पुणे, अक्टूबर (हड़पसर एक्सप्रेस न्यूज नेटवर्क)
कार्यालय प्रधान नियंत्रक (दक्षिण कमान) रक्षा लेखा पुणे में दिनांक 09/10/2023 को प्रातः 11.15 बजे ‘ब्रह्म कुमारी आध्यात्मिक संस्था’ द्वारा एक विशेष आध्यात्मिक ‘ध्यान सत्र’ का सुचारु रूप से सफलतापूर्वक आयोजन किया गया, जिसमें संस्था के अति विशेष वक्ता के रूप में कथा वाचिका ‘दीपा दीदी’ द्वारा आध्यात्मिक ज्ञान एवं सहज राजयोग की शिक्षा द्वारा परिवार और समाज के उत्थान में मनुष्य की भूमिका पर प्रेरणादायी व्याख्यान प्रस्तुत किया गया।
यह व्याख्यान व ध्यान सत्र कार्यक्रम कार्यालय प्रमुख डॉ. राजीव चव्हाण, भारतीय रक्षा लेखा सेवा, एनडीसी, प्रधान नियंत्रक (रक्षा लेखा) दक्षिण कमान, पुणे द्वारा अपने कार्यालय के सभी अधिकारियों व कर्मचारियों को उनके दैनिक कार्यालयीन कार्य के दौरान मानसिक स्फूर्ति और शारीरिक स्वस्थता को उत्कृष्ट, प्रबल, चुस्त दुरुस्त बनाए रखने हेतु आयोजित किया गया। प्रधान नियंत्रक महोदय के मार्गदर्शन में पूर्व में भी इस आध्यात्मिक संस्था के विशेष वक्ताओं को आमंत्रित कर अलग-अलग विषयों पर ऐसे प्रेरणादायी कार्यक्रमों का सफल आयोजन किया जाता रहा है।
कार्यक्रम के महत्व को अधोरेखित करते हुए मुख्य अतिथि ने अपने उद्बोधन में इस बात पर प्रकाश डाला कि आज के प्रोद्यौगिक एवं यांत्रिकी व तनावयुक्त युग में भारत जैसे आध्यात्मिक रूप से शीर्ष प्रगतिशील देश में भी मनुष्यों को दिल व दिमाग को स्वस्थ रखने हेतु मानसिक स्थिरता की नितांत आवश्यकता महसूस होती रही है।
उन्होंने आगे कहा कि जीवन नश्वर, नाशवान व क्षणभंगुर एवं पानी का बुलबुला, सृष्टि के अनंत महासागर में है, परंतु मनुष्य की आत्मा अनंत, चिर आयु व असीम है। इस आत्मा के आनंद के लिए हमें निरंतर संयम, साहस और साधना के अभ्यास की आवश्यकता जरूरत होती रहती है, जिससे हम स्वयं अपने व अन्य मनुष्य जनों के कल्याण हेतु उनकी जीवन-प्रणाली को अधिक सफल, सुदृढ़ बना सके जिससे कि धरा वसुंधरा में सुख, शांति, अमन, चैन और समृद्धि बनी रहे, बरकरार रहे।
डॉ. राजीव चव्हाण, भारतीय रक्षा लेखा सेवा, प्रधान नियंत्रक (रक्षा लेखा), दक्षिण कमान, पुणे ने ‘ब्रह्म कुमारी’ की प्रेरक वक्ता दीपा दीदी जी को पौधा देकर उनका स्वागत किया। दीपा दीदी जी ने अपने ओजस्वी वक्तव्य द्वारा मध्यवर्ती सभागृह में उपस्थित सभी अधिकारियों और कर्मचारियों एवं अन्य गणमान्य जनों को ध्यान साधना एवं जीवन के सच के बारे में अवगत किया। हमारा जीवन तनाव से युक्त है। उन्होंने कुशलतापूर्वक चिंतन मनन एवं तनावमुक्त रहने के तरीके आदि विषयों पर मार्गदर्शन किया एवं अपने जीवन से संबंधित प्रेरित प्रेरक प्रसंगों को अधोरेखित करते हुए द्वारा तनावयुक्त वातावरण में संयमित जीवन जीने के मंत्र के बारे में बताया।
दीपा दीदी ने मनुष्य के वर्तमान जीवन के मानसिक तनाव पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि मनुष्य दो कारकों का सम्मिश्रण है। एक कारक, मनुष्य का बाह्य व दृश्यमान सत्ता है एवं दूसरा कारक, मनुष्य की आत्मा है, जिसके व्यक्तित्व का प्रकाश मनुष्य के बाह्य कार्यों से ही दिखता है। मनुष्य की दिनचर्या, उनका खानपान, उनका व्यवहार, रहन-सहन आदि का प्रभाव उनके दैनंदिन कार्यों में झलकता है। गलत दिनचर्या, खानपान, व्यवहार के परिणामस्वरूप ही उनके जीवन में परेशानियाँ, चिंताएं, विपदाएं आती हैं। मनुष्य के विचार ही उनके व्यक्तित्व का निर्माण करती है। मनुष्य का विचार उनकी परिस्थितयों, उनके पसंदीदा विषयों, उनके संस्कार से ही बनता है। अपने जीवन को सही राह पर ले जाने का एक ही रास्ता है ध्यान साधना जिसे विपश्यना भी कहते हैं। मनुष्य को निरंतर सचेतन ध्यान साधना करते रहना चाहिए। इसी सचेतन ध्यान साधना को बौद्ध धर्म में Mindfulness कहा गया है।
