पुणे, अक्टूबर (जिमाका)
आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का लाभ लिया जाए, इसलिए सभी पात्र लाभार्थियों को ऑनलाइन पंजीकरण के साथ आयुष्मान भारत गोल्डन कार्ड लेना चाहिए। यह अपील जिलाधिकारी डॉ. राजेश देशमुख ने की है।
आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना भारत सरकार की एक स्वास्थ्य बीमा योजना है जिसे 23 सितंबर 2018 से राज्य में महात्मा ज्योतिराव फुले जन आरोग्य योजना के साथ संयुक्त रूप से शुरू किया गया है। संशोधित एकीकृत महात्मा ज्योतिराव फुले जन आरोग्य योजना और आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना राज्य में 1 अप्रैल, 2020 से लागू की गई है। आयुष्मान भारत योजना के तहत, अनुमोदित अस्पताल में भर्ती लाभार्थी को प्रति परिवार प्रति पॉलिसी वर्ष 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य कवच प्रदान किया जाता है।
5 लाख तक के अस्पताल खर्च का लाभ पॉलिसी वर्ष में परिवार के एक या सभी सदस्यों द्वारा उठाया जा सकता है। इस योजना में 1 हजार 209 शल्यक्रिया, चिकित्सा और उपचार शामिल है। पुणे जिले के 57 निजी और 12 सरकारी अस्पतालों सहित कुल 69 अस्पताल शामिल हैं।
जनगणना 2011 की सूची के अनुसार पुणे जिले के ग्रामीण क्षेत्र में 1 लाख 79 हजार 395 परिवार तथा शहरी क्षेत्र में 2 लाख 77 हजार 633 परिवार ऐसे 4 लाख 57 हजार 28 परिवार इस योजना के पात्र लाभार्थी हैं।
जिले में इस योजना के कुल पात्र लाभार्थी 16 लाख 88 हजार 687 हैं। अब तक केवल 4 लाख 26 हजार 373 लाभार्थियों ने ही आयुष्मान भारत गोल्डन कार्ड बनाया है। यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण स्वास्थ्य योजना है और सभी पात्र लाभार्थियों को आयुष्मान भारत कार्ड अवश्य बनवाना चाहिए।
गोल्डन कार्ड बनाने के लिए https://beneficial.nha.gov.in यह पोर्टल बनाया गया है। इसमें लाभार्थी स्वयं कार्ड निकाल सकता है। साथ ही आशा सेविकाओं को भी इस कार्ड को निकालने के लिए लॉगिन आईडी दी गई है। पुणे जिले में 1 हजार 19 आशा सेवकों के माध्यम से कार्ड बनाये जा सकते हैं।
https://aapkedwarayushman.pmjay.gov.in/-apkeDwar इस वेबसाइट पर लाभार्थियों की सूची उपलब्ध है। सभी पात्र लाभार्थी अपना आयुष्मान कार्ड निकालकर लें। यह अपील जिलाधिकारी डॉ. राजेश देशमुख ने की है।
आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का लाभ लिया जाए, इसलिए सभी पात्र लाभार्थियों को ऑनलाइन पंजीकरण के साथ आयुष्मान भारत गोल्डन कार्ड लेना चाहिए। यह अपील जिलाधिकारी डॉ. राजेश देशमुख ने की है।
आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना भारत सरकार की एक स्वास्थ्य बीमा योजना है जिसे 23 सितंबर 2018 से राज्य में महात्मा ज्योतिराव फुले जन आरोग्य योजना के साथ संयुक्त रूप से शुरू किया गया है। संशोधित एकीकृत महात्मा ज्योतिराव फुले जन आरोग्य योजना और आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना राज्य में 1 अप्रैल, 2020 से लागू की गई है। आयुष्मान भारत योजना के तहत, अनुमोदित अस्पताल में भर्ती लाभार्थी को प्रति परिवार प्रति पॉलिसी वर्ष 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य कवच प्रदान किया जाता है।
5 लाख तक के अस्पताल खर्च का लाभ पॉलिसी वर्ष में परिवार के एक या सभी सदस्यों द्वारा उठाया जा सकता है। इस योजना में 1 हजार 209 शल्यक्रिया, चिकित्सा और उपचार शामिल है। पुणे जिले के 57 निजी और 12 सरकारी अस्पतालों सहित कुल 69 अस्पताल शामिल हैं।
जनगणना 2011 की सूची के अनुसार पुणे जिले के ग्रामीण क्षेत्र में 1 लाख 79 हजार 395 परिवार तथा शहरी क्षेत्र में 2 लाख 77 हजार 633 परिवार ऐसे 4 लाख 57 हजार 28 परिवार इस योजना के पात्र लाभार्थी हैं।
जिले में इस योजना के कुल पात्र लाभार्थी 16 लाख 88 हजार 687 हैं। अब तक केवल 4 लाख 26 हजार 373 लाभार्थियों ने ही आयुष्मान भारत गोल्डन कार्ड बनाया है। यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण स्वास्थ्य योजना है और सभी पात्र लाभार्थियों को आयुष्मान भारत कार्ड अवश्य बनवाना चाहिए।
गोल्डन कार्ड बनाने के लिए https://beneficial.nha.gov.in यह पोर्टल बनाया गया है। इसमें लाभार्थी स्वयं कार्ड निकाल सकता है। साथ ही आशा सेविकाओं को भी इस कार्ड को निकालने के लिए लॉगिन आईडी दी गई है। पुणे जिले में 1 हजार 19 आशा सेवकों के माध्यम से कार्ड बनाये जा सकते हैं।
https://aapkedwarayushman.pmjay.gov.in/-apkeDwar इस वेबसाइट पर लाभार्थियों की सूची उपलब्ध है। सभी पात्र लाभार्थी अपना आयुष्मान कार्ड निकालकर लें। यह अपील जिलाधिकारी डॉ. राजेश देशमुख ने की है।

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