पुणे, अक्टूबर (जिमाका)
पुणे शहर पुलिस आयुक्तालय, पिंपरी चिंचवड़ पुलिस आयुक्तालय, पुणे ग्रामीण पुलिस और पुणे लोहमार्ग पुलिस अधीक्षक कार्यालय में अक्टूबर 2023 तक 409 प्रकार की कार्रवाई में 9 हजार 355 किलो 68 ग्राम वजन के 14 करोड़ 55 लाख 34 हजार 223 रुपये के नशीले पदार्थ जब्त किए गए हैं और कुल 504 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
भारत सरकार के गृह मंत्रालय के निर्देशानुसार नशीली पदार्थों के उपयोग पर अंकुश लगाने तथा नशीली पदार्थों की समस्या से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिलास्तरीय नशीली पदार्थ विरोधी केंद्र समिति की स्थापना की गई है। इस समिति में पुलिस अधीक्षक पुणे ग्रामीण, उप वन संरक्षक अधिकारी, जिला स्वास्थ्य अधिकारी, शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक), सहायक आयुक्त समाज कल्याण, जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी, सहायक केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर विभाग के आयुक्त, उपविभागीय दंडाधिकारी, खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के सह आयुक्त, केंद्रीय नारकोटिक्स नियंत्रण ब्यूरो अधीक्षक पुणे और पिंपरी चिंचवड़ शहर रोकथाम सेल अधिकारी ऐसे कुल 13 सदस्य हैं। हर माह कलेक्टर की अध्यक्षता में समिति की बैठक होती है।
जिले में नशीले पदार्थ के बढ़ते उपयोग, साथ ही नशीले पदार्थ की समस्या आसानी से निपटने, उस पर प्रभावी कार्रवाई करने के उद्देश्य से समिति काम कर रही है। नशीले पदार्थों की अवैध तस्करी, खेती, उपयोग, बिक्री और उपभोग को लेकर पुलिस विभाग की मदद से खूब कार्रवाई की गई है।
वन विभाग के साथ-साथ कृषि क्षेत्र में नशीले पदार्थ के पौधों की अवैध खेती को रोकने के लिए वन विभाग, कृषि विभाग, राजस्व विभाग द्वारा संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए किसानों को प्रतिबंधित नशीले पदार्थ के पौधों की खेती न करने के लिए भी जागरूक किया जा रहा है। स्कूल शिक्षा विभाग, जिला शल्यचिकित्सक के माध्यम से स्कूलों और कॉलेजों में नशीले पदार्थ के सेवन से होनेवाले स्वास्थ्य प्रभाव और आर्थिक नुकसान के बारे में जन जागरूकता शुरू की गई है और स्कूलों और कॉलेजों में समन्वयकों की नियुक्ति कर दी गई है।
विश्व नशा पदार्थ विरोधी दिवस के अवसर पर जिले में मैराथन, नुक्कड़ नाटक, रैलियां, स्कूल-कॉलेजों में व्याख्यान, शिविरों का आयोजन किया गया। समाज कल्याण विभाग की ओर से व्यसन मुक्ति केंद्र और पुनर्वास केंद्रों का समय-समय पर निरीक्षण किया जा रहा है और उन्हें आनेवाली समस्याओं से निपटने में मदद की जा रही है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग दवा निर्माता कंपनियों का निरीक्षण कर रहा है।
नशीले पदार्थों की चपेट में आ गए नागरिकों को उसमें से बाहर निकालने के लिए जिलास्तरीय नशीले पदार्थ नियंत्रण केंद्र समिति काम कर रही है और यदि आपको मादक पदार्थों की अवैध तस्करी, बिक्री या खेती के बारे में कोई जानकारी मिलती है, तो आप नजदीकी पुलिस स्टेशन या समिति सदस्य कार्यालय को सूचित करें।
पुणे शहर पुलिस आयुक्तालय, पिंपरी चिंचवड़ पुलिस आयुक्तालय, पुणे ग्रामीण पुलिस और पुणे लोहमार्ग पुलिस अधीक्षक कार्यालय में अक्टूबर 2023 तक 409 प्रकार की कार्रवाई में 9 हजार 355 किलो 68 ग्राम वजन के 14 करोड़ 55 लाख 34 हजार 223 रुपये के नशीले पदार्थ जब्त किए गए हैं और कुल 504 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
भारत सरकार के गृह मंत्रालय के निर्देशानुसार नशीली पदार्थों के उपयोग पर अंकुश लगाने तथा नशीली पदार्थों की समस्या से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिलास्तरीय नशीली पदार्थ विरोधी केंद्र समिति की स्थापना की गई है। इस समिति में पुलिस अधीक्षक पुणे ग्रामीण, उप वन संरक्षक अधिकारी, जिला स्वास्थ्य अधिकारी, शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक), सहायक आयुक्त समाज कल्याण, जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी, सहायक केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर विभाग के आयुक्त, उपविभागीय दंडाधिकारी, खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के सह आयुक्त, केंद्रीय नारकोटिक्स नियंत्रण ब्यूरो अधीक्षक पुणे और पिंपरी चिंचवड़ शहर रोकथाम सेल अधिकारी ऐसे कुल 13 सदस्य हैं। हर माह कलेक्टर की अध्यक्षता में समिति की बैठक होती है।
जिले में नशीले पदार्थ के बढ़ते उपयोग, साथ ही नशीले पदार्थ की समस्या आसानी से निपटने, उस पर प्रभावी कार्रवाई करने के उद्देश्य से समिति काम कर रही है। नशीले पदार्थों की अवैध तस्करी, खेती, उपयोग, बिक्री और उपभोग को लेकर पुलिस विभाग की मदद से खूब कार्रवाई की गई है।
वन विभाग के साथ-साथ कृषि क्षेत्र में नशीले पदार्थ के पौधों की अवैध खेती को रोकने के लिए वन विभाग, कृषि विभाग, राजस्व विभाग द्वारा संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए किसानों को प्रतिबंधित नशीले पदार्थ के पौधों की खेती न करने के लिए भी जागरूक किया जा रहा है। स्कूल शिक्षा विभाग, जिला शल्यचिकित्सक के माध्यम से स्कूलों और कॉलेजों में नशीले पदार्थ के सेवन से होनेवाले स्वास्थ्य प्रभाव और आर्थिक नुकसान के बारे में जन जागरूकता शुरू की गई है और स्कूलों और कॉलेजों में समन्वयकों की नियुक्ति कर दी गई है।
विश्व नशा पदार्थ विरोधी दिवस के अवसर पर जिले में मैराथन, नुक्कड़ नाटक, रैलियां, स्कूल-कॉलेजों में व्याख्यान, शिविरों का आयोजन किया गया। समाज कल्याण विभाग की ओर से व्यसन मुक्ति केंद्र और पुनर्वास केंद्रों का समय-समय पर निरीक्षण किया जा रहा है और उन्हें आनेवाली समस्याओं से निपटने में मदद की जा रही है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग दवा निर्माता कंपनियों का निरीक्षण कर रहा है।
नशीले पदार्थों की चपेट में आ गए नागरिकों को उसमें से बाहर निकालने के लिए जिलास्तरीय नशीले पदार्थ नियंत्रण केंद्र समिति काम कर रही है और यदि आपको मादक पदार्थों की अवैध तस्करी, बिक्री या खेती के बारे में कोई जानकारी मिलती है, तो आप नजदीकी पुलिस स्टेशन या समिति सदस्य कार्यालय को सूचित करें।
- डॉ. राजेश देशमुख, जिलाधिकारी

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