‘एमआईटी एडीटी’ विश्वविद्यालय के छठे दीक्षांत समारोह में 2805 विद्यार्थियों को प्रदान की गई उपाधि
एमआईटी एक अच्छे छात्र के साथ-साथ एक मूल्यवान इंसान तैयार करने का प्रयास करता है जो आध्यात्मिकता और प्रौद्योगिकी के माध्यम से भारत के लिए एक उज्ज्वल भविष्य बनाने का प्रयास करता है, ऐसी शिक्षा प्रदान करने का प्रयास किया गया है। मैं इस दीक्षांत समारोह के माध्यम से आज स्नातक होनेवाले सभी विद्यार्थियों से अपील करता हूं कि वे भारत के उज्ज्वल भविष्य के लिए अपना बहुमूल्य योगदान दें।
(हड़पसर एक्सप्रेस न्यूज़ नेटवर्क)
वर्तमान समय में हम पूरे विश्व में जाति-पाति के कारण अशांति देखते हैं, लेकिन इसके विपरीत भारत विश्व में ‘वसुदैव कुटूंबकम्’ का संदेश फैला रहा है और अपनी विविधता में एकता के कारण भाषा, क्षेत्र और जाति की बाधाओं को तोड़कर देश में शांति स्थापित कर रहा है, इसलिए हमारे देश की विविधता ही हमारी ताकत है और केवल शक्तिशाली व्यक्ति ही शांति स्थापित कर सकते हैं। यह विचार सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने व्यक्त किए।
दार्शनिक संत ज्ञानेश्वर महाराज विश्वशांति डोम, विश्वराजबाग में आयोजित एमआईटी यूनिवर्सिटी ऑफ आर्ट, डिजाइन एंड टेक्नोलॉजी, पुणे के छठे दीक्षांत समारोह के अवसर पर वे बोल रहे थे। इस अवसर पर यहां मायर्स एमआईटी शिक्षा संस्थान के संस्थापक अध्यक्ष विश्वधर्मी प्रो.डॉ. विश्वनाथ दा. कराड, एमआईटी एडीटी विश्वविद्यालय के कुलपति और कार्यकारी अध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. मंगेश कराड, एमआईटी डब्ल्यूपीयू के कार्यकारी अध्यक्ष राहुल कराड, प्रोफेसर डॉ. सुनीता कराड, ज्योति ढाकणे-कराड, पद्मश्री डॉ.जी.डी. यादव, डॉ. विनायक घसनीस, डॉ. सुचित्रा नागरे, एमआईटी एडीटी विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. महेश चोपड़े, परीक्षा नियंत्रक डॉ. ज्ञानदेव निलवर्ण, डॉ. वीरेंद्र शेटे आदि उपस्थित थे। इस अवसर पर एमआईटी एडीटी यूनिवर्सिटी द्वारा भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) बेंगलुरु के पूर्व अध्यक्ष पद्मश्री प्रो. डॉ. ए.एस. किरण कुमार को विज्ञान और प्रौद्योगिकी में उनके योगदान के लिए भारतरत्न डॉ. ए. पी.जे. अब्दुल कलाम पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
श्री गडकरी ने आगे कहा कि अध्यात्म हर किसी के जीवन और जीवन की हर चीज़ से जुड़ा है। आर्थिक प्रगति के लिए मानव सांस्कृतिक प्रगति भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। समान मूल्यों और संस्कृति के ज्ञान वाले छात्रों को तैयार करने का काम एमआईटी एडीटी यूनिवर्सिटी के माध्यम से हो रहा है। हम विज्ञान, प्रौद्योगिकी और अनुसंधान के माध्यम से ही गरीबी को मिटा सकते हैं और ऐसे अनुसंधान को बढ़ावा देने का काम यह विश्वविद्यालय कर रहा है। नई-नई प्रौद्योगिकियों के माध्यम से ही विश्व शांति हासिल की जा सकती है, वह प्रस्तावित करने के लिए प्रोफेसर डॉ. विश्वनाथ कराड जो काम कर रहे हैं, वह उल्लेखनीय है। यह कहते हुए गडकरी ने एमआईटी एडीटी यूनिवर्सिटी की पीठ भी थपथपाई।
-प्रोफेसर डॉ. विश्वनाथ दा. कराड
(संस्थापक अध्यक्ष : मायर्स एमआईटी
शिक्षा समूह, महाराष्ट्र)
लोणी कालभोर, अक्टूबर (हड़पसर एक्सप्रेस न्यूज़ नेटवर्क)
