पुणे, अक्टूबर (जिमाका)
पुणे जिले में हो रहे 231 ग्रामपंचायत एवं 157 ग्रामपंचायत के उपचुनाव की पृष्ठभूमि में ग्रामपंचायतों के कार्यक्षेत्र में दंड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 धारा और शस्त्र अधिनियम, 1959 की धारा 17(3)(ए) और (बी) के तहत जिलाधिकारी डॉ. राजेश देशमुख ने 9 नवंबर 2023 तक प्रतिबंध के आदेश जारी किए हैं।
9 नवंबर तक लाइसेंसी आग्नेयास्त्रों को पास रखने पर रोक
ग्रामपंचायत चुनाव कार्यक्रम के तहत 5 नवंबर को मतदान होगा। साथ ही 6 नवंबर को वोटों की गिनती, 7 नवंबर को नक्सल प्रभावित और दूरदराज के इलाकों में वोटों की गिनती होगी। मतदान और मतगणना के दिन नागरिकों को लाइसेंसी आग्नेयास्त्र, हथियार और गोला-बारूद रखने और साथ ले जाने पर प्रतिबंध किया गया है।
इस आदेश से निस्तारण हेतु अधिकारी, कर्मचारी साथ ही बैंकों व सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा के लिए नियुक्त सुरक्षा कर्मियों को इस आदेश से बाहर रखा गया है। बैंक या सार्वजनिक संगठन और इस अवधि के दौरान छूट दिए गए व्यक्ति ने चुनाव अवधि के दौरान अपने हथियारों का दुरुपयोग नहीं होगा, इसकी जिम्मेदारी रहेगी।
पुलिस अधीक्षक पुणे ग्रामीण द्वारा जमानत पर रिहा किए गए व्यक्तियों, दंगों में शामिल व्यक्तियों और चुनाव अवधि के दौरान दंगों में शामिल व्यक्तियों साथ ही राजनीतिक हितों से उनके पास होनेवाले हथियारों का दुरुपयोग करने की संभावना रखते हैं, उन हथियार लाइसेंसधारक व्यक्ति ने अपने हथियार संबंधित पुलिस स्टेशन में जमा कराने चाहिए। यह आदेश पुलिस विभाग द्वारा संबंधित शस्त्र लाइसेंसधारकों को जारी किये जाने चाहिए। शस्त्र लाइसेंसधारकों को आदेश प्राप्त होने पर तत्काल एवं हर हाल में सात दिन के भीतर शस्त्र जमा करा देना चाहिए। 9 नवंबर के बाद 7 दिनों के भीतर संबंधित लोगों को उनके हथियार वापस करने होंगे।
मतदान एवं मतगणना केंद्र के आसपास प्रतिबंधात्मक आदेश
चुनाव अवधि के दौरान ग्रामपंचायत के कार्यक्षेत्र में मतदान केंद्र की परिधि से लगभग 100 मीटर के क्षेत्र में प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए गए हैं। मतदान और मतगणना के दिन टपरी, दालन, दुकानें, वाणिज्यिक आस्थापना आदि बंद रहेंगे। आदेश में उल्लेख किया है।
जिलाधिकारी ने अपने आदेश में उल्लेख किया है कि चुनाव प्रक्रिया सुचारू, शांतिपूर्ण एवं भयमुक्त वातावरण में संपन्न कराने तथा कानून और व्यवस्था की समस्या उत्पन्न न हो, इसके लिए प्रतिबंध लगाने के संबंध में आदेश जारी किए गए हैं। इस आदेश का उल्लंघन करने वाला व्यक्ति भारतीय दंड संहिता की धारा 188 के तहत दंड के लिए पात्र होगा।
पुणे जिले में हो रहे 231 ग्रामपंचायत एवं 157 ग्रामपंचायत के उपचुनाव की पृष्ठभूमि में ग्रामपंचायतों के कार्यक्षेत्र में दंड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 धारा और शस्त्र अधिनियम, 1959 की धारा 17(3)(ए) और (बी) के तहत जिलाधिकारी डॉ. राजेश देशमुख ने 9 नवंबर 2023 तक प्रतिबंध के आदेश जारी किए हैं।
9 नवंबर तक लाइसेंसी आग्नेयास्त्रों को पास रखने पर रोक
ग्रामपंचायत चुनाव कार्यक्रम के तहत 5 नवंबर को मतदान होगा। साथ ही 6 नवंबर को वोटों की गिनती, 7 नवंबर को नक्सल प्रभावित और दूरदराज के इलाकों में वोटों की गिनती होगी। मतदान और मतगणना के दिन नागरिकों को लाइसेंसी आग्नेयास्त्र, हथियार और गोला-बारूद रखने और साथ ले जाने पर प्रतिबंध किया गया है।
इस आदेश से निस्तारण हेतु अधिकारी, कर्मचारी साथ ही बैंकों व सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा के लिए नियुक्त सुरक्षा कर्मियों को इस आदेश से बाहर रखा गया है। बैंक या सार्वजनिक संगठन और इस अवधि के दौरान छूट दिए गए व्यक्ति ने चुनाव अवधि के दौरान अपने हथियारों का दुरुपयोग नहीं होगा, इसकी जिम्मेदारी रहेगी।
पुलिस अधीक्षक पुणे ग्रामीण द्वारा जमानत पर रिहा किए गए व्यक्तियों, दंगों में शामिल व्यक्तियों और चुनाव अवधि के दौरान दंगों में शामिल व्यक्तियों साथ ही राजनीतिक हितों से उनके पास होनेवाले हथियारों का दुरुपयोग करने की संभावना रखते हैं, उन हथियार लाइसेंसधारक व्यक्ति ने अपने हथियार संबंधित पुलिस स्टेशन में जमा कराने चाहिए। यह आदेश पुलिस विभाग द्वारा संबंधित शस्त्र लाइसेंसधारकों को जारी किये जाने चाहिए। शस्त्र लाइसेंसधारकों को आदेश प्राप्त होने पर तत्काल एवं हर हाल में सात दिन के भीतर शस्त्र जमा करा देना चाहिए। 9 नवंबर के बाद 7 दिनों के भीतर संबंधित लोगों को उनके हथियार वापस करने होंगे।
मतदान एवं मतगणना केंद्र के आसपास प्रतिबंधात्मक आदेश
चुनाव अवधि के दौरान ग्रामपंचायत के कार्यक्षेत्र में मतदान केंद्र की परिधि से लगभग 100 मीटर के क्षेत्र में प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए गए हैं। मतदान और मतगणना के दिन टपरी, दालन, दुकानें, वाणिज्यिक आस्थापना आदि बंद रहेंगे। आदेश में उल्लेख किया है।
जिलाधिकारी ने अपने आदेश में उल्लेख किया है कि चुनाव प्रक्रिया सुचारू, शांतिपूर्ण एवं भयमुक्त वातावरण में संपन्न कराने तथा कानून और व्यवस्था की समस्या उत्पन्न न हो, इसके लिए प्रतिबंध लगाने के संबंध में आदेश जारी किए गए हैं। इस आदेश का उल्लंघन करने वाला व्यक्ति भारतीय दंड संहिता की धारा 188 के तहत दंड के लिए पात्र होगा।

0 टिप्पणियाँ