पुणे, अक्टूबर (हड़पसर एक्सप्रेस न्यूज़ नेटवर्क)
कोर ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड मैकेनिकल इंजीनियर्स (ई. एम. ई.) ने 14 अक्टूबर 2023 को अपना 81वां ई. एम. ई. कोर दिवस मनाया। कार्यक्रम के दौरान, पद्मश्री पुरस्कार विजेता, क्राफ्ट्समैन (सेवानिवृत्त) मुरलीकांत राजाराम पेटकर को सम्मानित किया गया।
श्री पेटकर का जीवन एक असाधारण कहानी है। यह उनके अदम्य साहस और दृढ़ संकल्प की कहानी है, जिसने उन्हें महाराष्ट्र के कुश्ती क्षेत्र से विभिन्न खेल आयोजनों में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए प्रेरित किया। वह अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में 12 स्वर्ण, राष्ट्रीय स्तर पर 34 स्वर्ण और राज्यस्तर पर 40 स्वर्ण पदक जीतने वाले भारत के पहले पैरालंपिक स्वर्ण पदक विजेता हैं। टोक्यो में मुक्केबाजी में भारतीय सेना का प्रतिनिधित्व करने के बाद उनकी यात्रा शुरू हुई। 1965 भारत-पाक युद्ध के दौरान गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद भी उन्होंने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति के बल पर 1972 के ग्रीष्मकालीन पैरालिंपिक में तैराकी में स्वर्ण पदक जीता। पहले ‘शिव छत्रपति राज्य खेल पुरस्कार’ से सम्मानित होने के बाद, वर्ष 2018 में तत्कालीन राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद ने उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया। उनकी इस संघर्षपूर्ण कहानी को जल्द ही एक फीचर फिल्म ‘चंदू चैंपियन’ में दर्शाया जाएगा।
कोर ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड मैकेनिकल इंजीनियर्स (ई. एम. ई.) ने 14 अक्टूबर 2023 को अपना 81वां ई. एम. ई. कोर दिवस मनाया। कार्यक्रम के दौरान, पद्मश्री पुरस्कार विजेता, क्राफ्ट्समैन (सेवानिवृत्त) मुरलीकांत राजाराम पेटकर को सम्मानित किया गया।
श्री पेटकर का जीवन एक असाधारण कहानी है। यह उनके अदम्य साहस और दृढ़ संकल्प की कहानी है, जिसने उन्हें महाराष्ट्र के कुश्ती क्षेत्र से विभिन्न खेल आयोजनों में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए प्रेरित किया। वह अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में 12 स्वर्ण, राष्ट्रीय स्तर पर 34 स्वर्ण और राज्यस्तर पर 40 स्वर्ण पदक जीतने वाले भारत के पहले पैरालंपिक स्वर्ण पदक विजेता हैं। टोक्यो में मुक्केबाजी में भारतीय सेना का प्रतिनिधित्व करने के बाद उनकी यात्रा शुरू हुई। 1965 भारत-पाक युद्ध के दौरान गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद भी उन्होंने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति के बल पर 1972 के ग्रीष्मकालीन पैरालिंपिक में तैराकी में स्वर्ण पदक जीता। पहले ‘शिव छत्रपति राज्य खेल पुरस्कार’ से सम्मानित होने के बाद, वर्ष 2018 में तत्कालीन राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद ने उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया। उनकी इस संघर्षपूर्ण कहानी को जल्द ही एक फीचर फिल्म ‘चंदू चैंपियन’ में दर्शाया जाएगा।
लेफ्टिनेंट जनरल अजय कुमार सिंह, अति विशिष्ट सेवा मेडल, युद्ध सेवा मेडल, सेना मेडल, विशिष्ट सेवा मेडल, जनरल ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ, दक्षिणी कमान ने श्री पेटकर को व्यक्तिगत रूप से सम्मानित करते हुए कहा, ‘यह हमारा सौभाग्य है कि श्री पेटकर जैसे दिग्गज आज हमारे बीच में उपस्थित हैं। उनका जीवन समर्पण और धैर्य का प्रतीक है।’


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