वर्तमान समय में हम पूरे विश्व में जाति-पाति के कारण अशांति देखते हैं, लेकिन इसके विपरीत भारत विश्व में ‘वसुदैव कुटूंबकम्’ का संदेश फैला रहा है और अपनी विविधता में एकता के कारण भाषा, क्षेत्र और जाति की बाधाओं को तोड़कर देश में शांति स्थापित कर रहा है, इसलिए हमारे देश की विविधता ही हमारी ताकत है और केवल शक्तिशाली व्यक्ति ही शांति स्थापित कर सकते हैं। यह विचार सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने व्यक्त किए।
दार्शनिक संत ज्ञानेश्वर महाराज विश्वशांति डोम, विश्वराजबाग में आयोजित एमआईटी यूनिवर्सिटी ऑफ आर्ट, डिजाइन एंड टेक्नोलॉजी, पुणे के छठे दीक्षांत समारोह के अवसर पर वे बोल रहे थे। इस अवसर पर यहां मायर्स एमआईटी शिक्षा संस्थान के संस्थापक अध्यक्ष विश्वधर्मी प्रो.डॉ. विश्वनाथ दा. कराड, एमआईटी एडीटी विश्वविद्यालय के कुलपति और कार्यकारी अध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. मंगेश कराड, एमआईटी डब्ल्यूपीयू के कार्यकारी अध्यक्ष राहुल कराड, प्रोफेसर डॉ. सुनीता कराड, ज्योति ढाकणे-कराड, पद्मश्री डॉ.जी.डी. यादव, डॉ. विनायक घसनीस, डॉ. सुचित्रा नागरे, एमआईटी एडीटी विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. महेश चोपड़े, परीक्षा नियंत्रक डॉ. ज्ञानदेव निलवर्ण, डॉ. वीरेंद्र शेटे आदि उपस्थित थे। इस अवसर पर एमआईटी एडीटी यूनिवर्सिटी द्वारा भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) बेंगलुरु के पूर्व अध्यक्ष पद्मश्री प्रो. डॉ. ए.एस. किरण कुमार को विज्ञान और प्रौद्योगिकी में उनके योगदान के लिए भारतरत्न डॉ. ए. पी.जे. अब्दुल कलाम पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
श्री गडकरी ने आगे कहा कि अध्यात्म हर किसी के जीवन और जीवन की हर चीज़ से जुड़ा है। आर्थिक प्रगति के लिए मानव सांस्कृतिक प्रगति भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। समान मूल्यों और संस्कृति के ज्ञान वाले छात्रों को तैयार करने का काम एमआईटी एडीटी यूनिवर्सिटी के माध्यम से हो रहा है। हम विज्ञान, प्रौद्योगिकी और अनुसंधान के माध्यम से ही गरीबी को मिटा सकते हैं और ऐसे अनुसंधान को बढ़ावा देने का काम यह विश्वविद्यालय कर रहा है। नई-नई प्रौद्योगिकियों के माध्यम से ही विश्व शांति हासिल की जा सकती है, वह प्रस्तावित करने के लिए प्रोफेसर डॉ. विश्वनाथ कराड जो काम कर रहे हैं, वह उल्लेखनीय है। यह कहते हुए गडकरी ने एमआईटी एडीटी यूनिवर्सिटी की पीठ भी थपथपाई।
भारतरत्न डॉ.ए.पी.जे.अब्दुल कलाम पुरस्कार से सम्मानित पद्मश्री डॉ. किरण कुमार ने इस अवसर पर कहा कि देश के शिक्षा क्षेत्र में बड़ा बदलाव ला रही एमआईटी एडीटी यूनिवर्सिटी द्वारा डॉ. कलाम के नाम पर दिया जानेवाला पुरस्कार स्वीकार करना मेरे लिए सम्मान की बात है। भारत ने हाल ही में दुनिया को दिखाया है कि हम किसी भी क्षेत्र में कम नहीं हैं, इसलिए विद्यार्थियों को अपनी संस्कृति एवं स्वाभिमान पर गर्व करते हुए देश का नाम ऊंचा करने का प्रयास करना चाहिए। हमारे देश में इतनी प्रतिभाशाली युवा पीढ़ी है, जितनी दुनिया में किसी के पास नहीं है और डॉ. कलाम द्वारा दिखाए गए उन्नत देश के सपने को पूरा करने की जिम्मेदारी अब इसी युवा पीढ़ी के कंधों पर है। हालाँकि उस सपने को पूरा करने के लिए सभी छात्रों को शुभकामनाएँ!
