20 नवंबर से 6 दिसंबर के दौरान रोगी खोज अभियान चलाया जाएगा
पुणे, नवंबर (जिमाका)
कुष्ठ रोग एवं क्षय रोग के प्रति जन जागरूकता के लिए जिले में 20 नवंबर से 6 दिसंबर के दौरान रोगी खोज अभियान चलाया जाएगा और स्वास्थ्य विभाग इस अभियान को जिले में प्रभावी ढंग से क्रियान्वित करे। यह निर्देश जिलाधिकारी डॉ. राजेश देशमुख ने दिए है।
जिलाधिकारी कार्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में वे बोल रहे थे। इस अवसर पर यहां जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सचिन देसाई, जिला क्षयरोग अधिकारी डॉ. संजय दराडे, पुणे महानगरपालिका के चिकित्सा अधिकारी डॉ. इरफान लोहारे, पिंपरी-चिंचवड महानगरपालिका के चिकित्सा अधिकारी डॉ. अंजली ढोणे, जिला क्षयरोग केंद्र के चिकित्सा अधिकारी डॉ. जयंत कालकुटे, जि.प. उपशिक्षणाधिकारी मोमीन अस्माबेगन मोहम्मद इमादोद्दीन आदि उपस्थित थे।
डॉ. देशमुख ने कहा कि इस अभियान में स्वास्थ्य विभाग अच्छी योजना बनाकर जिले के प्रत्येक घर में कुष्ठ एवं क्षय रोग का सर्वेक्षण करे। गुट शिक्षा अधिकारी, केंद्र प्रमुख और मुख्याध्यापक को प्रत्येक स्कूल में जागरूकता शिविर आयोजित करने का निर्देश दिया जाना चाहिए। विद्यालय में विद्यार्थियों के स्वास्थ्य परीक्षण के साथ-साथ परिवार के सदस्यों के कुष्ठ रोग एवं क्षय रोग की जानकारी पत्रक विद्यार्थियों से भरवाया जाए। अभियान में विभिन्न प्रणालियों को शामिल किया जाना चाहिए।
यह अभियान उद्योग क्षेत्र में भी लागू किया जाना चाहिए। सरकारी चिकित्सा महाविद्यालय के पास 25 गांव गोद लिए जाए। शासन की विभिन्न योजनाओं को क्रियान्वित करने में अग्रणी ग्रामपंचायतों को अभियान में शामिल किया जाना चाहिए। पुणे जिले को कुष्ठ रोग और क्षयरोग मुक्त जिला बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग को प्रयास करने चाहिए।
ऐसा है संयुक्त अभियान
आशा कार्यकर्ताओं और पुरुष स्वयंसेवकों का पथक साथ ही कर्मचारी घर-घर जाकर क्षयरोग और कुष्ठ रोग के लक्षणों की जांच करने के साथ जानकारी प्राप्त करेंगे।
राष्ट्रीय कुष्ठ रोग उन्मूलन कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए नए रोग की प्रारंभिक अवस्था में ही पहचान कर उपचार किया जा सके, इसलिए सभी नागरिकों को रोग के बारे में प्राथमिक जानकारी निरंतर उपलब्ध करायी जा रही है। कुष्ठरोग व क्षयरोग के बारे में स्वास्थ्य शिक्षा, शीघ्र निदान, शीघ्र उपचार की योजना बनाकर रोग संचरण की श्रृंखला को तोड़ने के लिए यह अभियान महत्वपूर्ण होगा।
पुणे जिले में नवंबर 2023 के अंत में 632 कुष्ठ रोगियों का इलाज चल रहा है। कुष्ठ रोग दर प्रति दस हजार जनसंख्या पर 0.60 है। अप्रैल 2023 से नवंबर 2023 के अंत तक 318 नए कुष्ठ रोगी पाए गए हैं, जिनका नियमित उपचार चल रहा है। साथ ही जनवरी 2023 से नवंबर माह के अंत तक 6 हजार 132 क्षय रोगियों का इलाज चल रहा है।
संयुक्त कुष्ठ रोग खोज एवं सक्रिय क्षय रोग खोज अभियान में जिले में 4 हजार 118 पथकों की नियुक्त की गई है। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों की 56 लाख 13 हजार 705 जनसंख्या की जांच की जाएगी और वर्ष 2027 तक कुष्ठ रोग मुक्त जिला बनाना, यह अभियान का लक्ष्य है।
कुष्ठ रोग एवं क्षय रोग खोजी अभियान के दौरान घर-घर निरीक्षण किया जाएगा और नागरिक इसमें सहयोग करें। यह अपील डॉ. देशमुख ने की है।
