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कविता-कहानी प्रतियोगिता के विजेताओं को किया गया पुरस्कृत

साहित्य मंडल श्रीनाथद्वारा के श्री भगवती प्रसाद देवपुरा प्रेक्षागार में श्री भगवती प्रसाद देवपुरा स्मृति राष्ट्रीय बाल साहित्य सम्मान समारोह प्रथम दिवस के प्रथम सत्र में मुख्य अतिथि वरिष्ठ साहित्यकार डॉ अमर सिंह वधान ने स्व श्री भगवती प्रसाद जी देवपुरा के जीवन चरित्र को रेखांकित करते हुए कहा "आदरणीय श्री भगवती प्रसाद जी देवपुरा ने साहित्य के साथ-साथ हिंदी भाषा और भारतीय संस्कृति को संवर्धित किया है और उसे जन-जन तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण कार्य किया है। 

कार्यक्रम की अध्यक्षता कोटा के वरिष्ठ साहित्यकार श्री रामेश्वर प्रसाद शर्मा रामू भैया ने की। उन्होंने साहित्यकारों का उत्साह वर्धन करते हुए कहा कि आज नवीन पीढ़ी को साहित्य से जुड़ना चाहिए एवं साहित्य के माध्यम से ही देश का उत्थान संभव है। इस अवसर पर कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि डॉ जयप्रकाश शाकद्वीपीय ने साहित्य मंडल एवं श्री भगवती प्रसाद जी देवपुरा के कृतित्व पर प्रकाश डाला। 

इस अवसर पर साहित्य मंडल संस्थान द्वारा आयोजित "भारतीय त्योहार राष्ट्रीय बाल कहानी एवं कविता प्रतियोगिता" के विजेताओं को श्री किशोर काबरा गीता देवी काबरा स्मृति सम्मान प्रदान किया गया। इस अवसर पर प्रथम द्वितीय तृतीय रहे प्रतिभागियों को क्रमशः रुपए 1100/- 800/- 500/- की पुरस्कार स्वरूप राशि प्रदान की ग‌ई। जिसमें बाल कविता किशोर वर्ग में प्रथम स्थान प्राप्त श्रीनाथद्वारा की सुश्री काव्या सोमानी, द्वितीय स्थान प्राप्त सुश्री वसुश्रवा द्विवेदी कोटा ,तृतीय स्थान आराध्य नारायण रावत, बाल कविता युवा वर्ग 19 से 30 वर्ष में प्रथम स्थान प्राप्त उदयपुर के श्री रत्नेश दाधीच एवं द्वितीय स्थान प्राप्त मुकुल चौहान, बाल कविता वरिष्ठ वर्ग 30 से ऊपर में प्रथम स्थान प्राप्त झालावाड़ की कु अदिति शर्मा सलोनी, द्वितीय स्थान प्राप्त  सूरतगढ़ की डॉ राखी गोयल आकांक्षा एवं चित्तौड़गढ़ के साहित्यकार श्री यशपाल शर्मा यशस्वी को स्मृति चिन्ह, श्रीनाथजी की छवि, सम्मान पत्र, श्री नाथ जी का प्रसाद एवं राशि प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर जयपुर की श्रीमती अनीता गंगाधर शर्मा, अजमेर की श्रीमती रंजना माथुर, श्रीमती रेखा शर्मा बूंदी, श्री योगीराज योगी कोटा को बाल कविता में प्रोत्साहन पुरस्कार प्रदान किया गया। 
बाल कहानी के बाल वर्ग में प्रथम स्थान प्राप्त सुश्री यतिका नेभनानी उदयपुर, द्वितीय स्थान श्री मन कुमावत श्रीनाथद्वारा, तृतीय स्थान श्री मयंक माली श्रीनाथद्वारा, बाल कहानी किशोर वर्ग 13 से 18 वर्ष तक में प्रथम स्थान प्राप्त श्री कामरान नवाबगंज , द्वितीय स्थान प्राप्त श्री भार्गव नारायण रावत मथुरा, बाल कहानी युवा वर्ग 19 से 30 वर्ष में प्रथम स्थान प्राप्त श्री उत्कर्ष नारायण रावत दौसा, द्वितीय स्थान प्राप्त सुश्री अनन्या रावत दौसा, तृतीय स्थान प्राप्त सुश्री दुर्वा शर्मा सोगरिया कोटा एवं बाल कहानी वरिष्ठ वर्ग 30 वर्ष से ऊपर में प्रथम स्थान प्राप्त श्रीमती रितु भटनागर बेंगलुरु, द्वितीय स्थान प्राप्त श्री रूप जी रूप घाटोली झालावाड़ एवं तृतीय स्थान प्राप्त श्री प्रियंका गुप्ता जयपुर को श्रीनाथजी की छवि, उपाधि पत्र, प्रसाद एवं राशि देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर सुश्री माद्री सिंह ,सुश्री पोषिता माली, श्री भव्यराज जोशी, हाथरस के श्री आरव उपाध्याय, जयपुर की श्रीमती सुशीला शर्मा, बूंदी की डॉ सुलोचना शर्मा, मथुरा की श्रीमती संतोष रिचा, जयपुर की श्रीमती रतना कौशिक ,कोटा की डॉ युगल सिंह, कोटा के डॉ महेश पंचोली, कोटा के श्री विजय कुमार शर्मा, झुंझुनू के श्रीमती विजय भारती को प्रोत्साहन पुरस्कार से सम्मानित किया गया। 
 इस अवसर पर वरिष्ठ साहित्यकार  डॉ राहुल, डॉ अजय कुमार शर्मा एवं कहानी कविता प्रतियोगिता के संयोजक डॉ प्रभात कुमार सिंघल कोटा ने अपना उद्बोधन दिया। इस अवसर पर श्री नरेंद्र कुमार शर्मा जयपुर, श्रीमतीआरती वर्मा कानपुर, श्रीमती सरोज शर्मा जयपुर को साहित्य कुसुमाकर एवं डॉ नंदकिशोर महावर कोटा , श्री गोपाल प्रसाद पाठक राज बलदेव को साहित्य सौरभ की मानद उपाधि एवं श्री काशीनाथ कपूर गप्पी बाबू स्मृति सम्मान , डॉ फारूक अफरीदी जयपुर, श्री राजेश भारती कैथल, श्रीमती ममता महक कोटा को काव्य कौस्तुभ की मानद उपाधि, डॉ सुमन कादयान हिसार, डॉ उमा विश्वकर्मा कानपुर, श्री हेमराज सिंह हेम कोटा को काव्य कुसुम की उपाधि, श्री संदीप कुमार पुरोहित जोधपुर एवं श्री भगवत दयाल सिंह ब्यावर को पत्रकार श्री की उपाधि एवं उपरोक्त सभी को श्री पुरुषोत्तम पालीवाल स्मृति सम्मान सहित 1100 रुपए की राशि, उपाधि पत्र, श्री नाथ जी की छवि, प्रसाद, शाल, श्रीफल, उत्तरीय, पगड़ी से सम्मानित किया गया। 

