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नेपाल में भूकंप से मृतकों की संख्या 160 के पार; प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हर संभव सहायता देने का आश्‍वासन दिया

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल में भूकंप के कारण हुए जानमाल के नुकसान पर दुख व्यक्त किया है। आज सुबह एक सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने कहा कि भारत नेपाल के लोगों के साथ एकजुटता से खड़ा है और हर संभव सहायता देने को तैयार है। श्री मोदी ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
    नेपाल में कल देर रात आए शक्तिशाली भूकंप के बाद दिल्ली-एनसीआर में तेज झटके महसूस किए गए। दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। बिहार, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए।
    नेपाल के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में कल देर रात आए भूकंप में 160 लोगों की मृत्‍यु हो गई और 155 घायल हो गए। रिक्‍टर पैमाने पर 6 दशमलव 4 तीव्रता का भूकंप कल आधी रात के करीब आया था। सरकारी नेपाल टेलीविजन के अनुसार, जाजरकोट और रुकुम जिले भूकंप से सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। भूकंप के कारण सैकड़ों घर नष्ट हो गए हैं। नेपाल में आज दोपहर 3 दशमलव 3 तीव्रता के भूकंप बाद के झटके महसूस किए गए।
काठमांडू में भारतीय दूतावास ने भूकंप के कारण सहायता की आवश्यकता वाले भारतीय नागरिकों के लिए आपातकालीन नंबर जारी किया
    नेपाल के प्रधानमंत्री सचिवालय के अनुसार, देश के उत्‍तर-पश्चिमी इलाके में कल देर रात आए भूकंप में कम से कम 160 लोगों की मौत हो गई है और 155 लोग घायल हैं। भूकंप की तीव्रता 6.4 थी। नेपाल टेलीविजन ने बताया कि भूकंप से सबसे अधिक नुकसान जाजरकोट और पश्चिम रुकुम में हुआ है। मृतकों में जाजरकोट की नालगढ नगरपालिका की उप-मेयर सरिता सिंह भी शामिल हैं। भूकंप से सैकड़ों मकान तबाह हो गए हैं। नेपाल के राष्‍ट्रीय भूकंप निगरानी और अनुसंधान केंद्र के अनुसार, मुख्‍य भूकंप के बाद भी लगभग 159 झटके महसूस किए गए। नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल प्रचंड ने आज डॉक्टरों के दल के साथ भूकंपग्रस्त जाजरकोट का दौरा कर नुकसान का जायजा लिया। बचाव कार्य के लिए नेपाली सेना और पुलिस की सेवाएं ली जा रही हैं। 
    काठमांडू में भारतीय दूतावास ने भूकंप की जानकारी के लिए एक हेल्पलाइन नंबर जारी किया है। नंबर है - 00 977 - 98 513 16 807.

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