महिला एवं बाल विकास मंत्री आदिती तटकरे ने दी मांजरी बु. के सन्मती बालनिकेतन संस्था को भेंट
पुणे, अक्टूबर (जिमाका)
पद्मश्री सिंधुताई सपकाल के विचार व विरासत को संजोकर अगली पीढ़ी तक पहुंचाने में कहीं भी माई की कमी महसूस नहीं होगी इसके लिए सभी को मिलकर काम करना चाहिए। इस कार्य के लिए सभी आवश्यक सहयोग महिला एवं बाल विकास विभाग प्रदान करेगा। यह विचार महिला एवं बाल विकास मंत्री आदिती तटकरे ने व्यक्त किये।
मांजरी बु. स्थित सन्मती बालनिकेतन संस्था को भेंट के अवसर पर वे बोल रही थीं। इस अवसर पर यहां महिला एवं बाल विकास आयुक्त डॉ. प्रशांत नारनवरे, विभागीय उपायुक्त संजय माने, जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी मोनिका रंधवे, संस्था की अध्यक्षा ममता सपकाल, दीपक गायकवाड आदि उपस्थित थे।
पद्मश्री सिंधुताई सपकाल के विचार व विरासत को संजोकर अगली पीढ़ी तक पहुंचाने में कहीं भी माई की कमी महसूस नहीं होगी इसके लिए सभी को मिलकर काम करना चाहिए। इस कार्य के लिए सभी आवश्यक सहयोग महिला एवं बाल विकास विभाग प्रदान करेगा। यह विचार महिला एवं बाल विकास मंत्री आदिती तटकरे ने व्यक्त किये।
मांजरी बु. स्थित सन्मती बालनिकेतन संस्था को भेंट के अवसर पर वे बोल रही थीं। इस अवसर पर यहां महिला एवं बाल विकास आयुक्त डॉ. प्रशांत नारनवरे, विभागीय उपायुक्त संजय माने, जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी मोनिका रंधवे, संस्था की अध्यक्षा ममता सपकाल, दीपक गायकवाड आदि उपस्थित थे।
श्रीमती तटकरे ने आगे कहा कि माई ने समाज में विभिन्न स्थानों पर जाकर सामाजिक कार्य किये। इस संस्था को माई की महान विरासत, सहयोग का लाभ हुआ है। उनके विचारों को आत्मसात कर नई पीढ़ी तक पहुंचाना हमारी जिम्मेदारी है। यह करते हुए अपने विचारों के माध्यम से माई के दर्शन अगली पीढ़ी को कराने का प्रयास करने की जरूरत है। यहां के छात्रों में दृढ़ संकल्प, दृढ़ता, आगे बढ़ने की इच्छा और इसके लिए जरूरी आत्मविश्वास दिख रहा है, इसलिए यहां के छात्र विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत हैं। इससे उन पर हुए मां के संस्कारों का पता चलता है। सन्मती बालनिकेतन संस्था को आवश्यक सहायता दी जायेगी।
कार्यक्रम से पहले श्रीमती तटकरे ने संस्था का निरीक्षण किया। साथ ही कार्यक्रम के बाद यहां छात्रों के साथ बैठकर शिक्षा, बुनियादी ढांचे, भोजन आदि के बारे में संवाद किया।
श्रीमती ममता सपकाल ने कहा कि माई ने अंतिम सांस तक संस्था के माध्यम से सामाजिक कार्य किये। उनकी यात्रा हमारे लिए प्रेरणा है और संगठन उसी दिशा में आगे बढ़ रहा है।
कार्यक्रम से पहले श्रीमती तटकरे ने संस्था का निरीक्षण किया। साथ ही कार्यक्रम के बाद यहां छात्रों के साथ बैठकर शिक्षा, बुनियादी ढांचे, भोजन आदि के बारे में संवाद किया।
श्रीमती ममता सपकाल ने कहा कि माई ने अंतिम सांस तक संस्था के माध्यम से सामाजिक कार्य किये। उनकी यात्रा हमारे लिए प्रेरणा है और संगठन उसी दिशा में आगे बढ़ रहा है।



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