हड़पसर, सितंबर (हड़पसर एक्सप्रेस न्यूज़ नेटवर्क)
जयवंत हापन की कविता यानी एक नया संकेत और सामग्री सांकेतिक है। जयवंत हापन की कविता को प्रकृति से बेहद प्रेम करनेवाले कवि के रूप में देखा जाता है। यह विचार वरिष्ठ शायर एवं ग़ज़लकार एक.के.शेख ने व्यक्त किए।
जयवंत हापन के ‘शब्द माझा माझी पूजा’ काव्य संग्रह का विमोचन वरिष्ठ कवि एवं लेखक प्रोफेसर सूर्यकांत वैद्य ने किया, तब वरिष्ठ कवि एवं गजलकार एक.के.शेख बोल रहे थे। इस अवसर पर यहां सूर्यकांत वैद्य वि.ग. सातपुते, पत्रकार सुधीर मेथेकर ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
प्रा. संपत गर्जे ने कहा कि वे प्रकृति का आनंद लेनेवाले कवि हैं। पत्तों और फूलों के प्रतीक के माध्यम से खुद को अभिव्यक्त करनेवाले कवि हैं। उनकी प्रत्येक कविता प्रकृति का सुन्दर चित्र है।
इस अवसर पर देशमुख ने कहा कि जयवंत हापन पंचायत समिति के आदर्श शिक्षक पुरस्कार विजेता हैं।
इस अवसर पर संगीतकार प्रशांत तलनिकर द्वारा रचित कविताएँ माधवी तलनिकर, देवयानी सहस्त्रबुद्धे, प्रशांत तलनिकर और समिहान सहस्त्रबुद्धे द्वारा प्रस्तुत की गईं। शुभदा अठावले, प्रभंजन पाठक, अनुप गायकवाड़ और विश्वनाथ गोसावी ने संगीत में संगत दी।
कार्यक्रम का निवेदन संचालन अक्षय वाटवे, गोपाल कांबले और उपस्थितों का आभार संतोष फंड ने माना।
जयवंत हापन की कविता यानी एक नया संकेत और सामग्री सांकेतिक है। जयवंत हापन की कविता को प्रकृति से बेहद प्रेम करनेवाले कवि के रूप में देखा जाता है। यह विचार वरिष्ठ शायर एवं ग़ज़लकार एक.के.शेख ने व्यक्त किए।
जयवंत हापन के ‘शब्द माझा माझी पूजा’ काव्य संग्रह का विमोचन वरिष्ठ कवि एवं लेखक प्रोफेसर सूर्यकांत वैद्य ने किया, तब वरिष्ठ कवि एवं गजलकार एक.के.शेख बोल रहे थे। इस अवसर पर यहां सूर्यकांत वैद्य वि.ग. सातपुते, पत्रकार सुधीर मेथेकर ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
प्रा. संपत गर्जे ने कहा कि वे प्रकृति का आनंद लेनेवाले कवि हैं। पत्तों और फूलों के प्रतीक के माध्यम से खुद को अभिव्यक्त करनेवाले कवि हैं। उनकी प्रत्येक कविता प्रकृति का सुन्दर चित्र है।
इस अवसर पर देशमुख ने कहा कि जयवंत हापन पंचायत समिति के आदर्श शिक्षक पुरस्कार विजेता हैं।
इस अवसर पर संगीतकार प्रशांत तलनिकर द्वारा रचित कविताएँ माधवी तलनिकर, देवयानी सहस्त्रबुद्धे, प्रशांत तलनिकर और समिहान सहस्त्रबुद्धे द्वारा प्रस्तुत की गईं। शुभदा अठावले, प्रभंजन पाठक, अनुप गायकवाड़ और विश्वनाथ गोसावी ने संगीत में संगत दी।
कार्यक्रम का निवेदन संचालन अक्षय वाटवे, गोपाल कांबले और उपस्थितों का आभार संतोष फंड ने माना।

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