पुणे, नवंबर (जिमाका)
केंद्र सरकार ने पारंपरिक बलुतेदार कारीगरों के विकास के लिए प्रधानमंत्री विश्वकर्मा कौशल सम्मान योजना शुरू की है और जिले के अठारह पारंपरिक बलुतेदार कारीगरों ने ऑनलाइन पद्धति से सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विभाग की वेबसाइट, सामान्य सुविधा केंद्र या आपले सरकार सेवा केंद्र में पंजीकरण करके योजना का लाभ लेने की अपील जिलाधिकारी तथा विश्वकर्मा क्रियान्वयन समिति के अध्यक्ष डॉ. राजेश देशमुख ने दी है।
योजना का लाभ उठाने के लिए पारंपरिक कारीगरों का पंजीकरण आवश्यक है। पंजीकरण के लिए आवश्यक दस्तावेज आधार कार्ड, पैन कार्ड, जन्मतिथि का प्रमाण पत्र या स्थानांतरण प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, पासपोर्ट आकार की फोटो, बैंक पासबुक और आधार कार्ड से जुड़ा मोबाइल नंबर आवश्यक हैं।
ग्रामीण और शहरी पारंपरिक बलुतेदार कारीगरों के उद्योग को स्थिर करने, उन्हें व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान कर वित्तीय सहायता, ब्रांड प्रचार और बाजार लिंकेज के लिए एक मंच तैयार करना इसके लिए केंद्र सरकार के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय ने प्रधानमंत्री विश्वकर्मा कौशल सम्मान योजना शुरू की है। इस योजना के तहत व्यवसाय शुरू करने के लिए पारंपरिक बलुतेदार कारीगरों को 5 प्रतिशत ब्याज दर पर 3 लाख तक का असुरक्षित ऋण दो चरणों में उपलब्ध कराया जाएगा।
प्रशिक्षण लेनेवाले कारीगरों को 5 दिन का बुनियादी प्रशिक्षण और 15 दिन का कौशल पूर्ण प्रशिक्षण दिया जाएगा और प्रशिक्षण अवधि के दौरान प्रति दिन 500 रुपये का विद्यावेतन दिया जाएगा। प्रशिक्षण के बाद प्रधानमंत्री विश्वकर्मा प्रमाणपत्र एवं पहचानपत्र प्रदान किया जाएगा। प्रशिक्षण पूरा करनेवाले कारीगरों को टूलकिट खरीदने के लिए 15,000 रुपये के वाउचर भी दिए जाएंगे।
सुतार, लोहार, सोनार (आभूषण कारीगर), कुम्हार, नाई, माली (फूल कारीगर), धोबी, मूर्तिकार, टोकरी बनानेवाले, झाड़ू बनानेवाले, बांस की वस्तु बनानेवाले, दर्जी, राजमिस्त्री, चर्मकार, नाव बनानेवाले, अस्त्रकार, उपकरण बनानेवाले, खिलौना बनानेवाले, ताला बनानेवाले और बुनाई कर्मी जैसे पारंपरिक कारीगरों को इस योजना में शामिल किया गया है।
पुणे जिले में पंजीकरण शुरू हो गया है और जो इस योजना का लाभ उठानेवाले पारंपरिक बलुतेदार कारीगर अपने निकटतम सामान्य सुविधा केंद्र (सीएससी) या आपले सरकार सेवा केंद्र में जाकर पंजीकरण करें। यह अपील जिलाधिकारी तथा विश्वकर्मा क्रियान्वयन समिति के अध्यक्ष डॉ. राजेश देशमुख ने की है।
केंद्र सरकार ने पारंपरिक बलुतेदार कारीगरों के विकास के लिए प्रधानमंत्री विश्वकर्मा कौशल सम्मान योजना शुरू की है और जिले के अठारह पारंपरिक बलुतेदार कारीगरों ने ऑनलाइन पद्धति से सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विभाग की वेबसाइट, सामान्य सुविधा केंद्र या आपले सरकार सेवा केंद्र में पंजीकरण करके योजना का लाभ लेने की अपील जिलाधिकारी तथा विश्वकर्मा क्रियान्वयन समिति के अध्यक्ष डॉ. राजेश देशमुख ने दी है।
योजना का लाभ उठाने के लिए पारंपरिक कारीगरों का पंजीकरण आवश्यक है। पंजीकरण के लिए आवश्यक दस्तावेज आधार कार्ड, पैन कार्ड, जन्मतिथि का प्रमाण पत्र या स्थानांतरण प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, पासपोर्ट आकार की फोटो, बैंक पासबुक और आधार कार्ड से जुड़ा मोबाइल नंबर आवश्यक हैं।
ग्रामीण और शहरी पारंपरिक बलुतेदार कारीगरों के उद्योग को स्थिर करने, उन्हें व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान कर वित्तीय सहायता, ब्रांड प्रचार और बाजार लिंकेज के लिए एक मंच तैयार करना इसके लिए केंद्र सरकार के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय ने प्रधानमंत्री विश्वकर्मा कौशल सम्मान योजना शुरू की है। इस योजना के तहत व्यवसाय शुरू करने के लिए पारंपरिक बलुतेदार कारीगरों को 5 प्रतिशत ब्याज दर पर 3 लाख तक का असुरक्षित ऋण दो चरणों में उपलब्ध कराया जाएगा।
प्रशिक्षण लेनेवाले कारीगरों को 5 दिन का बुनियादी प्रशिक्षण और 15 दिन का कौशल पूर्ण प्रशिक्षण दिया जाएगा और प्रशिक्षण अवधि के दौरान प्रति दिन 500 रुपये का विद्यावेतन दिया जाएगा। प्रशिक्षण के बाद प्रधानमंत्री विश्वकर्मा प्रमाणपत्र एवं पहचानपत्र प्रदान किया जाएगा। प्रशिक्षण पूरा करनेवाले कारीगरों को टूलकिट खरीदने के लिए 15,000 रुपये के वाउचर भी दिए जाएंगे।
सुतार, लोहार, सोनार (आभूषण कारीगर), कुम्हार, नाई, माली (फूल कारीगर), धोबी, मूर्तिकार, टोकरी बनानेवाले, झाड़ू बनानेवाले, बांस की वस्तु बनानेवाले, दर्जी, राजमिस्त्री, चर्मकार, नाव बनानेवाले, अस्त्रकार, उपकरण बनानेवाले, खिलौना बनानेवाले, ताला बनानेवाले और बुनाई कर्मी जैसे पारंपरिक कारीगरों को इस योजना में शामिल किया गया है।
पुणे जिले में पंजीकरण शुरू हो गया है और जो इस योजना का लाभ उठानेवाले पारंपरिक बलुतेदार कारीगर अपने निकटतम सामान्य सुविधा केंद्र (सीएससी) या आपले सरकार सेवा केंद्र में जाकर पंजीकरण करें। यह अपील जिलाधिकारी तथा विश्वकर्मा क्रियान्वयन समिति के अध्यक्ष डॉ. राजेश देशमुख ने की है।

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