-स्वास्थ्य पर खर्च दोगुना होगा, निवेश बढ़ेगा
-34 जिलों में सर्वसुविधायुक्त, सुपर स्पेशियलिटी जिला अस्पताल स्थापित करने के निर्देश
-दो सप्ताह में योजना तैयार की जाएगी
-दवाओं की खरीद, रिक्त पदों की भर्ती तुरंत पूरी की जाएगी
मुंबई, अक्टूबर (जनसंपर्क कक्ष, मुख्यमंत्री सचिवालय द्वारा)
राज्य सरकार ने राज्य में समग्र स्वास्थ्य व्यवस्था में आमूल-चूल परिवर्तन की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। सार्वजनिक स्वास्थ्य पर खर्च दोगुना करने, सभी जिलों में सभी सुविधाओंवाले विशेष अस्पताल स्थापित करने और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत करने के लिए युद्ध स्तर पर कदम उठाने का निर्देश मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने दिया है। अगले 15 दिनों में सचिव समिति ने नए मेडिकल कॉलेजों के जोड़ी ने राज्य के 34 जिलों में सर्वसुविधा युक्त जिला अस्पताल स्थापित करने की योजना तैयार करने को कहा गया है। वर्ष 2035 तक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा पर विचार करते हुए राज्य के लिए स्वास्थ्य की समग्र दृष्टि तैयार करने के लिए विशेषज्ञों की एक समिति नियुक्त करने का भी निर्देश मुख्यमंत्री ने दिया।
राज्य में सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था के संबंध में आयोजित समीक्षा बैठक में वे बोल रहे थे। बैठक में उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने स्वास्थ्य निवेश और पद भर्ती के बारे में भी निर्देश दिये। बैठक में कृति दल के अध्यक्ष डॉ. दीपक सावंत, स्वास्थ्य मंत्री प्रा.डॉ.तानाजी सावंत, वैद्यकीय शिक्षण मंत्री हसन मुश्रीफ, मुख्य सचिव मनोज सौनिक, सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव मिलिंद म्हैसकर, वैद्यकीय शिक्षण विभाग के प्रधान सचिव दिनेश वाघमारे, संचालक वैद्यकीय शिक्षण डॉ. दिलीप म्हैसेकर, वैद्यकीय आयुक्त राजीव निवतकर, आयुक्त स्वास्थ्य सेवा धीरजकुमार साथ ही अन्य सचिव उपस्थित थे।
जिलाधिकारी तत्काल दवाएँ एवं उपकरण क्रय करें
जिलाधिकारियों को जिला योजना से दवाएँ क्रय करने का अधिकार दिया गया है। अत: वे बिना समय बर्बाद किये अपने-अपने जिले में टैरिफ के अनुसार दवा एवं चिकित्सा उपकरण तत्काल क्रय कर लें। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जीवनरक्षक एवं आवश्यक दवाओं की खरीद अलग मूल्य सूची मंगाकर की जाये। किसी भी स्थिति में यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी जिले के अस्पतालों से दवा न मिलने की शिकायत न मिले, इसे ध्यान से देखना चाहिए।
जिला अस्पतालों को अद्यतन किया जाएगा
मेडिकल कॉलेजों से संबद्धता के कारण 13 जिला अस्पतालों के बंद होने तथा 12 जिला अस्पतालों को चिकित्सा शिक्षा विभाग को हस्तांतरित किये जाने को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने 25 जिलों में नये अत्याधुनिक एवं सर्वसुविधायुक्त जिला अस्पताल बनाने का निर्देश दिया। वर्तमान में मेडिकल कॉलेजों से जुड़े जिला अस्पतालों को उन्नयन करने के निर्देश मुख्यमंत्री ने दिए। जन स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव, वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव, चिकित्सा शिक्षा सचिव की समिति ने अगले 15 दिनों में यह योजना तैयार करनी चाहिए। उन्होंने यह निर्देश दिये कि 14 जिलों के महिला अस्पतालों को भी पर्याप्त रूप से सुदृढ़ किया जाये। राज्य के जिला अस्पतालों में बड़ी सर्जरी की सुविधा होनी चाहिए। उन्होंने कहा, प्राथमिक उप-केंद्र, उप-जिला अस्पताल सक्षम हो जाएं तो शहर में सरकारी स्वास्थ्य प्रणालियों पर कोई दबाव नहीं पड़ेगा।
