हड़पसर, अक्टूबर (हड़पसर एक्सप्रेस न्यूज़ नेटवर्क)
छात्रों के बीच नई तकनीकी प्रगति को बढ़ावा देने के लिए एमआईटी यूनिवर्सिटी ऑफ़ आर्ट, डिज़ाइन एंड टेक्नोलॉजी में स्मार्ट इंडिया हैकथॉन प्रतियोगिता का प्रारंभिक दौर आयोजित किया गया था। प्रतियोगिता का आयोजन केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के इनोवेशन सेल अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद के तत्वावधान में किया गया था।
प्रतियोगिता में खाद्य प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग, डिजाइन, जैव प्रौद्योगिकी और व्यवसाय सहित विभिन्न पृष्ठभूमि के 133 समूहों के 800 से अधिक छात्रों ने भाग लिया, जिसमें छात्रों ने दो तरह के सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर में अपने इनोवेटिव रिसर्च को प्रस्तुत किया। प्रोजेक्ट ‘वे टू गो’ ने हार्डवेयर श्रेणी में और ‘अविन्या’ ने सॉफ्टवेयर श्रेणी में पहला स्थान हासिल किया। चूँकि यह प्रतियोगिता का प्रारंभिक दौर है, लगभग 30 परियोजनाओं को अगले दौर के लिए चुना गया है।
प्रतियोगिता का उद्घाटन एवं समापन समारोह राज कपूर ऑडिटोरियम में आयोजित किया गया था। इस अवसर पर यहां विश्वविद्यालय के कुलपति और कार्यकारी अध्यक्ष प्रो. डॉ. मंगेश कराड, डॉ. सुनिता कराड, स्कूल ऑफ बायोइंजीनियरिंग एंड रिसर्च के प्रमुख प्रो. डॉ. रेनू व्यास, डॉ. मोहित दुबे, डॉ. वीरेंद्र भोजवानी, डॉ. सूरज भोयर के साथ अन्य अतिथिगण प्रमुख रूप से उपस्थित थे। प्रतियोगिता की योजना कंप्यूटिंग स्कूल की प्रमुख प्रोफेसर डॉ.रेखा सुगंधी एवं प्रो.सुरेश कापरे द्वारा बनाई गई थी।
समापन समारोह में बोलते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति और कार्यकारी अध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. मंगेश कराड ने कहा कि छात्रों में खोज प्रवृत्ति को प्रोत्साहित करने के लिए यह प्रतियोगिता बहुत महत्वपूर्ण है। हैकथॉन जैसी प्रतियोगिता प्रदर्शन के माध्यम से मानव जाति के लाभ के लिए छात्र के ज्ञान को बदलने के लिए एक महान मंच प्रदान करता है।
प्रतियोगिता को सफल बनाने के लिए प्रा. अश्विनकुमार महिंद्रकर, डॉ.संतोष दराडे, राकेश सिद्धेश्वर और संदीप मादीवाल ने अथक परिश्रम किया।


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