दीपा दीदी जीने अपने खुशमिजाज़ अंदाज में अनेक उदाहरणों के जरिए जीवन में आने वाली असीम, अनगिनत कठिनाइयों का सामना किस तरह संयम व धैर्य से किया जाए इस हेतु सभी को प्रेरित किया। उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में आत्म सशक्तिकरण द्वारा ज्ञान व ध्यान के माध्यम से स्वयं को संतुलित व आनंदित रखा जा सकता है, इस पर अपने बहुमूल्य विचारों से सभा को परिचित कराया। ब्रह्म कुमारी प्रतिष्ठान की ओर से इस संबंध में एक संक्षिप्त ध्यान सत्रका भी आयोजन किया गया, जिससे सभी ने खुद को बहुत ही ताजा और सकारात्मक ऊर्जा से परिपूर्ण महसूस किया।
उक्त व्याख्यान व ध्यान सत्र में उपस्थित श्रीमती सुनालिनी बोईड, भा.र.ले.से, रक्षा लेखा उप नियंत्रक, श्री स्वप्निल हनमाने, भा.र.ले.से, रक्षा लेखा सहायक नियंत्रक, श्री आर. के. बिंद्रू, भा.र.ले.से, रक्षा लेखा सहायक नियंत्रक,श्रीमती वैशाली डीसूजा, भा.र.ले.से, रक्षा लेखा सहायक नियंत्रक के साथ मुख्य कार्यालय के सभी वरिष्ठ अधिकारियों तथा कर्मचारीगण एवं वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से जुड़े हुए उप कार्यालयों के अधिकारी व कर्मचारीगणों ने इस आयोजन का लाभ उठाया। कार्यक्रम का सफल संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन श्री के. पी. सिंह, वरिष्ठ लेखा अधिकारी द्वारा किया गया।
कार्यालय प्रधान नियंत्रक (दक्षिण कमान) रक्षा लेखा पुणे में दिनांक 09/10/2023 को प्रातः 11.15 बजे ‘ब्रह्म कुमारी आध्यात्मिक संस्था’ द्वारा एक विशेष आध्यात्मिक ‘ध्यान सत्र’ का सुचारु रूप से सफलतापूर्वक आयोजन किया गया, जिसमें संस्था के अति विशेष वक्ता के रूप में कथा वाचिका ‘दीपा दीदी’ द्वारा आध्यात्मिक ज्ञान एवं सहज राजयोग की शिक्षा द्वारा परिवार और समाज के उत्थान में मनुष्य की भूमिका पर प्रेरणादायी व्याख्यान प्रस्तुत किया गया।
यह व्याख्यान व ध्यान सत्र कार्यक्रम कार्यालय प्रमुख डॉ. राजीव चव्हाण, भारतीय रक्षा लेखा सेवा, एनडीसी, प्रधान नियंत्रक (रक्षा लेखा) दक्षिण कमान, पुणे द्वारा अपने कार्यालय के सभी अधिकारियों व कर्मचारियों को उनके दैनिक कार्यालयीन कार्य के दौरान मानसिक स्फूर्ति और शारीरिक स्वस्थता को उत्कृष्ट, प्रबल, चुस्त दुरुस्त बनाए रखने हेतु आयोजित किया गया। प्रधान नियंत्रक महोदय के मार्गदर्शन में पूर्व में भी इस आध्यात्मिक संस्था के विशेष वक्ताओं को आमंत्रित कर अलग-अलग विषयों पर ऐसे प्रेरणादायी कार्यक्रमों का सफल आयोजन किया जाता रहा है।
कार्यक्रम के महत्व को अधोरेखित करते हुए मुख्य अतिथि ने अपने उद्बोधन में इस बात पर प्रकाश डाला कि आज के प्रोद्यौगिक एवं यांत्रिकी व तनावयुक्त युग में भारत जैसे आध्यात्मिक रूप से शीर्ष प्रगतिशील देश में भी मनुष्यों को दिल व दिमाग को स्वस्थ रखने हेतु मानसिक स्थिरता की नितांत आवश्यकता महसूस होती रही है।
