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छत्रपति शिवाजी महाराज ऊर्जा का बड़ा स्रोत - डॉ. मंगेश कराड

 
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एमआईटी एडीटी में शिवजयंती उत्साह से संपन्न

लोनी कालभोर, फरवरी (हड़पसर एक्सप्रेस न्यूज नेटवर्क)
शहनाई की मधुर ध्वनि, तुरही की गड़गड़ाहट, ढोल और झांझ की आवाज़,भगवा झंडों और मर्दाना खेलों के साथ 'छत्रपति शिवाजी महाराज की जय!', 'जय भवानी, जय शिवराय!' और 'नमो पार्वती पतये, हर हर महादेव' के जयघोष से एमआईटी आर्ट, डिज़ाइन एंड टेक्नोलॉजी विश्वविद्यालय में छत्रपति शिवाजी महाराज की 396वीं जयंती बड़े उत्साह और आस्था के साथ मनाई गई।

विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर स्थित अश्वारोही छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा के पास विश्वविद्यालय के कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. मंगेश कराड के करकमलों द्वारा हिंदवी स्वराज के प्रतीक भगवा ध्वज को फहराकर जयंती समारोह का उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष डॉ. किशोर राजे निंबालकर, विश्वविद्यालय की कार्यकारी संचालक प्रो. डॉ. सुनीता कराड, कुलगुरू प्रो. डॉ. राजेश एस., प्रोवोस्ट डाॅ. सायली गणकर, प्रति-कुलगुरू डॉ. रामचंद्र पुजेरी, डॉ. मोहित दुबे, डॉ. नचिकेत ठाकुर तथा कुलसचिव डॉ. महेश चोपड़े के साथ अन्य गणमान्य प्रमुख रूप से उपस्थित थे।

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इस अवसर पर लोणी-कालभोर एवं कदमवाकवस्ती ग्रामपंचायत के नागरिकों, विश्वविद्यालय के प्रोफेसरों, कर्मचारियों एवं सैकड़ों छात्र-छात्राओं के समक्ष छात्र-छात्राओं ने पहाड़ी स्वर में छत्रपति शिवाजी महाराज पर आधारित कविताएं , पोवाडे व शिव गर्जना प्रस्तुत की। इन प्रस्तुतियों को देखकर दर्शक भावविभोर हो गए। इसके पश्चात छात्रों द्वारा सांस्कृतिक नृत्य व मैदानी खेलों की प्रदर्शनियाँ भी प्रस्तुत की गईं।छत्रपति शिवाजी महाराज की पालकी के साथ एक बड़ी शोभायात्रा निकाली गई और क्रेन के ज़रिए अश्वारोही प्रतिमा पर पुष्पहार अर्पित करके महाराज की आरती की गई। 

इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. मंगेश कराड ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज ऊर्जा का एक बड़ा स्रोत हैं। जीवन में चाहे कितनी भी बड़ी समस्याएँ व परेशानियाँ क्यों न आ जाएँ, शिवचरित्र का अध्ययन करने से उन्हें संतुष्टि व उनका समाधान प्राप्त होता है। अतः शिव छत्रपति के गुणों को आत्मसात करने का प्रयास करना ही सच्चे अर्थों में शिवजयंती मनाना है।

रक्तदान शिविर को मिली उत्साहपूर्ण प्रतिक्रिया
शिवजयंती के उपलक्ष्य में विश्वविद्यालय में आयोजित रक्तदान शिविर तथा दुर्ग-निर्माण प्रतियोगिता को विद्यार्थियों के द्वारा उत्साहपूर्ण प्रतिक्रिया मिली। रक्तदान शिविर में 170 से अधिक रक्तदाताओं ने रक्तदान कर इस सामाजिक अभियान को सफल बनाया। विश्वविद्यालय की नई अधिसूचना तकनीक इमारत के प्रवेश द्वार पर इन दोनों गतिविधियों का आयोजन किया गया था। विद्यार्थियों द्वारा रक्तदान जैसे सामाजिक पहल के माध्यम से शिवजयंती मनाए जाने पर स्थानीय नागरिकों ने आयोजित पहल की सराहना की।

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