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मंत्रिमंडल बैठक : राज्य में लड़कियों के सशक्तिकरण के लिए ‘लेक लाड़की योजना’ लड़कियों को बनाएगी लखपति

मुंबई, अक्टूबर (महासंवाद)
राज्य में लड़कियों के सशक्तिकरण में के लिए ‘लेक लाडकी योजना’ लागू कर गरीब परिवारों की लड़कियों को लखपति बनाने का निर्णय कैबिनेट बैठक में लिया गया। बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने की। 
पीले और नारंगी राशन कार्ड धारक परिवार में लड़की के जन्म के बाद 5 हजार रुपये, कक्षा पहली में जाने के बाद 6 हजार रुपये, छठी कक्षा में जाने के बाद 7 हजार रुपये, 11 वीं कक्षा में जाने के बाद 8 हजार रुपये, 18 साल पूरे होने पर 75 हजार रुपये इस तरह लड़की को कुल 1 लाख 1 हजार रुपये का लाभ होगा। इस संबंध में बजट भाषण में उपमुख्यमंत्री तथा वित्त मंत्री देवेन्द्र फड़णवीस ने घोषणा की थी। माझी कन्या भाग्यश्री योजना 1 अप्रैल 2023 से जन्म लेनेवाली लड़कियों के लिए लागू की जाएगी।
लड़कियों के जन्म को प्रोत्साहित करके जन्म दर को बढ़ाना, बालिका शिक्षा को बढ़ावा देना, बालिका मृत्यु दर को कम करना और बाल विवाह को रोकना, कुपोषण को कम करना और लड़कियों को शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करने के लिए यह योजना लागू की जाएगी। 1 अप्रैल 2023 के बाद परिवार में जन्म लेने वाली 1 या 2 लड़कियों में से 1 लड़का और 1 लड़की है, तो लड़की को इस योजना का लाभ मिलेगा। यदि दूसरी डिलीवरी के दौरान जुड़वाँ बच्चे पैदा होते हैं तो 1 लड़का या दोनों लड़कियों को इस योजना का लाभ मिलेगा। दोनों जुड़वां बच्चों को अलग-अलग लाभ दिया जाएगा। लाभार्थी परिवार की वार्षिक आय 1 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए।
उदंचन जलविद्युत परियोजना के लिए नीति जलविद्युत में बड़ा निजी निवेश आएगा
सार्वजनिक निजी भागीदारी के माध्यम से उदंचन जलविद्युत परियोजना के लिए (Pumped Storage Projects) स्वतंत्र नीति लागू कर बड़े पैमाने पर निजी निवेश को जलविद्युत क्षेत्र में प्रोत्साहित करने का निर्णय कैबिनेट बैठक में लिया गया। बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने की। 
राज्य में 10 हजार 757 मेगावाट गैर परंपरागत ऊर्जा का उत्पादन किया गया है। 2025 तक इस ऊर्जा क्षमता को 25 हजार मेगावाट तक पहुंचाने का लक्ष्य है। सौर साथ ही हवा की गति के द्वारा निर्माण होनेवाली ऊर्जा पर्याप्त नहीं। परिणामस्वरूप, अशाश्वत नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता में अंतर समग्र रूप से ग्रिड के लिए चुनौतियाँ पैदा कर सकता है, इसलिए ऊर्जा भंडारण प्रणाली का महत्व है। इसमें अन्य पारंपरिक ऊर्जा प्रकल्प को ऊर्जा भंडारण प्रणालियों से ऊर्जा प्रदान करके ग्रिड को संतुलित किया जा सकता है। बिजली उत्पादन में रुकावट या ब्रेकडाउन की स्थिति में इस सिस्टम से ऊर्जा उपलब्ध हो सकेगी। केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय ने भी देश में उदंचन जलविद्युत परियोजनाओं को प्रोत्साहित करने का निर्णय लिया है।
इस नीति द्वारा उदंचन जलविद्युत प्रकल्प से (पीएसपी) मेगावाट स्तर की ऊर्जा भंडारण क्षमता के विकास, मौजूदा पंपयुक्त हाइड्रो सोलर हाइब्रिड पॉवर परियोजनाओं को बढ़ावा देना, आंतरखोरे स्थानांतरण के लिए उत्साहित करना साथ ही निजी क्षेत्र का निवेश आकर्षित होगा। इस संदर्भ में विकासक का चयन सीधे आवंटन या आपसी सहमति से प्रतिस्पर्धी निविदा प्रक्रिया के माध्यम से किया जाएगा।
उदंचन प्रकल्प के माध्यम से ऊर्जा भंडारण प्रणालियों के माध्यम से क्षमता बढ़ाई जा सकती है। इसके अलावा, यह पर्यावरण के अनुकूल और सस्ता है। वर्तमान में घाटघर में उदंचन परियोजना 2008 से चालू है।
सांगली, अहमदनगर जिले में जिला और अतिरिक्त सत्र न्यायालय
सांगली, अहमदनगर जिले में जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायालय शुरू करने का निर्णय कैबिनेट बैठक में लिया गया। बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने की। 