डॉ के आर कल्याण रमन स्मृति सम्मान से सूरत गुजरात के डॉ अतुल भाई पी सी पाठक एवं अहमदाबाद गुजरात के श्री शरद अरविंद जोशी एवं श्रीमती रतना ओझा रत्न जबलपुर को श्रीमती शारदा देवी स्मृति सम्मान, डॉ अशोक व्यास भोपाल को श्रीसज्जन सिंह साथी स्मृति सम्मान , श्री रंजन पांडे प्रयागराज को श्री अवध नारायण राजपति देवी उपाध्याय स्मृति सम्मान के साथ साहित्य सुधाकर की मानद उपाधि से विभूषित किया गया। डॉ ऋषिपाल धीमान ऋषि को अहमदाबाद एवं श्री रविंद्र कुमार पांडे मिर्जापुर को श्री जीवनलाल अग्निहोत्री स्मृति सम्मान एवं डॉ वर्षा सिंह ठाने मुंबई को श्रीमती केसर देवी जानी स्मृति सम्मान एवं काव्य कलाधर की उपाधि सहित 2100 रुपए की राशि, उपाधि पत्र, श्री नाथ जी की छवि, प्रसाद, शाल श्रीफल उत्तरीय सेसे अभिवंदित किया गया। 

कार्यक्रम का संचालन प्रधानमंत्री श्री श्याम प्रकाश देवपुरा ने किया। सम्मानित साहित्यकारों का गद्यात्मक एवं पद्यात्मक परिचय दौसा के साहित्यकार अंजीव अंजुम द्वारा दिया गया। इस अवसर पर सैकड़ों साहित्यकारों की उपस्थिति में वरिष्ठ कवि एवं व्यंग्यकार श्री सुरेंद्र सार्थक ने अपनी कविता 'धर्म बड़ा हो जाता है,' सुना कर दर्शकों को तालियां बजाने पर मजबूर किया। 

द्वितीय दिवस 
श्री भगवती प्रसाद देवपुरा स्मृति राष्ट्रीय बाल साहित्य समारोह का आयोजन 