स्वास्थ्य व्यय बढ़ाएं
राज्य में सार्वजनिक स्वास्थ्य पर खर्च बढ़ाना जरूरी है। स्वास्थ्य क्षेत्र में भी अधिक निवेश होना चाहिए। 15वें वित्त आयोग द्वारा जारी धनराशि अगले मार्च तक खर्च हो जानी चाहिए। स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे पर अपेक्षित व्यय भी पूरा किया जाना चाहिए। यह निर्देश मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने दिये। एम्बुलेंस, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, स्वास्थ्य संस्थानों के निर्माण, चिकित्सा उपकरण आदि के लिए अनुपूरक मांग के साथ 8331 करोड़ की धनराशि स्वीकृत है और 1263 करोड़ की अतिरिक्त धनराशि की भी आवश्यकता है। हुडको द्वारा 141 स्वास्थ्य संस्थानों के निर्माण के लिए 3948 करोड़ निधि स्वीकृत की गई है, उसे भी समय पर खर्च किया जाये। नए स्वास्थ्य संस्थानों के लिए एशियाई विकास बैंक से 5177 करोड़ का ऋण मिलनेवाला है। केंद्र सरकार जितनी जरूरत होगी उतनी धनराशि उपलब्ध कराने को तैयार है। लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग 31 मार्च तक प्राप्त धनराशि की अधिकतम राशि खर्च करें।
प्राधिकरण पर तत्काल किसी अधिकारी की नियुक्ति की जाए
महाराष्ट्र चिकित्सा आपूर्ति खरीद प्राधिकरण पर भारतीय प्रशासनिक सेवा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और 8 अन्य पदों पर तुरंत नियुक्ति करने का भी निर्देश मुख्यमंत्री ने दिया है। उन्होंने कहा कि इसके अलावा विभाग आवश्यक 45 पद सृजित करने के लिए वित्त विभाग को प्रस्ताव भेजे।
पदों की भर्ती में तेजी लाई जाए
वर्तमान में जन स्वास्थ्य विभाग में इस समय 19 हजार 695 पद खाली हैं और इन्हें टीसीएस के माध्यम से भरने की प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने यह सुनिश्चित करने का भी सुझाव दिया कि ये पद अगले महीने तक भरे जायें। 38 हजार 151 पद पहले से भरे जा चुके हैं। ऐसी जानकारी बैठक में दी गयी।
अनुकंपा पदों को शीघ्र भरा जाए
प्रत्येक जिला कलेक्टर अपने जिले में स्वास्थ्य विभाग में तकनीकी पदों पर अनुकंपा पदों पर भर्ती हेतु शीघ्र कार्यवाही करें।
नौ और परिमंडल बनाए जाएंगे
राज्य में स्वास्थ्य विभाग के 8 सर्कल्स हैं। मुख्यमंत्री ने बढ़ती जनसंख्या और मरीजों के तनाव को देखते हुए 9 और सर्कल बनाने का तत्काल प्रस्ताव देने का भी निर्देश दिया।
ग्रामीण क्षेत्रों में टेलीमेडिसिन प्रणाली
ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में टेलीमेडिसिन का उपयोग बढ़ाने से अन्य जगहों पर स्वास्थ्य प्रणालियों पर दबाव कम होगा। यह निर्देश उपमुख्यमंत्री श्री फडणवीस ने दिए। उनके अनुसार मुख्यमंत्री श्री शिंदे ने निर्देश दिया कि जहां भी आवश्यक हो, ऐसी व्यवस्था तुरंत लागू की जानी चाहिए।
स्वच्छता, पेयजल पर जोर दिया जाए
जिला कलेक्टरों ने स्वयं अपने अधिकारियों के माध्यम से जिला अस्पतालों के साथ-साथ ग्रामीण और अन्य सरकारी अस्पतालों का नियमित दौरा शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री ने इस पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि इससे निश्चित रूप से फर्क पड़ेगा। अस्पताल में अच्छी स्वच्छता, पीने का पानी, शौचालय आदि सुविधा हों, इस ओर ध्यान रखा जाना चाहिए।
मच्छरों के संक्रमण को रोकें
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि प्रशासन को राज्य में मच्छरों के कारण होने वाले मलेरिया और डेंगू को लेकर भी उचित सावधानी बरतनी चाहिए, रक्तदान शिविरों का आयोजन करना चाहिए, ब्लड बैंकों का दौरा करना चाहिए और जन जागरूकता पैदा करनी चाहिए।
