अण्णासाहेब मगर महाविद्यालय में विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस मनाया गया
हड़पसर, अक्टूबर (हड़पसर एक्सप्रेस न्यूज़ नेटवर्क)
छात्र दैनिक दिनचर्या की योजना बनाकर ध्यान और व्यायाम करने से मानसिक स्वास्थ्य में भी सुधार होगा, मानसिक स्वास्थ्य बेहतर होगा। आज के समय में अच्छा मानसिक स्वास्थ्य समय की मांग है। यह विचार अण्णासाहेब मगर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. नितीन घोरपडे ने व्यक्त किए।
अण्णासाहेब मगर महाविद्यालय में मनोविज्ञान विभाग की ओर से विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस की ओर से विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए थे। उक्त कार्यक्रम का उद्घाटन महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. नितिन घोरपडे, एडवोकेट प्रभाकर शेवाले व ग्रेविटी इंग्लिश मीडियम स्कूल के संस्थापक हर्षल जगदाले के शुभ हाथों किया गया, तब प्राचार्य डॉ. नितिन घोरपडे बोल रहे थे। यहां प्रा. नितिन लगड, उपप्राचार्य डॉ. शुभांगी औटी, उपप्राचार्य अनिल जगताप प्रमुख रूप से उपस्थित थे।
छात्र दैनिक दिनचर्या की योजना बनाकर ध्यान और व्यायाम करने से मानसिक स्वास्थ्य में भी सुधार होगा, मानसिक स्वास्थ्य बेहतर होगा। आज के समय में अच्छा मानसिक स्वास्थ्य समय की मांग है। यह विचार अण्णासाहेब मगर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. नितीन घोरपडे ने व्यक्त किए।
अण्णासाहेब मगर महाविद्यालय में मनोविज्ञान विभाग की ओर से विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस की ओर से विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए थे। उक्त कार्यक्रम का उद्घाटन महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. नितिन घोरपडे, एडवोकेट प्रभाकर शेवाले व ग्रेविटी इंग्लिश मीडियम स्कूल के संस्थापक हर्षल जगदाले के शुभ हाथों किया गया, तब प्राचार्य डॉ. नितिन घोरपडे बोल रहे थे। यहां प्रा. नितिन लगड, उपप्राचार्य डॉ. शुभांगी औटी, उपप्राचार्य अनिल जगताप प्रमुख रूप से उपस्थित थे।
इस अवसर पर मानसिक स्वास्थ्य बेहतर रहने के लिए छात्रों द्वारा किए गए नारों की प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। हम अपने मानसिक स्वास्थ्य का ख्याल रखते हैं? आप भी अपने मानसिक स्वास्थ्य का ख्याल रखते हैं? इसे याद दिलाने के लिए सेल्फी पॉइंट बनाया गया था। साथ ही एडवांस लर्नर के लिए विभिन्न मनोवैज्ञानिक खेलों का आयोजन किया गया था। इन कार्यक्रमों में महाविद्यालय की सभी शाखाओं के 532 विद्यार्थियों ने भाग लिया।
मानसिक स्वास्थ्य के बारे में जन जागरूकता के लिए डॉ. अमर शिंदे (मनोचिकित्सा विशेषज्ञ और संस्थापक जागृती पुनर्वसन केंद्र हड़पसर) का ‘मानसिक आरोग्य मूलभूत हक्क म्हणून स्वीकारूयात’ इस विषय पर व्याख्यान का आयोजन किया गया था। डॉ. अमर शिंदे ने विद्यार्थियों को युवा पीढ़ी में पाई जानेवाली विभिन्न मानसिक बीमारियों से परिचित कराया। उन्होंने विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य बनाए रखने के लिए किए जानेवाले उपायों की जानकारी दी। युवाओं को नशे से दूर रहकर स्वस्थ आदतें अपनानी चाहिए। व्याख्यान के अंत में छात्र अवसाद से कैसे बाहर निकल सकते हैं? व्यसनाधीनता की लत कैसे रोकें? अपने अभिभावकों के साथ अच्छे संबंध कैसे बनाएं? आदि महत्वपूर्ण मुद्दों पर उपस्थित छात्रों के साथ उन्होंने विचार विमर्श किया।
कार्यक्रम का प्रास्ताविक मनोविज्ञान विभाग की प्रा. अश्विनी डोके ने किया। सूत्र-संचालन मनोविज्ञान विभाग की छात्रा श्वेता डोईफोडे और आभार प्रदर्शन प्रा. संगीता देवकर ने किया।
कार्यक्रम का प्रास्ताविक मनोविज्ञान विभाग की प्रा. अश्विनी डोके ने किया। सूत्र-संचालन मनोविज्ञान विभाग की छात्रा श्वेता डोईफोडे और आभार प्रदर्शन प्रा. संगीता देवकर ने किया।



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