कार्यक्रम का प्रास्ताविक करते हुए प्रा. डॉ. मंगेश कराड ने कहा कि उपाधि दीक्षांत समारोह हर किसी के जीवन का एक महत्वपूर्ण क्षण होता है, जिसमें छात्रों के शैक्षणिक जीवन का अंत और उज्ज्वल भविष्य की शुरुआत होती है। इस प्रकार, इस वर्ष का छठा दीक्षांत समारोह ‘एमआईटी एडीटी’ के लिए गौरव का एक विशेष दिन है। हालाँकि, इस अवसर पर, मैं सभी स्नातक छात्रों को बधाई देना चाहता हूं और उन्हें उनके भविष्य के कैरियर के लिए शुभकामनाएं देना चाहता हूं। एमआईटी एडीटी ने परीक्षा के लिए पूरी तरह से डिजिटल प्रणाली अपनाई है, इसलिए परीक्षा का सुचारू निष्पादन, समय पर परिणाम और पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता एमआईटी एडीटी की पहचान बन गई है।
एमआईटी विश्वविद्यालय के 23 पीएचडी, 51 स्वर्ण पदक और 188 रैंक धारक प्रमाणपत्रों सहित कुल 2805 छात्रों को डिग्री केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने प्रदान की। इस कार्यक्रम में देशभर से अभिभावकों और छात्रों समेत 7000 से अधिक लोग शामिल हुए थे। दीक्षांत समारोह के अध्यक्ष डॉ. रामचन्द्र पुजेरी के धन्यवाद ज्ञापन के बाद पसायदान के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया।
कार्यक्रम का प्रास्ताविक करते हुए प्रा. डॉ. मंगेश कराड ने कहा कि उपाधि दीक्षांत समारोह हर किसी के जीवन का एक महत्वपूर्ण क्षण होता है, जिसमें छात्रों के शैक्षणिक जीवन का अंत और उज्ज्वल भविष्य की शुरुआत होती है। इस प्रकार, इस वर्ष का छठा दीक्षांत समारोह ‘एमआईटी एडीटी’ के लिए गौरव का एक विशेष दिन है। हालाँकि, इस अवसर पर, मैं सभी स्नातक छात्रों को बधाई देना चाहता हूं और उन्हें उनके भविष्य के कैरियर के लिए शुभकामनाएं देना चाहता हूं। एमआईटी एडीटी ने परीक्षा के लिए पूरी तरह से डिजिटल प्रणाली अपनाई है, इसलिए परीक्षा का सुचारू निष्पादन, समय पर परिणाम और पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता एमआईटी एडीटी की पहचान बन गई है।
एमआईटी विश्वविद्यालय के 23 पीएचडी, 51 स्वर्ण पदक और 188 रैंक धारक प्रमाणपत्रों सहित कुल 2805 छात्रों को डिग्री केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने प्रदान की। इस कार्यक्रम में देशभर से अभिभावकों और छात्रों समेत 7000 से अधिक लोग शामिल हुए थे। दीक्षांत समारोह के अध्यक्ष डॉ. रामचन्द्र पुजेरी के धन्यवाद ज्ञापन के बाद पसायदान के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया।


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