9 वर्षों में बदला उत्तर प्रदेश: एक्सप्रेसवे से मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी तक ऐतिहासिक छलांग
Uttar Pradesh ने पिछले 9 वर्षों में बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति करते हुए खुद को देश के उभरते लॉजिस्टिक्स और औद्योगिक हब के रूप में स्थापित किया है। एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, जलमार्ग और मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी के विस्तार ने राज्य के विकास को नई गति दी है।2017 से पहले राज्य में सीमित संसाधनों और कमजोर कनेक्टिविटी के कारण औद्योगिक विकास धीमा था। उस समय केवल 2 एक्सप्रेसवे संचालित थे और लॉजिस्टिक्स लागत अधिक होने से उद्योगों की प्रतिस्पर्धा प्रभावित होती थी।
लेकिन पिछले 9 वर्षों में स्थिति पूरी तरह बदल गई है। अब राज्य में एक्सप्रेसवे की संख्या बढ़कर 22 हो गई है, जिनमें 7 चालू, 5 निर्माणाधीन और 10 प्रस्तावित हैं। देश के कुल एक्सप्रेसवे नेटवर्क का लगभग 55% हिस्सा अब उत्तर प्रदेश में है।
इन एक्सप्रेसवे के किनारे 26 जिलों के 27 स्थानों पर लगभग 5,300 हेक्टेयर भूमि औद्योगिक विकास के लिए चिन्हित की गई है। साथ ही, बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण (BIDA) के गठन से 56,000 एकड़ से अधिक क्षेत्र में नए औद्योगिक शहर के विकास की नींव रखी गई है।
निर्यात के क्षेत्र में भी राज्य ने उल्लेखनीय प्रगति की है। 2024 के Export Preparedness Index में उत्तर प्रदेश 7वें स्थान से बढ़कर 4वें स्थान पर पहुंच गया है और स्थल-आवेष्ठित राज्यों में प्रथम स्थान प्राप्त किया है।
कनेक्टिविटी के क्षेत्र में जल, थल और वायु तीनों माध्यमों में तेजी से सुधार हुआ है। Varanasi Multi-Modal Terminal देश का पहला मल्टी-मॉडल टर्मिनल है, जबकि रामनगर, चंदौली, मिर्जापुर और गाजीपुर में भी ऐसे केंद्र विकसित किए जा रहे हैं।
सड़क निर्माण में भी तेजी आई है, जहां प्रतिदिन औसतन 19 किलोमीटर सड़क का निर्माण या उन्नयन किया जा रहा है।
विमानन क्षेत्र में भी बड़ा विस्तार हुआ है। वर्तमान में 16 हवाई अड्डे संचालित हैं, जिनमें 4 अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट शामिल हैं, जबकि 8 और निर्माणाधीन हैं। Noida International Airport के शुरू होने के बाद उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य बन जाएगा, जहां 5 अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे होंगे।
राज्य सरकार का लक्ष्य उत्तर प्रदेश को देश का सबसे बड़ा लॉजिस्टिक्स और औद्योगिक हब बनाना है। बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, निवेश अनुकूल वातावरण और निर्यात-उन्मुख नीतियों के चलते राज्य में रोजगार और आर्थिक विकास के नए अवसर पैदा हो रहे हैं।
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