श्री भगवती प्रसाद देवपुरा स्मृति बाल साहित्य सम्मान समारोह  में आज द्वितीय दिवस उत्तर प्रदेश सरकार के  मंत्री श्री रविकांत गर्ग ने अपने मुख्य अतिथि उद्बोधन में हिंदी भाषा सेनानी श्री भगवती प्रसाद जी देवपुरा को स्मरण करते हुए कहा "आज हिंदी भाषा, हमारी संस्कृति और हमारे परिवेश को संजोंने की बहुत आवश्यकता है। इसके लिए हम समस्त भारतवासियों को एकजुट होकर कार्य करना पड़ेगा। आज यदि हमारी भाषा जीवित रही तो हमारी संस्कृति भी जीवित रह सकेगी, अन्यथा हम अपने लक्ष्य से भटक जाएंगे।" श्री  गर्ग ने हिंदी भाषा सेवियों को सम्मानित करते हुए कहा "आज हिंदी भाषा के साहित्यकार एवं विद्वानों को हिंदी के प्रति पूर्ण समर्पण रखना चाहिए। उन्हें हिंदी के लिए प्रयास करना चाहिए। कुछ इस तरह की रचना करनी चाहिए कि जिससे हिंदी का पाठक वर्ग समृद्ध हो।" इस अवसर पर कार्यक्रम के अध्यक्ष पंजाब चंडीगढ़ के वरिष्ठ साहित्यकार डॉ अमर सिंह वधान ने कहा "साहित्य मंडल का प्रयास स्तुत्य है। हिंदी भाषा एवं हिंदी भाषाविदों और साहित्य सेवियों के लिए साहित्य मंडल प्रारंभ से ही समर्पित रहा है एवं आगे भी समर्पित रहेगा।"

 इस अवसर पर दिल्ली के साहित्यकार डॉ राहुल ने "बाबूजी का अध्यात्म और दर्शन", उदयपुर के डॉ जयप्रकाश शाकद्वीपीय ने "बाबूजी कुलिश गुणों के वाहक", श्रीमती संतोष रिचा ने "बाबूजी आंखों के चित्रपट पर", जबलपुर की रचनाकार डॉ गीता गीत ने "बाबूजी स्मृति प्रसंग आलेखों के माध्यम से " साहित्यार्चन एवं अपना आलेख वाचन किया। इसी कड़ी में श्री महेश बोहरे , गुना, श्री रामेश्वर प्रसाद रामू भैया, कोटा, श्री बंशीलाल लड्ढा और अंजीव अंजुम ने अपनी कविता का वाचन कर बाबूजी को शब्द श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर पूर्व मंत्री श्री रविकांत गर्ग का अभिनंदन पत्र, शॉल, माला, उत्तरीय, श्रीफल, मेवाड़ी पगड़ी एवं श्रीनाथजी की छवि के साथ सम्मान किया गया।  इस अवसर पर डॉ भेरूंलाल गर्ग भीलवाड़ा को श्रीमती पुष्पा देवी दुग्गड़ स्मृति सम्मान, श्रीमती वंदना यादव दिल्ली को श्री मोतीलाल प्रजापति स्मृति सम्मान, श्री अजय कुमार अनुरागी जयपुर को श्री श्याम सुंदर नागला स्मृति सम्मान, डॉ दिनेश प्रसाद साह दरभंगा को श्री बालकृष्ण अग्रवाल स्मृति सम्मान, डॉ गीता गीत को श्रीमती उर्मिला देवी अग्रवाल स्मृति सम्मान, डॉ अलका पांडे मुंबई को श्रीमती कमला देवी पुरोहित स्मृति सम्मान, श्री घनश्याम मैथिल अमित को श्री चमन लाल सिंघल स्मृति सम्मान, श्री राजेंद्र मोहन शर्मा जयपुर को श्री नर्मदा देवी अजमेरा स्मृति सम्मान,  डॉ मंजू गुप्ता नवी मुंबई को श्रीमती सुमन लता सिंघल स्मृति सम्मान , श्री प्रकाश तातेड़़ उदयपुर,  को द अंडर लाइन पत्रिका सम्मान, डॉ सत्यनारायण सत्य रायपुर को श्री राम विलास गिलडा स्मृति सम्मान, डॉ रामेश्वर प्रसाद सारस्वत को श्रीमती तारा दीक्षित स्मृति सम्मान,  सहित 2100 रुपए की राशि, उपाधि पत्र, श्री नाथ जी की छवि, प्रसाद, शाल श्रीफल उत्तरीय से सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत वरिष्ठ कवि एवं व्यंग्यकार श्री सुरेंद्र सार्थक ने सरस्वती वंदना से की है। श्रीनाथ वंदना मथुरा के साहित्यकार अंजीव अंजुम द्वारा की गई। कार्यक्रम का संचालन साहित्य मण्डल, प्रधानमंत्री श्री श्याम प्रकाश देवपुरा ने किया। कार्यक्रम में साहित्यकारों का गद्य एवं पद्य परिचय अंजीव अंजुम द्वारा किया गया।

