दिक्कत नहीं आनी चाहिए। साथ ही आगमन और विसर्जन के रास्ते में आनेवाले पेड़ों की शाखाओं की छंटाई कर देनी चाहिए।
मुंबई की सभी सड़कों और गलियों को साफ-सुथरा रखने के निर्देश इस समय मुंबई महानगरपालिका के आयुक्त को दिये गये।
इस वर्ष राज्य सरकार के माध्यम से लगभग 75 हजार गोविंदाओं को बीमा कवर दिया गया है और शेष गोविंदाओं को भी बीमा कवर प्रदान करने का निर्देश मुख्यमंत्री ने दिया है। मुख्यमंत्री ने कई वर्षों से लगातार गणेशोत्सव का आयोजन कर रहे मंडलों को एक बार में पांच साल की अनुमति के संबंध में कार्रवाई करने के निर्देश दिये। इस दौरान पुणे, नागपुर, नासिक, छत्रपति संभाजीनगर, ठाणे के अधिकारियों से जानकारी ली गई।

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