पुणे, सितंबर (जिमाका)
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय, सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन विभाग, केंद्र सरकार और वित्त और सांख्यिकी निदेशालय, महाराष्ट्र सरकार द्वारा संयुक्त रूप से ‘राज्य उत्पन्न और संबंधित सांख्यिकी’ विषय पर कार्यशाला का 11 से 15 सितंबर 2023 अवधि के दौरान महाराष्ट्र पर्यटन विकास महामंडल, कार्ला, लोनावला में आयोजित की गई है। कार्यशाला का उद्घाटन राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय की अतिरिक्त महानिदेशक गीता सिंह राठौड़ ने किया।
इस कार्यशाला में आर्थिक एवं सांख्यिकी निदेशालय के निदेशक विजय आहेर, राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय के उप महानिदेशक डॉ. सुभ्रा सरकार, तमिलनाडु राज्य निदेशालय के निदेशक एस. गणेश, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, गुजरात, कर्नाटक, केरल, राजस्थान, सिक्किम, तमिलनाडु, तेलंगाना, दादरा और नगर हवेली, दमन, दीव और पुडुचेरी राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों के निदेशालय के अधिकारियों और कर्मचारियों ने भाग लिया है।
इस अवसर पर श्रीमती राठौड़ ने बताया कि राज्य उत्पन्न अनुमान तैयार करने के लिए संशोधित प्रक्रिया अपनाते समय राज्य एवं जिलास्तर पर अर्थव्यवस्था में हो रहे संरचनात्मक परिवर्तनों को भी ध्यान में रखना आवश्यक है।
तमिलनाडु राज्य निदेशालय के निदेशक एस. गणेश ने कहा कि वित्तीय लेनदेन का डिजिटाइजेशन और होम डिलीवरी सेवाओं को शामिल किया जाना चाहिए।
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय के उप महानिदेशक डॉ. सुभ्रा सरकार ने कहा कि सकल देशांतर्गत (घरेलू) उत्पन्न अनुमान तैयार करते समय ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म, ऑनलाइन भुगतान लेनदेन जैसी वित्तीय गतिविधियों को शामिल करना एक चुनौती है।
आर्थिक एवं सांख्यिकी निदेशालय के निदेशक विजय आहेर ने राज्य को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए राज्य की आर्थिक सलाहकार समिति द्वारा तैयार की गई कार्यान्वयन योजना के संबंध में भी जानकारी दी। इस उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए जिला विकास योजना का निर्माण और इसे क्रियान्वित करने की परियोजना राज्य ने अपने हाथ में लिया है। उन्होंने कहा कि निदेशालय ने जिला उत्पन्न अनुमान जिलास्तर पर तैयार करने की परियोजना भी हाथों में ली है।
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय क्षमता निर्माण कार्यक्रम के हिस्से के रूप में विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में हर साल नियमित रूप से कार्यशालाएँ आयोजित की जाती हैं। इस कार्यशाला में राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर डेटा की आवश्यकता पर भी विस्तार से चर्चा की जाती है। साथ ही राज्य की आय के महत्व और सकल घरेलू आय के आकलन में इसके महत्व को भी रेखांकित करता है।
राष्ट्रीय स्तर पर सकल घरेलू आय (जीडीपी) अनुमानों की तैयारी में उपयोग की जानेवाली संज्ञा और कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी प्रदान करना, साथ ही राष्ट्रीय लेखा अभ्यास (एसएनए 2008) में सिफ़ारिशें, दिशानिर्देशों के प्रति एक सामान्य दृष्टिकोण और कार्यप्रणाली के अनुरूप ऐसे राज्य की आय का अनुमान अधिक सटीक रूप से किस तरह तैयार किया जा सकता है इस बारे में यह कार्यशालाएँ राज्यों का मार्गदर्शन करने में मदद करती हैं।


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