-34 जिलों में सर्वसुविधायुक्त, सुपर स्पेशियलिटी जिला अस्पताल स्थापित करने के निर्देश
-दो सप्ताह में योजना तैयार की जाएगी
-दवाओं की खरीद, रिक्त पदों की भर्ती तुरंत पूरी की जाएगी
मुंबई, अक्टूबर (जनसंपर्क कक्ष, मुख्यमंत्री सचिवालय द्वारा)
राज्य सरकार ने राज्य में समग्र स्वास्थ्य व्यवस्था में आमूल-चूल परिवर्तन की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। सार्वजनिक स्वास्थ्य पर खर्च दोगुना करने, सभी जिलों में सभी सुविधाओंवाले विशेष अस्पताल स्थापित करने और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत करने के लिए युद्ध स्तर पर कदम उठाने का निर्देश मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने दिया है। अगले 15 दिनों में सचिव समिति ने नए मेडिकल कॉलेजों के जोड़ी ने राज्य के 34 जिलों में सर्वसुविधा युक्त जिला अस्पताल स्थापित करने की योजना तैयार करने को कहा गया है। वर्ष 2035 तक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा पर विचार करते हुए राज्य के लिए स्वास्थ्य की समग्र दृष्टि तैयार करने के लिए विशेषज्ञों की एक समिति नियुक्त करने का भी निर्देश मुख्यमंत्री ने दिया।
राज्य में सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था के संबंध में आयोजित समीक्षा बैठक में वे बोल रहे थे। बैठक में उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने स्वास्थ्य निवेश और पद भर्ती के बारे में भी निर्देश दिये। बैठक में कृति दल के अध्यक्ष डॉ. दीपक सावंत, स्वास्थ्य मंत्री प्रा.डॉ.तानाजी सावंत, वैद्यकीय शिक्षण मंत्री हसन मुश्रीफ, मुख्य सचिव मनोज सौनिक, सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव मिलिंद म्हैसकर, वैद्यकीय शिक्षण विभाग के प्रधान सचिव दिनेश वाघमारे, संचालक वैद्यकीय शिक्षण डॉ. दिलीप म्हैसेकर, वैद्यकीय आयुक्त राजीव निवतकर, आयुक्त स्वास्थ्य सेवा धीरजकुमार साथ ही अन्य सचिव उपस्थित थे।
जिलाधिकारी तत्काल दवाएँ एवं उपकरण क्रय करें
जिलाधिकारियों को जिला योजना से दवाएँ क्रय करने का अधिकार दिया गया है। अत: वे बिना समय बर्बाद किये अपने-अपने जिले में टैरिफ के अनुसार दवा एवं चिकित्सा उपकरण तत्काल क्रय कर लें। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जीवनरक्षक एवं आवश्यक दवाओं की खरीद अलग मूल्य सूची मंगाकर की जाये। किसी भी स्थिति में यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी जिले के अस्पतालों से दवा न मिलने की शिकायत न मिले, इसे ध्यान से देखना चाहिए।
जिला अस्पतालों को अद्यतन किया जाएगा
मेडिकल कॉलेजों से संबद्धता के कारण 13 जिला अस्पतालों के बंद होने तथा 12 जिला अस्पतालों को चिकित्सा शिक्षा विभाग को हस्तांतरित किये जाने को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने 25 जिलों में नये अत्याधुनिक एवं सर्वसुविधायुक्त जिला अस्पताल बनाने का निर्देश दिया। वर्तमान में मेडिकल कॉलेजों से जुड़े जिला अस्पतालों को उन्नयन करने के निर्देश मुख्यमंत्री ने दिए। जन स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव, वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव, चिकित्सा शिक्षा सचिव की समिति ने अगले 15 दिनों में यह योजना तैयार करनी चाहिए। उन्होंने यह निर्देश दिये कि 14 जिलों के महिला अस्पतालों को भी पर्याप्त रूप से सुदृढ़ किया जाये। राज्य के जिला अस्पतालों में बड़ी सर्जरी की सुविधा होनी चाहिए। उन्होंने कहा, प्राथमिक उप-केंद्र, उप-जिला अस्पताल सक्षम हो जाएं तो शहर में सरकारी स्वास्थ्य प्रणालियों पर कोई दबाव नहीं पड़ेगा।
स्वास्थ्य व्यय बढ़ाएं