सांगली जिले के वीटा में जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायालय की स्थापना कर 19 नियमित पदों और 5 जनशक्ति सेवाओं को बाहरी यंत्रणा के माध्यम से लेने की मंजूरी दी गई। इस पर कुल लागत 1 करोड़ 50 लाख 68 हजार 256 रुपये आयेगी। इस नई अदालत में पलुस, वीटा, कडेगांव, आटपाडी तालुका के 1 हजार 913 मामलों को वर्गीकृत किया जाएगा। वर्तमान में वीटा में 2 सिविल न्यायालय (वरिष्ठ स्तर) और 3 सिविल न्यायालय (कनिष्ठ स्तर ) कार्यरत हैं।
अहमदनगर जिले के राहाता में जिला व अतिरिक्त सत्र न्यायालय की स्थापना की जाएगी। 19 नियमित पद और 6 जनशक्ति सेवाओं को बाहरी यंत्रणा के माध्यम से लेने की मंजूरी दी गई। इस पर कुल लागत 2 करोड़ 13 लाख 76 हजार 424 रुपये खर्चा आएगा। 
इस अदालत में कोपरगांव अदालत से कुल 1336 मामले वर्गीकृत किये जायेंगे। राहाता अदालत क्षेत्र में बड़ी संख्या में लंबित मामलों के कारण यह निर्णय लिया गया। 
फलटण से पंढरपुर नई ब्रॉड गेज रेलवे का काम अब रेल मंत्रालय द्वारा पूरा किया जाएगा
फलटण से पंढरपुर तक नई ब्रॉडगेज रेलवे लाइन को अब महारेल के बजाय रेल मंत्रालय द्वारा पूरा करने का निर्णय कैबिनेट बैठक में लिया गया। बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने की। 
फलटण से पंढरपुर तक रेलवे लाइन बनाने के लिए महाराष्ट्र रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कंपनी (महारेल) ने 1,842 करोड़ रुपये की लागत से एक परियोजना रिपोर्ट तैयार की थी। इसमें राज्य सरकार की भागीदारी 921 करोड़ रुपये है और यह फंड चरणबद्ध तरीके से उपलब्ध कराया जा रहा है। इस परियोजना को महारेल की जगह रेलवे विभाग द्वारा क्रियान्वित करने का निर्णय लिया गया है। 
भोसला मिलिट्री स्कूल के लिए नागपुर में भूमि
नासिक की भोसला मिलिट्री स्कूल को नागपुर में जमीन देने का फैसला कैबिनेट बैठक में लिया गया। बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने की। 
नागपुर में मौजा चक्कीखापा की स.क्र. 64/1, आराजी 21.19 एच.आर. यह जमीन 30 साल के लिए लीज पर दी जाएगी। भोसला मिलिट्री स्कूल नासिक में सेंट्रल हिंदू एजुकेशन सोसाइटी द्वारा चलाया जा रहा है और असाधारण गुणवत्ता और प्रसिद्ध संस्था के रूप में इस संस्था को स्थान देने का निर्णय लिया गया है। इस स्थान पर भारतीय प्रशासनिक पूर्व सेवा तैयारी प्रशिक्षण कक्षाएं आवासीय सुविधाओं और वरिष्ठ महाविद्यालय के साथ-साथ शुरू की जाएंगी।
विश्वविद्यालय  
के नाम में औरंगाबाद से बदलकर छत्रपति संभाजीनगर करने को मंजूरी
डॉ.बाबासाहेब अंबेडकर मराठवाड़ा विश्वविद्यालय के नाम में औरंगाबाद की जगह छत्रपति संभाजीनगर परिवर्तन करने की मंजूरी कैबिनेट बैठक में दी गई। बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने की। 
इसके चलते इस विश्वविद्यालय का नाम अब डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर मराठवाड़ा विश्वविद्यालय, छत्रपति संभाजीनगर हो गया है। इस विश्वविद्यालय के सामने उल्लिखित जिलों की सूची में भी औरंगाबाद के बजाय छत्रपति संभाजीनगर और उस्मानाबाद के बजाय धाराशिव में बदल दिया जाएगा। अध्ययन का नया पाठ्यक्रम, विषय, नए महाविद्यालय, अतिरिक्त कक्षा शुरू करने के लिए अब पहले की तारीख में बदले जाने से 15 नवंबर 2023 से पहले विश्वविद्यालय के कुलसचिव के पास निर्धारित प्रारूप में आवेदन करने के लिए मंजूरी दे दी गई है। 
पात्र पूर्व किरायेदार किसानों को 1 एकड़ से कम भूमि भी आवंटित की जाएगी
पात्र पूर्व किरायेदार किसानों को 1 एकड़ से कम भूमि आवंटित करने का निर्णय कैबिनेट बैठक में लिया गया। बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने की। 
महाराष्ट्र कृषि भूमि (भूमि धारण की अधिकतम सीमा) अधिनियम 1961 संशोधन अधिनियम 2012 के मार्गदर्शक सूचना 9.3 में संदर्भ संख्या 2 के तहत किरायेदार कृषक को 1 एकड़ से कम का क्षेत्र वापस करना है तो ऐसा क्षेत्र वापस नहीं किया जाना चाहिए ऐसा संशोधन किया गया था। हालाँकि पूर्व किरायेदार किसान की लगातार मांग को देखते हुए 1 एकड़ से कम देय क्षेत्र होने पर भी आवंटित करने का निर्णय लिया गया है। 
महाराष्ट्र धारण भूमि के टुकड़ों को तोड़ने पर रोक लगाने के संबंध में और उनके एकीकरण के संबंध में अधिनियम 1947 के तहत निर्धारित किए गए न्यूनतम मानक क्षेत्र का उल्लंघन किए बिना किसान को देय क्षेत्र आवंटित करने का निर्णय लिया गया।

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