मुंबई, अक्टूबर (महासंवाद)
उच्च और तकनीकी शिक्षा विभाग और ग्रंथालय निदेशालय कम्प्यूटरीकृत ग्रंथालय अनुदान प्रबंधन प्रणाली (Library Grant Management System) विकसित की है। इस प्रणाली का शुभारंभ मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने मंत्रालय में किया। इस अवसर पर यहां उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव विकासचंद्र रस्तोगी, महाआईटी की व्यवस्थापकीय संचालक जयश्री भोज, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के उपसचिव प्रताप लुबाल, ग्रंथालय संचालक दत्तात्रेय क्षीरसागर सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
इस ऑनलाइन प्रणाली के माध्यम से ग्रंथालय अनुदान से संबंधित सभी कार्य ऑनलाइन पद्धति से शुरू हो जाएंगे और ग्रंथालयों के कार्यों की सभी जानकारी एक क्लिक पर उपलब्ध होगी। अनुदान वितरण प्रक्रिया के जिलास्तरीय चरण को कम कर दिया गया है। राज्य के सभी ग्रंथालयों को एक ही दिन और एक ही समय पर अनुदान मिलेगा। इस बारे में जानकारी भी ग्रंथालय को एसएमएसद्वारा मोबाइल पर उपलब्ध होगी।
राज्य में ग्रंथालयों की कार्य रिपोर्ट अब सीधे कार्यालय में या डाक के माध्यम से जमा करना अब आवश्यक नहीं होगा। इस प्रणाली के कारण कार्य रिपोर्ट ऑनलाइन पद्धति से भेजी जा सकेगी, जिससे समय और धन की बचत होने में मदद मिलेगी।
उच्च और तकनीकी शिक्षा विभाग और ग्रंथालय निदेशालय कम्प्यूटरीकृत ग्रंथालय अनुदान प्रबंधन प्रणाली (Library Grant Management System) विकसित की है। इस प्रणाली का शुभारंभ मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने मंत्रालय में किया। इस अवसर पर यहां उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव विकासचंद्र रस्तोगी, महाआईटी की व्यवस्थापकीय संचालक जयश्री भोज, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के उपसचिव प्रताप लुबाल, ग्रंथालय संचालक दत्तात्रेय क्षीरसागर सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
इस ऑनलाइन प्रणाली के माध्यम से ग्रंथालय अनुदान से संबंधित सभी कार्य ऑनलाइन पद्धति से शुरू हो जाएंगे और ग्रंथालयों के कार्यों की सभी जानकारी एक क्लिक पर उपलब्ध होगी। अनुदान वितरण प्रक्रिया के जिलास्तरीय चरण को कम कर दिया गया है। राज्य के सभी ग्रंथालयों को एक ही दिन और एक ही समय पर अनुदान मिलेगा। इस बारे में जानकारी भी ग्रंथालय को एसएमएसद्वारा मोबाइल पर उपलब्ध होगी।
राज्य में ग्रंथालयों की कार्य रिपोर्ट अब सीधे कार्यालय में या डाक के माध्यम से जमा करना अब आवश्यक नहीं होगा। इस प्रणाली के कारण कार्य रिपोर्ट ऑनलाइन पद्धति से भेजी जा सकेगी, जिससे समय और धन की बचत होने में मदद मिलेगी।

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