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देश का सबसे बड़ा हीरा क्लस्टर नवी मुंबई में : 20 हजार करोड़ रुपये का निवेश और एक लाख प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजन

पुणे, अक्टूबर (जिमाका)
हीरा का देश का सबसे बड़ा क्लस्टर नवी मुंबई के महापे में स्थापित किया जाएगा, जिससे 20,000 करोड़ रुपये का निवेश होगा और प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से एक लाख लोगों को  रोजगार मिलेगा। यहां स्थापित होनेवाले उद्योगों को महाराष्ट्र सरकार ने कुछ रियायतों और प्रोत्साहनों की भी घोषणा की है। यह जानकारी उद्योग मंत्री उदय सामंत ने पुणे में पत्रकारों से बोलते हुए दी। 
मंत्री श्री सामंत ने कहा, मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस, उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के नेतृत्व में महाराष्ट्र आज भी प्रत्यक्ष विदेशी निवेश में देश में नंबर एक पर है। 
रत्न एवं आभूषण के क्षेत्र में केंद्र सरकार की सर्वोच्च संस्था जेम्स एंड ज्वेलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल द्वारा नवी मुंबई में इंडिया जेम्स एंड ज्वेलरी पार्क की स्थापना की जा रही है। इस पार्क में लगभग 2 हजार सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम स्थापित किए जाएंगे। साथ ही बड़ी-बड़ी नामी कंपनियां भी यहां निवेश करेंगी, यह देश में अपनी तरह का एकमात्र परियोजना है।
इंडिया जेम्स एंड ज्वेलरी पार्क के लिए महाराष्ट्र सरकार द्वारा प्रोत्साहनों की घोषणा 1 मार्च 2019 को आयोजित उद्योग कैबिनेट उप-समिति की बैठक में महाराष्ट्र सरकार ने जेम्स एंड ज्वेलरी पार्क के लिए महापे में खाली भूमि को औद्योगिक भूमि में परिवर्तित करके 86 हजार 53 वर्ग मीटर का क्षेत्र अलग रखा है, लेकिन ऐसे उद्योगों के लिए केवल जगह उपलब्ध कराने से काम नहीं चलेगा बल्कि इन उद्योगों को कुछ प्रोत्साहन और रियायतें भी देना आवश्यक है, यह सोचकर उद्योग कैबिनेट उप-समिति ने इन उद्योगों के लिए 28 जून 2023 को हुई अपनी बैठक में रियायतों की घोषणा की है।  
जेम्स एण्ड ज्वेलरी पार्क को स्टाम्प ड्यूटी में रियायत देने का निर्णय कैबिनेट उप समिति ने लिया। इस पार्क के लिए महाराष्ट्र औद्योगिक विकास निगम को 3 चटई क्षेत्र निर्देशांक (एफएसआई) पहले ही दिया जा चुका है। अतिरिक्त 2 एफएसआई प्रदान करने का निर्णय लिया गया। इसके अलावा 2 एफएसआई में से 1 एफएसआई का उपयोग प्रयोगशाला में विकसित हीरा उद्योग के लिए किया जाएगा। शेष 1 अतिरिक्त मैट क्षेत्र निर्देशांक का उपयोग करके विकसित क्षेत्र एमआईडीसी को निःशुल्क हस्तांतरित किया जाएगा। उक्त विकसित क्षेत्र रत्न एवं आभूषण के साथ-साथ लैब ग्रोन डायमंड सेक्टर से संबंधित अन्य उद्योगों के लिए आरक्षित रहेगा।
स्थापित होनेवाली इकाइयों के लिए पहले लीज एग्रीमेंट पर स्टांप शुल्क से छूट दी जाएगी। पार्क इकाइयों को 50 प्रतिशत वस्तु एवं सेवा कर का रिफंड 5 साल तक दिया जाएगा। लैब ग्रो डायमंड उद्योग यह एक नया सेक्टर राज्य में विकसित होने के लिए विशेष मामले के रूप में, इन घटकों के लिए 2 रुपये प्रति यूनिट के शुल्क से 5 वर्षों तक बिजली रियायत दाम मेें प्रदान की जाएगी। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम इकाइयों के लिए 5 वर्षों के लिए बिजली शुल्क माफी प्रदान की जाएगी। सभी प्रोत्साहनों प्रति इकाई पात्र निवेश के 100 प्रतिशत सीमा के भीतर का भुगतान करने का भी निर्णय कैबिनेट उप-समिति ने लिया है।

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