उन्होंने आगे कहा कि जीवन नश्वर, नाशवान व क्षणभंगुर एवं पानी का बुलबुला, सृष्टि के अनंत महासागर में है, परंतु मनुष्य की आत्मा अनंत, चिर आयु व असीम है। इस आत्मा के आनंद के लिए हमें निरंतर संयम, साहस और साधना के अभ्यास की आवश्यकता जरूरत होती रहती है, जिससे हम स्वयं अपने व अन्य मनुष्य जनों के कल्याण हेतु उनकी जीवन-प्रणाली को अधिक सफल, सुदृढ़ बना सके जिससे कि धरा वसुंधरा में सुख, शांति, अमन, चैन और समृद्धि बनी रहे, बरकरार रहे।
डॉ. राजीव चव्हाण, भारतीय रक्षा लेखा सेवा, प्रधान नियंत्रक (रक्षा लेखा), दक्षिण कमान, पुणे ने ‘ब्रह्म कुमारी’ की प्रेरक वक्ता दीपा दीदी जी को पौधा देकर उनका स्वागत किया। दीपा दीदी जी ने अपने ओजस्वी वक्तव्य द्वारा मध्यवर्ती सभागृह में उपस्थित सभी अधिकारियों और कर्मचारियों एवं अन्य गणमान्य जनों को ध्यान साधना एवं जीवन के सच के बारे में अवगत किया। हमारा जीवन तनाव से युक्त है। उन्होंने कुशलतापूर्वक चिंतन मनन एवं तनावमुक्त रहने के तरीके आदि विषयों पर मार्गदर्शन किया एवं अपने जीवन से संबंधित प्रेरित प्रेरक प्रसंगों को अधोरेखित करते हुए द्वारा तनावयुक्त वातावरण में संयमित जीवन जीने के मंत्र के बारे में बताया।
दीपा दीदी ने मनुष्य के वर्तमान जीवन के मानसिक तनाव पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि मनुष्य दो कारकों का सम्मिश्रण है। एक कारक, मनुष्य का बाह्य व दृश्यमान सत्ता है एवं दूसरा कारक, मनुष्य की आत्मा है, जिसके व्यक्तित्व का प्रकाश मनुष्य के बाह्य कार्यों से ही दिखता है। मनुष्य की दिनचर्या, उनका खानपान, उनका व्यवहार, रहन-सहन आदि का प्रभाव उनके दैनंदिन कार्यों में झलकता है। गलत दिनचर्या, खानपान, व्यवहार के परिणामस्वरूप ही उनके जीवन में परेशानियाँ, चिंताएं, विपदाएं आती हैं। मनुष्य के विचार ही उनके व्यक्तित्व का निर्माण करती है। मनुष्य का विचार उनकी परिस्थितयों, उनके पसंदीदा विषयों, उनके संस्कार से ही बनता है। अपने जीवन को सही राह पर ले जाने का एक ही रास्ता है ध्यान साधना जिसे विपश्यना भी कहते हैं। मनुष्य को निरंतर सचेतन ध्यान साधना करते रहना चाहिए। इसी सचेतन ध्यान साधना को बौद्ध धर्म में Mindfulness कहा गया है।
दीपा दीदी जीने अपने खुशमिजाज़ अंदाज में अनेक उदाहरणों के जरिए जीवन में आने वाली असीम, अनगिनत कठिनाइयों का सामना किस तरह संयम व धैर्य से किया जाए इस हेतु सभी को प्रेरित किया। उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में आत्म सशक्तिकरण द्वारा ज्ञान व ध्यान के माध्यम से स्वयं को संतुलित व आनंदित रखा जा सकता है, इस पर अपने बहुमूल्य विचारों से सभा को परिचित कराया। ब्रह्म कुमारी प्रतिष्ठान की ओर से इस संबंध में एक संक्षिप्त ध्यान सत्रका भी आयोजन किया गया, जिससे सभी ने खुद को बहुत ही ताजा और सकारात्मक ऊर्जा से परिपूर्ण महसूस किया।
उक्त व्याख्यान व ध्यान सत्र में उपस्थित श्रीमती सुनालिनी बोईड, भा.र.ले.से, रक्षा लेखा उप नियंत्रक, श्री स्वप्निल हनमाने, भा.र.ले.से, रक्षा लेखा सहायक नियंत्रक, श्री आर. के. बिंद्रू, भा.र.ले.से, रक्षा लेखा सहायक नियंत्रक,श्रीमती वैशाली डीसूजा, भा.र.ले.से, रक्षा लेखा सहायक नियंत्रक के साथ मुख्य कार्यालय के सभी वरिष्ठ अधिकारियों तथा कर्मचारीगण एवं वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से जुड़े हुए उप कार्यालयों के अधिकारी व कर्मचारीगणों ने इस आयोजन का लाभ उठाया। कार्यक्रम का सफल संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन श्री के. पी. सिंह, वरिष्ठ लेखा अधिकारी द्वारा किया गया।

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