तृतीय दिवस 
कवि सम्मेलन में कवियों श्रेष्ठ की प्रस्तुति 

श्री भगवती प्रसाद देवपुरा स्मृति भारतीय बाल साहित्य सम्मेलन में प्रथम  सत्र में अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस कवि सम्मेलन की अध्यक्षता कोटा के वरिष्ठ रचनाकार श्री रामेश्वर प्रसाद शर्मा रामू भैया ने की। इस अवसर पर नरेंद्र कुमार शर्मा जयपुर, श्री गोपाल प्रसाद पाठक राज बलदेव, श्री राजेश भारती कैथल हरियाणा, श्रीमती ममता महक कोटा, डॉ उमा विश्वकर्मा कानपुर, श्री हेमराज सिंह हेम, कोटा, श्री भगवत दयाल सिंह ब्यावर, श्री डॉ रिशिपाल धीमान ऋषि अहमदाबाद, डॉ वर्षा सिंह थाने मुंबई, डॉ गीता गीत जबलपुर, डॉ अलका पांडे मुंबई , डॉ मंजू गुप्ता मुंबई , सहित अनेक कवियों ने अपनी रचनाओं से विभिन्न भावों का संचरण किया एवं स्रोताओं को आनंद प्रदान किया। कवि सम्मेलन का संचालन भरतपुर के कवि एवं साहित्यकार श्री नरेंद्र निर्मल द्वारा किया गया।

इस अवसर पर साहित्य मर्मज्ञ की मानद उपाधि एवं श्री सोहनलाल अजमेरा स्मृति सम्मान से डॉ अशोक कुमार मंगलेश, चरखी दादरी, डॉ तारादत्त तिवारी स्मृति सम्मान से डॉ पवन तिवारी, मुम्बई, डॉ अजय शर्मा जलंधर को श्रीमती आशा शर्मा स्मृति सम्मान, सहित 3100 रुपए की राशि, उपाधि पत्र, श्री नाथ जी की छवि, प्रसाद, शाल, श्रीफल, उत्तरीय से सम्मानित किया गया। 

साथ ही डॉ बंदना पंचाल अहमदाबाद,डॉ सुशीला जोशी कोटा, श्री देवकी दर्पण कोटा, श्रीमती संतोष चौधरी जोधपुर , श्रीमती सुमन पाठक मथुरा, डॉ ओमप्रकाश कादयान हिसार, डॉ नीरू मित्तल नीर पंचकूला, श्री जय भगवान सैनी हिसार, श्रीमती इंदिरा त्रिवेदी भोपाल, श्रीमती नीता सोलंकी भोपाल, डॉ मनीषा गिरी ग्वालियर, श्री सत्येंद्र छिब्बर जोधपुर, उषा शर्मा मथुरा, श्रीमती योगिता जोशी जयपुर, श्रीमती शकुंतला पालीवाल उदयपुर को बाल साहित्य भूषण की मानद उपाधि सहित श्री पुरुषोत्तम पालीवाल स्मृति सम्मान सहित 1100 रुपए की राशि, उपाधि पत्र, श्री नाथ जी की छवि, प्रसाद, शाल श्रीफल उत्तरीय से सम्मानित किया गया। 

इस अवसर पर भरतपुर के साहित्यकार श्री नरेंद्र निर्मल ने "बाल कहानी संस्कृति के संदर्भ में "एवं श्रीमती संतोष रिचा राया मथुरा ने "बाल कहानियों में नैतिक मूल्य" विषय पर अपना आलेख वाचन किया। संचालन श्री श्याम प्रकाश देवपुरा ने किया एवं सम्मानित रचनाकारों का गद्य और पद्य में परिचय अंजीव अंजुम ने किया।  

नानी बाई का मायरा ने भावविभोर किया :

साहित्यिक समागम के साथ - साथ ब्रज रत्न वंदनाश्री द्वारा प्रस्तुत नानी बाई का मायरा कथा के संगीतमय एवं दृश्यात्मक प्रस्तुति ने साहित्यकारों और नाथद्वारा के लोगों को भाव विभोर कर दिया। कथा के प्रसंगों की रोचक प्रस्तुति से श्रोता आनंद की सरिता में गोते लगाते रहे।
 
कार्यक्रम की सफलता में उमादत्त शर्मा, छतारी, वीरेंद्र लोढ़ा, रेखा लोढ़ा, भीलवाड़ा, प्रदुम्न देवपुरा, अनिरुद्ध देवपुरा श्रीनाथद्वारा का विशेष योगदान रहा। 

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