राज्य में सार्वजनिक स्वास्थ्य पर खर्च बढ़ाना जरूरी है। स्वास्थ्य क्षेत्र में भी अधिक निवेश होना चाहिए। 15वें वित्त आयोग द्वारा जारी धनराशि अगले मार्च तक खर्च हो जानी चाहिए। स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे पर अपेक्षित व्यय भी पूरा किया जाना चाहिए। यह निर्देश मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने दिये। एम्बुलेंस, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, स्वास्थ्य संस्थानों के निर्माण, चिकित्सा उपकरण आदि के लिए अनुपूरक मांग के साथ 8331 करोड़ की धनराशि स्वीकृत है और 1263 करोड़ की अतिरिक्त धनराशि की भी आवश्यकता है। हुडको द्वारा 141 स्वास्थ्य संस्थानों के निर्माण के लिए 3948 करोड़ निधि स्वीकृत की गई है, उसे भी समय पर खर्च किया जाये। नए स्वास्थ्य संस्थानों के लिए एशियाई विकास बैंक से 5177 करोड़ का ऋण मिलनेवाला है। केंद्र सरकार जितनी जरूरत होगी उतनी धनराशि उपलब्ध कराने को तैयार है। लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग 31 मार्च तक प्राप्त धनराशि की अधिकतम राशि खर्च करें।
प्राधिकरण पर तत्काल किसी अधिकारी की नियुक्ति की जाए
महाराष्ट्र चिकित्सा आपूर्ति खरीद प्राधिकरण पर भारतीय प्रशासनिक सेवा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और 8 अन्य पदों पर तुरंत नियुक्ति करने का भी निर्देश मुख्यमंत्री ने दिया है। उन्होंने कहा कि इसके अलावा विभाग आवश्यक 45 पद सृजित करने के लिए वित्त विभाग को प्रस्ताव भेजे।
पदों की भर्ती में तेजी लाई जाए
वर्तमान में जन स्वास्थ्य विभाग में इस समय 19 हजार 695 पद खाली हैं और इन्हें टीसीएस के माध्यम से भरने की प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने यह सुनिश्चित करने का भी सुझाव दिया कि ये पद अगले महीने तक भरे जायें। 38 हजार 151 पद पहले से भरे जा चुके हैं। ऐसी जानकारी बैठक में दी गयी।
अनुकंपा पदों को शीघ्र भरा जाए
प्रत्येक जिला कलेक्टर अपने जिले में स्वास्थ्य विभाग में तकनीकी पदों पर अनुकंपा पदों पर भर्ती हेतु शीघ्र कार्यवाही करें।
नौ और परिमंडल बनाए जाएंगे
राज्य में स्वास्थ्य विभाग के 8 सर्कल्स हैं। मुख्यमंत्री ने बढ़ती जनसंख्या और मरीजों के तनाव को देखते हुए 9 और सर्कल बनाने का तत्काल प्रस्ताव देने का भी निर्देश दिया।
ग्रामीण क्षेत्रों में टेलीमेडिसिन प्रणाली
ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में टेलीमेडिसिन का उपयोग बढ़ाने से अन्य जगहों पर स्वास्थ्य प्रणालियों पर दबाव कम होगा। यह निर्देश उपमुख्यमंत्री श्री फडणवीस ने दिए। उनके अनुसार मुख्यमंत्री श्री शिंदे ने निर्देश दिया कि जहां भी आवश्यक हो, ऐसी व्यवस्था तुरंत लागू की जानी चाहिए।
स्वच्छता, पेयजल पर जोर दिया जाए
जिला कलेक्टरों ने स्वयं अपने अधिकारियों के माध्यम से जिला अस्पतालों के साथ-साथ ग्रामीण और अन्य सरकारी अस्पतालों का नियमित दौरा शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री ने इस पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि इससे निश्चित रूप से फर्क पड़ेगा। अस्पताल में अच्छी स्वच्छता, पीने का पानी, शौचालय आदि सुविधा हों, इस ओर ध्यान रखा जाना चाहिए।
मच्छरों के संक्रमण को रोकें
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि प्रशासन को राज्य में मच्छरों के कारण होने वाले मलेरिया और डेंगू को लेकर भी उचित सावधानी बरतनी चाहिए, रक्तदान शिविरों का आयोजन करना चाहिए, ब्लड बैंकों का दौरा करना चाहिए और जन जागरूकता पैदा करनी चाहिए।

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