पुणे की विकास योजना का अध्ययन किए बिना महामेट्रो का काम, जनता का करोड़ों का नुकसान : महामेट्रो को नोटिस देकर थक गया मनपा, लेकिन कार्रवाई क्यों नहीं ? : आप का सवाल
पुणे , अक्टूबर, (हड़पसर एक्सप्रेस न्यूज़ नेटवर्क)
महामेट्रो के अधिकारीगण महानगरपालिका के विकास योजना के प्रावधानों का अध्ययन किए बिना अपना काम कर रहे हैं। लोगों को करोड़ों का नुकसान हो रहा है यह आरोप लगाते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी ने महामेट्रो के मनमानी के खिलाफ पहल करते हुए वाकडेवाड़ी में निदर्शन किया।
इस आंदोलन के दौरान आंदोलनकारियों ने तीन प्रमुख मांगें रखी हैं। आप का आरोप है कि कई वर्षों से अधिभोग का और विकास योजना के अनुसार नतावाड़ी से कृषि महाविद्यालय के पीछे के गेट की सड़क बंद कर दी गई है और वहां अतिक्रमण कर दो मंजिला निर्माण कर लिया गया है और साइड मार्जिन नहीं रखा गया है।
इस बारे में महानगरपालिका ने महामेट्रो को निर्माण को तुरंत निकालने का नोटिस जारी किया है, ऐसा रहकर भी
महामेट्रो ने अभी भी यह कहते हुए इस सड़क को नहीं खोला है कि यह एक अस्थायी निर्माण है। इस सड़क के खुलने से स्थानीय निवासियों के साथ-साथ छात्रों और वरिष्ठ नागरिकों को भी फायदा होगा। साथ ही आपदा के दौरान कृषि महाविद्यालय में आने-जाने के लिए अब एक ही रास्ता खुला है, इसलिए स्थानीय लोग इस सड़क को खोलने की मांग कर रहे हैं।
नतावाडी मेट्रो डिपो से खड़की सिंचाई नगर तक 60 फीट की सड़क विकास योजना में प्रस्तावित है, लेकिन महा मेट्रो ने इस सड़क पर अतिक्रमण कर रेलवे ट्रैक बिछा दिया है। यह डीपी रोड खड़की तक पुराने पुणे मुंबई राजमार्ग के समानांतर है और वहां से सिंचन नगर तक जाती है। इससे मेट्रो यात्रियों को सुविधा मिलेगी और राजमार्गों पर यातायात का दबाव कम होने की उम्मीद है, लेकिन अब क्योंकि यह सड़क गायब हो गई है तो पहले आप ने इसके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी।
इस पर पुणे के विधायकों ने कहा था कि वे इस सड़क को रद्द नहीं होने देंगे। दरअसल, महा मेट्रो ने राज्य सरकार को प्रस्ताव दिया है कि इस सड़क को रद्द कर दिया जाए। यदि यह सड़क रद्द की जाती है, तो भविष्य में इस क्षेत्र के लोगों को ट्रैफिक जाम से परेशानी हो सकती है और वाकडेवाडी से खड़की राजमार्ग पर भी ट्रैफिक जाम हो सकता है। इसलिए यह डीपी रोड होनी आवश्यक है। इस संबंध में उपविभागीय अधिकारी पुणे और निर्माण विभाग की ओर से महा मेट्रो को नोटिस जारी किया गया है, लेकिन महा मेट्रो ढिलाई बरत रही है और इन नोटिसों को अनदेखा कर रही है। यह आरोप आम आदमी पार्टी ने लगाया है।
एसएससी बोर्ड और आकाशवाणी के बीच से शिवाजीनगर एसटी स्टैंड की ओर जानेवाली सड़क पर महा मेट्रो ने एक प्रवेश निकास का निर्माण किया है। इससे इस स्थान पर प्रस्तावित 30 मीटर सड़क बाधित हो रही है। चूंकि प्रस्तावित सड़क में महा मेट्रो का निर्माण आ रहा है, भविष्य में शिवाजीनगर रेलवे स्टेशन एसटी स्टैंड और मेट्रो की ओर जानेवाला यातायात एसएससी बोर्ड के पास फंस जाएगा ऐसी संभावना है।
इस संबंध में मनपा निर्माण विभाग ने पहले ही महा मेट्रो को नोटिस देकर इस निर्माण को हटाने के लिए कहा था, लेकिन अभी तक इस संबंध में कोई कार्रवाई नहीं की गई। उलटा इस निर्माण को पूरा किया जा रहा है। दरअसल, विकास के नक्शे स्पष्ट होने के बावजूद भी महा मेट्रो बिना पर्याप्त अध्ययन किए ही निर्माण कार्य और नक्शे आगे चल रहा है, जिससे ऐसा लगता है कि भविष्य में कई जगहों पर दिक्कतें होंगी। महा मेट्रो की पुणे शहर में कई गलतियां देखने को मिली हैं।
इन तकनीकी पहलुओं में ढिलाई की कीमत करोड़ों रुपये में होती है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या महामेट्रो के अधिकारी इस मामले में सक्षम नहीं हैं या लापरवाह हैं। आम आदमी पार्टी ने इन तीनों आपत्तियों पर तत्काल कार्रवाई कर रिपोर्ट देने की मांग की है, अन्यथा इस संबंध में और उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
आज के निदर्शन में शंकर थोरात, मुकुंद किर्दत, अनिल पवार, सतिश यादव, प्रताप पेंद्राम, राजेंद्र गंगावणे, ज्ञानेश्वर जाधव, मुकेश गायकवाड, अंबादास गिरी, बालासाहब उडाणे, कासिम शेख, बालासाहब फरांदे, दिलीप रासकर, एकनाथ ताम्हाणे, अंकुश काकरे, मारुति जोशी, मारुती भंडारे, एस.एम.शिवले पाटिल, अशोक काले, राहुल भोसले, नाना बोत्रे, किरण कांबले, सईद अली, प्रशांत कांबले, एडवोकेट गणेश थरकुडे, विकास चव्हाण आदि उपस्थित थे।
इस दौरान महामेट्रो के कार्यकारी निदेशक हेमंत सोनावणे और कृषि महाविद्यालय के सहयोगी अधिष्ठाता, महामेट्रो के कार्यकारी संचालक हेमंत सोनावणे व कृषि महाविद्यालय सहयोगी अधिष्ठाता मासालकर को निवेदन दिया गया।


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