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सीआरपीएफ की ‘यशस्विनी’ ने दिया ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ का संदेश : महिला जवानों की ‘यशस्विनी रैली’ का पुणे में हुआ जोरदार स्वागत

पुणे, अक्टूबर (जिमाका)
केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की ओर से भारतीय स्वतंत्रता के अमृत जयंती वर्ष की पृष्ठभूमि पर 75 महिला जवानों की ‘यशस्विनी बाइक रैली’ का शहर में सुबह आगमन हुआ। जिला प्रशासन की ओर से रैली का जोरदार स्वागत किया गया। 
कार्यक्रम में पुणे जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रमेश चव्हाण, सीआरपीएफ के डीआईजी वैभव निंबालकर, डीआईजीपी राकेश कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी जामसिंह गिरासे आदि उपस्थित थे। 
मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री रमेश चव्हाण ने कहा कि महाराष्ट्र का लिंगानुपात प्रति 1000 पुरुषों के पीछे 912 महिलाओं का है। इस स्थिति को बदलने के लिए समाज को ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ का संदेश देने की जरूरत है। सीआरपीएफ द्वारा आयोजित यशस्विनी रैली इस संदेश को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाने में मदद करेगी।
कार्यक्रम के दौरान माझी कन्या भाग्यश्री, ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ योजना के लाभार्थियों को सावधि प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। उसके बाद एकीकृत बाल विकास सेवा योजना दौंड ने आंगनवाड़ी सेविकाओं की बेटी के जन्म के लिए प्रोत्साहन पर पोवाड़ा प्रस्तुत किया। पुणे बालाजीनगर के वेंकटेश माध्यमिक विद्यालय के छात्रों ने ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ विषय पर एक पथ नाटिका प्रस्तुत किया।
एकीकृत बाल विकास सेवा योजना परियोजना नारायणगांव की आंगनवाड़ी सेविकाओं ने मंगलागौर कार्यक्रम प्रस्तुत किया। सीआरपीएफ के तालेगांव कैंप के जवानों के देशभक्तिपूर्ण समूह नृत्य ने भी दर्शकों का ध्यान खींचा। कार्यक्रम में महिलाएं, शिक्षक एवं विद्यार्थी उपस्थित थे।
इससे पहले यशस्विनी रैली की 75 महिला जवानों ने सोलापुर, इंदापुर के रास्ते से पुणे शहर के शनिवारवाड़ा में सबसे पहले अपने दोपहिया वाहनों पर प्रवेश किया। इस समय पर यशस्विनी का ढोल बजाकर और औक्षण करके जोरदार स्वागत किया गया। ‘मेरी माटी मेरा देश’ पहल के तहत कलश पूजा भी की गई। 
यशस्विनी रैली के दौरान जगह-जगह पर स्त्री जन्म का और नारी शक्ति के महत्व के बारे में जन जागरूकता फैलाई जा रही है। रैली में शामिल महिला बाइकर्स अपने मार्गवाले शहरों में जाकर किशोर लड़कियों, स्कूल और कॉलेज के छात्रों, आंगनवाड़ी कर्मचारियों और एनसीसी कैडेटों के साथ बातचीत करके महिला सशक्तिकरण और ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ का संदेश दे रही हैं।


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