मुख्य समाचार

6/recent/ticker-posts

खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वाले विक्रेताओं के खिलाफ खाद्य एवं औषधि प्रशासन सख्त कार्रवाई करे : खाद्य एवं औषधि प्रशासन मंत्री धर्मराव बाबा आत्राम

पुणे, अक्टूबर (जिमाका)
नागरिकों के स्वास्थ्य एवं जनहित को ध्यान में रखते हुए नागरिकों को स्वच्छ एवं मिलावट रहित खाना मिलना चाहिए। इसके लिए खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वाले विक्रेताओं के खिलाफ खाद्य एवं औषधि प्रशासन को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। यह निर्देश खाद्य एवं औषधि प्रशासन मंत्री धर्मराव बाबा आत्राम ने दिए। 
वीवीआईपी विश्रामगृह में आयोजित खाद्य एवं औषधि प्रशासन के पुणे विभाग की समीक्षा बैठक में वे बोल रहे थे। इस अवसर पर यहां पुणे विभाग के सह आयुक्त (खाद्य) सुरेश अन्नपुरे, सह आयुक्त (औषधि) एस. वी. प्रतापराव, साथ ही पुणे विभाग के खाद्य एवं औषधि प्रशासन के सहायक आयुक्त उपस्थित थे। 
मंत्री श्री आत्राम ने कहा कि त्यौहार के दिनों में लोग तरह-तरह की मिठाइयां खरीदते हैं। ऐसे में नागरिकों को मिलावट रहित, स्वच्छ भोजन कैसे मिल सके, यह देखना चाहिए। होटल के रसोईघर की साफ-सफाई की समय-समय पर जांच की जानी चाहिए। कार्यालय में प्राप्त शिकायतों पर तत्काल कार्यवाही की जाए। वर्तमान समय में नागरिकों का रूझान भी ऑनलाइन शॉपिंग की ओर बढ़ रहा है, इस पर नजर रखी जानी चाहिए। कॉस्मेटिक, एलोपैथिक, आयुर्वेदिक उत्पादकों का निरीक्षण लगातार होना चाहिए।
मंत्री श्री आत्राम बताया कि खाद्य एवं औषधि प्रशासन को मजबूत करने के लिए शासन स्तर पर प्रयास किये जाएंगे। 60 कर्मचारियों की नियुक्ति बाह्य व्यवस्था से की जाएगी। प्रशिक्षण एवं प्रयोगशाला भवन हेतु निधि स्वीकृत की गई है। वाहनों की पुर्तता भी बाहरी यंत्रणा से होगी। व्यपगत पदों को पुनर्जीवित करने की कार्यवाही चल रही है, विभाग का आरेख संशोधित किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि कुछ स्थानों पर कार्यालय का प्रश्न है और इस संबंध में एक प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाना चाहिए। खाद्य एवं औषधि प्रशासन को दिए गए लक्ष्य से अधिक काम करना चाहिए। यदि कोई प्रशासनिक समस्या होगी तो उसका समाधान किया जाएगा। इसके लिए निधि की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी।
इस अवसर पर पुणे विभाग में खाद्य एवं औषधि प्रशासन के कार्य को प्रस्तुत किया गया।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