कुष्ठ रोग एवं क्षय रोग के प्रति जन जागरूकता के लिए जिले में 20 नवंबर से 6 दिसंबर के दौरान रोगी खोज अभियान चलाया जाएगा और स्वास्थ्य विभाग इस अभियान को जिले में प्रभावी ढंग से क्रियान्वित करे। यह निर्देश जिलाधिकारी डॉ. राजेश देशमुख ने दिए है।
जिलाधिकारी कार्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में वे बोल रहे थे। इस अवसर पर यहां जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सचिन देसाई, जिला क्षयरोग अधिकारी डॉ. संजय दराडे, पुणे महानगरपालिका के चिकित्सा अधिकारी डॉ. इरफान लोहारे, पिंपरी-चिंचवड महानगरपालिका के चिकित्सा अधिकारी डॉ. अंजली ढोणे, जिला क्षयरोग केंद्र के चिकित्सा अधिकारी डॉ. जयंत कालकुटे, जि.प. उपशिक्षणाधिकारी मोमीन अस्माबेगन मोहम्मद इमादोद्दीन आदि उपस्थित थे।
डॉ. देशमुख ने कहा कि इस अभियान में स्वास्थ्य विभाग अच्छी योजना बनाकर जिले के प्रत्येक घर में कुष्ठ एवं क्षय रोग का सर्वेक्षण करे। गुट शिक्षा अधिकारी, केंद्र प्रमुख और मुख्याध्यापक को प्रत्येक स्कूल में जागरूकता शिविर आयोजित करने का निर्देश दिया जाना चाहिए। विद्यालय में विद्यार्थियों के स्वास्थ्य परीक्षण के साथ-साथ परिवार के सदस्यों के कुष्ठ रोग एवं क्षय रोग की जानकारी पत्रक विद्यार्थियों से भरवाया जाए। अभियान में विभिन्न प्रणालियों को शामिल किया जाना चाहिए।
यह अभियान उद्योग क्षेत्र में भी लागू किया जाना चाहिए। सरकारी चिकित्सा महाविद्यालय के पास 25 गांव गोद लिए जाए। शासन की विभिन्न योजनाओं को क्रियान्वित करने में अग्रणी ग्रामपंचायतों को अभियान में शामिल किया जाना चाहिए। पुणे जिले को कुष्ठ रोग और क्षयरोग मुक्त जिला बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग को प्रयास करने चाहिए।
ऐसा है संयुक्त अभियान
आशा कार्यकर्ताओं और पुरुष स्वयंसेवकों का पथक साथ ही कर्मचारी घर-घर जाकर क्षयरोग और कुष्ठ रोग के लक्षणों की जांच करने के साथ जानकारी प्राप्त करेंगे।
राष्ट्रीय कुष्ठ रोग उन्मूलन कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए नए रोग की प्रारंभिक अवस्था में ही पहचान कर उपचार किया जा सके, इसलिए सभी नागरिकों को रोग के बारे में प्राथमिक जानकारी निरंतर उपलब्ध करायी जा रही है। कुष्ठरोग व क्षयरोग के बारे में स्वास्थ्य शिक्षा, शीघ्र निदान, शीघ्र उपचार की योजना बनाकर रोग संचरण की श्रृंखला को तोड़ने के लिए यह अभियान महत्वपूर्ण होगा।
पुणे जिले में नवंबर 2023 के अंत में 632 कुष्ठ रोगियों का इलाज चल रहा है। कुष्ठ रोग दर प्रति दस हजार जनसंख्या पर 0.60 है। अप्रैल 2023 से नवंबर 2023 के अंत तक 318 नए कुष्ठ रोगी पाए गए हैं, जिनका नियमित उपचार चल रहा है। साथ ही जनवरी 2023 से नवंबर माह के अंत तक 6 हजार 132 क्षय रोगियों का इलाज चल रहा है।
संयुक्त कुष्ठ रोग खोज एवं सक्रिय क्षय रोग खोज अभियान में जिले में 4 हजार 118 पथकों की नियुक्त की गई है। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों की 56 लाख 13 हजार 705 जनसंख्या की जांच की जाएगी और वर्ष 2027 तक कुष्ठ रोग मुक्त जिला बनाना, यह अभियान का लक्ष्य है।
कुष्ठ रोग एवं क्षय रोग खोजी अभियान के दौरान घर-घर निरीक्षण किया जाएगा और नागरिक इसमें सहयोग करें। यह अपील डॉ. देशमुख ने की है।

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