मुंबई, सितंबर (महासंवाद)
पर्यटन को बढ़ावा देने, स्थानीय और विदेशी पर्यटकों को पारंपरिक कला और संस्कृति से परिचित कराने और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर गणेशोत्सव को बढ़ावा देने के लिए अंतर्राष्ट्रीय गणेश महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। यह महोत्सव 19 से 28 सितंबर तक मुंबई, पुणे, पालघर और रत्नागिरी में आयोजित करने की जानकारी पर्यटन मंत्री गिरीश महाजन ने दी है।
मंत्री श्री महाजन ने कहा कि राज्य में बड़े पैमाने पर पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए पर्यटन निदेशालय द्वारा महोत्सव का आयोजन किया गया है। गणेशोत्सव कला, सांस्कृतिक विरासत और लोगों की एकता को प्रदर्शित करने का एक माध्यम है। इस महोत्सव के जरिए पारंपरिक कला और सांस्कृतिक विरासत को दुनिया तक पहुंचाने की कोशिश की जाएगी। महोत्सव के दौरान पर्यटन से जुड़े हितधारकों, ट्रैवल एजेंट, टूर ऑपरेटर्स, भ्रमणशील पत्रकार और सोशल मीडिया प्रभावितों के साथ-साथ विदेशी दूतावासों के प्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया जाएगा। उन्हें मुंबई, पुणे, पालघर और रत्नागिरी में सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडल के साथ-साथ रत्नागिरी में गणेश दर्शन के साथ-साथ सांस्कृतिक गौरव दिखाने के लिए नवीन गतिविधियाँ की जाएंगी।
उक्त महोत्सव के अंतर्गत गेटवे ऑफ इंडिया पर श्री गणेश के विभिन्न रूपों पर ध्यान केंद्रित करनेवाले विशेष सांस्कृतिक केंद्रों की स्थापना, रेत की मूर्तिकला, मोज़ेक कला, स्क्रॉल कला की प्रदर्शनी, गेटवे ऑफ इंडिया के भव्य अग्रभाग पर प्रक्षेपण मानचित्रण के माध्यम से देशभक्ति की सफलता की कहानियों का कथन कार्यक्रम, महाराष्ट्र की पारंपरिक आदिवासी वारली संस्कृति को प्रदर्शित करनेवाली वारली कला कार्यशाला, विभिन्न कारीगरों द्वारा बनाई गई हस्तशिल्प की एक आर्ट गैलरी, पारंपरिक कला एवं लोक कला संस्कृति को प्रदर्शित करनेवाले सांस्कृतिक कार्यक्रम 10 दिनों के गणेशोत्सव महोत्सव के तहत विभिन्न स्थानों पर राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय पर्यटकों के लिए आयोजित किये जायेंगे।
पर्यटन को बढ़ावा देने, स्थानीय और विदेशी पर्यटकों को पारंपरिक कला और संस्कृति से परिचित कराने और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर गणेशोत्सव को बढ़ावा देने के लिए अंतर्राष्ट्रीय गणेश महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। यह महोत्सव 19 से 28 सितंबर तक मुंबई, पुणे, पालघर और रत्नागिरी में आयोजित करने की जानकारी पर्यटन मंत्री गिरीश महाजन ने दी है।
मंत्री श्री महाजन ने कहा कि राज्य में बड़े पैमाने पर पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए पर्यटन निदेशालय द्वारा महोत्सव का आयोजन किया गया है। गणेशोत्सव कला, सांस्कृतिक विरासत और लोगों की एकता को प्रदर्शित करने का एक माध्यम है। इस महोत्सव के जरिए पारंपरिक कला और सांस्कृतिक विरासत को दुनिया तक पहुंचाने की कोशिश की जाएगी। महोत्सव के दौरान पर्यटन से जुड़े हितधारकों, ट्रैवल एजेंट, टूर ऑपरेटर्स, भ्रमणशील पत्रकार और सोशल मीडिया प्रभावितों के साथ-साथ विदेशी दूतावासों के प्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया जाएगा। उन्हें मुंबई, पुणे, पालघर और रत्नागिरी में सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडल के साथ-साथ रत्नागिरी में गणेश दर्शन के साथ-साथ सांस्कृतिक गौरव दिखाने के लिए नवीन गतिविधियाँ की जाएंगी।
उक्त महोत्सव के अंतर्गत गेटवे ऑफ इंडिया पर श्री गणेश के विभिन्न रूपों पर ध्यान केंद्रित करनेवाले विशेष सांस्कृतिक केंद्रों की स्थापना, रेत की मूर्तिकला, मोज़ेक कला, स्क्रॉल कला की प्रदर्शनी, गेटवे ऑफ इंडिया के भव्य अग्रभाग पर प्रक्षेपण मानचित्रण के माध्यम से देशभक्ति की सफलता की कहानियों का कथन कार्यक्रम, महाराष्ट्र की पारंपरिक आदिवासी वारली संस्कृति को प्रदर्शित करनेवाली वारली कला कार्यशाला, विभिन्न कारीगरों द्वारा बनाई गई हस्तशिल्प की एक आर्ट गैलरी, पारंपरिक कला एवं लोक कला संस्कृति को प्रदर्शित करनेवाले सांस्कृतिक कार्यक्रम 10 दिनों के गणेशोत्सव महोत्सव के तहत विभिन्न स्थानों पर राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय पर्यटकों के लिए आयोजित किये जायेंगे।
अंतर्राष्ट्रीय गणेशोत्सव से सांस्कृतिक पर्यटन में वृद्धि होगी : प्रधान सचिव राधिका रस्तोगी
गणेशोत्सव एक ऐतिहासिक विरासत है। राज्य में मनाया जानेवाला गणेशोत्सव देशी और विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करता है। इस उत्सव के माध्यम से हम अपनी संस्कृति को दूसरों को बता सकते हैं। अंतर्राष्ट्रीय गणेश महोत्सव के माध्यम से अंतर्राष्ट्रीय पर्यटकों एवं संस्कृति प्रेमियों की उपस्थिति का लाभ मिलेगा। गणेश भक्तों, पर्यटन प्रेमियों को महाराष्ट्र के इस विशाल और दस दिवसीय गणेश उत्सव में भाग लेना चाहिए। यह अपील प्रधान सचिव राधिका रस्तोगी ने की है।

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