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जालना प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज की जांच अपर पुलिस महानिदेशक द्वारा कराई जाएगी : दोषियों के खिलाफ की जायेगी कार्रवाई : मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की घोषणा

बुलढाणा, सितंबर (महासंवाद)
जालना में मराठा प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज की घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और इस घटना के बाद जालना के पुलिस अधीक्षक को जबरन छुट्टी पर भेजने का निर्देश देने के बारे में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बताया। साथ ही पूरे मामले की जांच अपर पुलिस महानिदेशक से कराई जाएगी और दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। यह जानकारी उन्होंने दी। 
जालना में मराठा प्रदर्शनकारियों पर पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने बुलढाणा में आयोजित ‘शासन आपल्या दारी’ कार्यक्रम में कार्रवाई की घोषणा की। इस घटना के बाद कानून-व्यवस्था का प्रश्न पैदा नहीं होना चाहिए, इसके लिए आवश्यक कदम उठाये गये हैं। जिला पुलिस अधीक्षक को अनिवार्य अवकाश पर भेजने का निर्देश दिया गया है तथा अपर पुलिस अधीक्षक एवं उपाधीक्षक को जिले से बाहर स्थानांतरित करने का निर्देश दिया गया है। इस पूरे मामले की जांच अपर पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) संजय सक्सेना से करायी जायेगी। जांच रिपोर्ट के बाद दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी, सरकार किसी को नहीं बख्शेगी। जरूरत पड़ी तो घटना की न्यायिक जांच करायी भी जायेगी।
एक सामान्य मराठा परिवार में जन्मा मैं मराठा समुदाय के दर्द से पूरी तरह वाकिफ हूं। सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है कि मराठा समुदाय को स्थायी आरक्षण मिले। उन्होंने कहा कि सरकार इसके लिए प्रयास कर रही है और जल्द ही सकारात्मक निर्णय होगा। उन्होंने यह भी साफ किया कि जब तक मराठा समुदाय को आरक्षण नहीं मिल जाता तब तक वह चैन से नहीं बैठेंगे। जालना में जब शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन शुरू हुआ तो आखिर पथराव किसने किया अब जानकारी आ रही है, मराठा आंदोलन में बाधा डालकर कौन अपना राजनीतिक फ़ायदा देख रहा है, वह भी जल्द ही पता चल जायेगा। 
मराठा समुदाय का आरक्षण सुप्रीम कोर्ट द्वारा रद्द करने के बाद 3500 मराठा युवा नौकरी से वंचित रह गये थे। उनके साथ न्याय करने के लिए अतिरिक्त पदों को भरने का निर्णय लिया गया। आम मराठा युवाओं को न्याय दिलाने के लिए जब सभी नेता चुप थे, तब हमने कोर्ट की अवमानना की परवाह किए बिना ये फैसला लिया, इसलिए मराठा समुदाय को इस बात का पूरा अंदाज़ा है कि आख़िर उनके पीछे कौन है। ये बात बोलते मुख्यमंत्री ने स्पष्ट की।
मुख्यमंत्री श्री शिंदे ने बताया कि जालना में आंदोलन कर रहे मनोज जरांडे पाटिल से इस घटना से तीन दिन पहले बातचीत हुई थी। इस समय उनसे अनशन वापस लेने की अपील की गई ताकि उनकी जान को खतरा न हो। शासन स्तर पर अधिकारी वही निर्णय लेने का प्रयास कर रहे थे जिसकी उन्हें उम्मीद थी, लेकिन इससे पहले ये घटना घटी। मराठा समाज बेहद संवेदनशील है, लेकिन उतना ही संयमी समाज भी है। इससे पहले भी लाखों के जुलूस निकालते समय इस समाज ने कभी अपना आपा नहीं खोया था, इसलिए उन्हें आगे भी धैर्य रखना चाहिए। यह अपील मुख्यमंत्री श्री शिंदे ने की।

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