-वित्त मंत्री अजीत पवार के नेतृत्व में ‘जीएसटी’ विभाग का दमदार प्रदर्शन
-प्रतिष्ठित ‘टीआईओएल’ राष्ट्रीय कर पुरस्कार से सम्मानित
-महाराष्ट्र को ‘मूल्यवर्धित कर प्रशासन’ श्रेणी में स्वर्ण और ‘सुधारवादी राज्य’ श्रेणी में ‘रजत’ पुरस्कार प्राप्त
मुंबई, अक्टूबर (महासंवाद)
देशभर में प्रतिष्ठित माने जाने वाले ‘टीआईओएल’ पुरस्कार से महाराष्ट्र के वस्तु एवं सेवा कर विभाग को सम्मानित किया गया है। महाराष्ट्र के जीएसटी विभाग को ‘मूल्य वर्धित कर प्रशासन’ की श्रेणी में स्वर्ण और ‘सुधारवादी राज्य’ की श्रेणी में रजत पदक से 5 अक्टूबर को दिल्ली में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में सम्मानित किया गया। राज्य के उपमुख्यमंत्री और वित्त एवं योजना मंत्री अजीत पवार के नेतृत्व में महाराष्ट्र के जीएसटी विभाग ने यह दमदार प्रदर्शन किया है।
‘टैक्स इंडिया ऑनलाइन डॉट कॉम’ और ‘टीआईओएल’ नेशनल टैक्स पुरस्कार पूरे देश में बेहद सम्मानित और प्रतिष्ठित माना जाता है। टैक्स इंडिया ऑनलाइन डॉटकॉम हर साल वित्तीय क्षेत्र के विभिन्न विभागों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले राज्यों और उनके वित्त विभागों को विभिन्न पुरस्कार देकर सम्मानित करता है। इस वर्ष इस प्रतियोगिता में देश के चौबीस राज्यों ने भाग लिया।
महाराष्ट्र के ‘वस्तु एवं सेवा कर’ विभाग द्वारा कार्यान्वित व्यापार सुविधा कार्यक्रम, करदाताओं को रिफंड में आसानी, अभय योजना, करदाताओं की समस्याओं का समाधान, राज्य द्वारा ‘जीएसटी’ परिषद में प्रभावी प्रतिनिधित्व, विवादों को कम करने के लिए प्रयास इन सभी कार्यों के मूल्यांकन के आधार पर राज्य को वर्ष 2023 के लिए ‘मूल्यवर्धित कर प्रशासन’ श्रेणी में स्वर्ण तो ‘सुधारवादी राज्य’ श्रेणी में ‘रजत’ पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। उपमुख्यमंत्री और राज्य के वित्त मंत्री अजीत पवार के नेतृत्व में महाराष्ट्र के जीएसटी विभाग ने शानदार काम किया है।
5 अक्टूबर को दिल्ली के होटल ताज में आयोजित एक भव्य समारोह में पुरस्कार वितरित किए गए। इस वर्ष देश भर से पुरस्कारों के लिए प्राप्त पांच सौ नामांकनों का मूल्यांकन किया गया। इसमें से विजेताओं का चयन किया गया। इस वर्ष की चयन समिति में सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश के. पटनायक, न्यायमूर्ति शिव कीर्ति सिंह, पूर्व वित्त सचिव और 15वें वित्त आयोग के सदस्य ए.एन. झा के साथ देश भर के प्रमुख व्यवसायी और कानूनी विशेषज्ञ शामिल थे। इस उपलब्धि के लिए पूरे देश से महाराष्ट्र को बधाइयां दी जा रही हैं।
-प्रतिष्ठित ‘टीआईओएल’ राष्ट्रीय कर पुरस्कार से सम्मानित
-महाराष्ट्र को ‘मूल्यवर्धित कर प्रशासन’ श्रेणी में स्वर्ण और ‘सुधारवादी राज्य’ श्रेणी में ‘रजत’ पुरस्कार प्राप्त
मुंबई, अक्टूबर (महासंवाद)
देशभर में प्रतिष्ठित माने जाने वाले ‘टीआईओएल’ पुरस्कार से महाराष्ट्र के वस्तु एवं सेवा कर विभाग को सम्मानित किया गया है। महाराष्ट्र के जीएसटी विभाग को ‘मूल्य वर्धित कर प्रशासन’ की श्रेणी में स्वर्ण और ‘सुधारवादी राज्य’ की श्रेणी में रजत पदक से 5 अक्टूबर को दिल्ली में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में सम्मानित किया गया। राज्य के उपमुख्यमंत्री और वित्त एवं योजना मंत्री अजीत पवार के नेतृत्व में महाराष्ट्र के जीएसटी विभाग ने यह दमदार प्रदर्शन किया है।
‘टैक्स इंडिया ऑनलाइन डॉट कॉम’ और ‘टीआईओएल’ नेशनल टैक्स पुरस्कार पूरे देश में बेहद सम्मानित और प्रतिष्ठित माना जाता है। टैक्स इंडिया ऑनलाइन डॉटकॉम हर साल वित्तीय क्षेत्र के विभिन्न विभागों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले राज्यों और उनके वित्त विभागों को विभिन्न पुरस्कार देकर सम्मानित करता है। इस वर्ष इस प्रतियोगिता में देश के चौबीस राज्यों ने भाग लिया।
महाराष्ट्र के ‘वस्तु एवं सेवा कर’ विभाग द्वारा कार्यान्वित व्यापार सुविधा कार्यक्रम, करदाताओं को रिफंड में आसानी, अभय योजना, करदाताओं की समस्याओं का समाधान, राज्य द्वारा ‘जीएसटी’ परिषद में प्रभावी प्रतिनिधित्व, विवादों को कम करने के लिए प्रयास इन सभी कार्यों के मूल्यांकन के आधार पर राज्य को वर्ष 2023 के लिए ‘मूल्यवर्धित कर प्रशासन’ श्रेणी में स्वर्ण तो ‘सुधारवादी राज्य’ श्रेणी में ‘रजत’ पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। उपमुख्यमंत्री और राज्य के वित्त मंत्री अजीत पवार के नेतृत्व में महाराष्ट्र के जीएसटी विभाग ने शानदार काम किया है।
5 अक्टूबर को दिल्ली के होटल ताज में आयोजित एक भव्य समारोह में पुरस्कार वितरित किए गए। इस वर्ष देश भर से पुरस्कारों के लिए प्राप्त पांच सौ नामांकनों का मूल्यांकन किया गया। इसमें से विजेताओं का चयन किया गया। इस वर्ष की चयन समिति में सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश के. पटनायक, न्यायमूर्ति शिव कीर्ति सिंह, पूर्व वित्त सचिव और 15वें वित्त आयोग के सदस्य ए.एन. झा के साथ देश भर के प्रमुख व्यवसायी और कानूनी विशेषज्ञ शामिल थे। इस उपलब्धि के लिए पूरे देश से महाराष्ट्र को बधाइयां दी जा रही हैं।


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