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अभियांत्रिकी कॉलेज तकनीकी विश्वविद्यालय के सर्वांगीण विकास के लिए सरकार प्रतिबद्ध : उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांतदा पाटिल

पुणे, सितंबर (जिमाका)
अभियांत्रिकी क्षेत्र में प्रसिद्ध वाले और 170 वर्षों की परंपरावाले अभियांत्रिकी कॉलेज तकनीकी  विश्वविद्यालय के सर्वांगीण विकास के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। यह विचार राज्य के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री और पुणे जिले के पालकमंत्री चंद्रकांतदा पाटिल ने व्यक्त किये।
पूर्व छात्र नियामक मंडल अभियांत्रिकी महाविद्यालय तकनीकी विश्वविद्यालय पुणे की ओर से आयोजित ‘अभिमान पुरस्कार’ वितरण समारोह में पाटिल बोल रहे थे। इस अवसर पर यहां विश्वविद्यालय के कुलगुरु डॉ. सुधीर आगाशे, पूर्व विद्यार्थी नियामक मंडल के अध्यक्ष भरत गीते, बोर्ड ऑफ गवर्नन्स के अध्यक्ष डॉ. प्रमोद चौधरी, सचिव डॉ. सुजित परदेशी, नियामक मंडल के सदस्य, विद्यार्थी आदि उपस्थित थे। 
पुरस्कार्थियों का अभिनंदन करते हुए श्री पाटिल ने कहा कि संस्था को अभिमान पुरस्कार के विजेताओं पर भी गर्व है। विश्वविद्यालय ने केवल अभियांत्रिकी क्षेत्र का ज्ञान छात्रों को न देते हुए उन्हें संस्कार के मूल्यों को संरक्षित करने के लिए मार्गदर्शन भी करना चाहिए। देश में नई शैक्षणिक नीतियां लागू की जा रही हैं और मातृभाषा में शिक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है। इससे छात्रों को विषय का बेहतर ज्ञान प्राप्त करने और उनके शोध दृष्टिकोण को विकसित करने में मदद मिलेगी। साथ ही नई शिक्षा नीति में व्यवसाय उन्मुख शिक्षा पर जोर दिया जा रहा है। 
श्री पाटिल ने कहा कि अभियांत्रिकी महाविद्यालयाल को सरकार द्वारा स्वायत्त विश्वविद्यालय का दर्जा दिया गया है। इसके बाद यहां आवश्यकतानुसार विभिन्न पाठ्यक्रम लिये जा रहे हैं और विद्यार्थी इससे लाभान्वित हो रहे हैं। विश्वविद्यालय में प्रतिस्पर्धा की भावना होनी चाहिए। तकनीकी विश्वविद्यालय को भारतीय तकनीकी संस्था में बदलने के लिए विश्वविद्यालय को ज्ञान-तकनीकी प्रतियोगिता में भाग लेना चाहिए और शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ानी चाहिए। विश्वविद्यालय की समस्याओं के समाधान हेतु आवश्यक प्रयास किये जायेंगे। 
विश्वविद्यालय के कुलगुरु डॉ. सुधीर आगाशे ने कहा कि विश्वविद्यालय के अधिकांश विद्यार्थियों के पास उच्च शिक्षा की पारिवारिक पृष्ठभूमि नहीं होती। पूर्व छात्रों द्वारा प्रत्येक सेमेस्टर में दो घंटे व्याख्यान देने से छात्रों को उनके अनुभव से काफी लाभ होगा। विश्वविद्यालय को विश्वस्तरीय दर्जा मिलने के लिए सभी का सहयोग अपेक्षित है। 
इस अवसर पर पूर्व विद्यार्थी नियामक मंडल के अध्यक्ष भरत गीते और बोर्ड ऑफ गवर्नन्स के अध्यक्ष डॉ. प्रमोद चौधरी ने भी अपने विचार व्यक्त किए। 
विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करनेवाले विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र आशीष अचलेरकर, अरूण कुदले, विवेक फणशीकर, चेतन धारिया, डॉ. रवि भटकल व डॉ. विजय पटेल को अभिमान पुरस्कार से पालकमंत्री के शुभ हाथों से सम्मानित किया गया। 
इस अवसर पर पूर्व छात्र नियामक मंडल की पुस्तक का विमोचन भी श्री पाटिल द्वारा किया गया।

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