आम आदमी को घरों के लिए होगा लाभ
मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया निर्णय
मुंबई, जनवरी (महासंवाद)
राज्य में जिन जगहों पर 31 दिसंबर 2020 तक गुंठेवारी योजना अभी तक नियमित नहीं हुई है, उन्हें नियमित करने का निर्णय मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया। बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने की।
अगस्त 2001 में राज्य सरकार द्वारा गुंठेवारी नियमितीकरण अधिनियम कानून बनाकर उसे अस्तित्व में लाया गया था। 01 जनवरी, 2001 से पहले गुंठेवारी योजनाओं का लाभ दिया गया था, लेकिन जो भूमि अतिक्रमण या किसी विशिष्ट क्षेत्र में है (ना-विकास क्षेत्र, हरित क्षेत्र, पर्यटन क्षेत्र, पर्यावरणदृष्टि में संवेदनशिल क्षेत्र, संरक्षण विभाग के क्षेत्र इत्यादि) वे कानून के अनुसार इस योजना का लाभ नहीं उठा सकते हैं।
इस अधिनियम के कारण राज्य में बहुत गुंठेवारी क्षेत्र नियमित हो गया हो, परंतु कुछ क्षेत्रों का नियमितीकरण लंबित है, जिसके कारण लोगों को विभिन्न कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इन सभी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने इस अधिनियम में कार्यान्वयन की तारीख बढ़ाने का निर्णय लिया है। तदनुसार, अब 31.12.2020 तक, उन स्थानों पर जहां गुंठेवारी योजनाएं लागू की गई हैं, लेकिन उन्हें नियमित नहीं किया गया है, इस अधिनियम में संशोधन का लाभ उठा सकते हैं।
राज्य में जिन जगहों पर 31 दिसंबर 2020 तक गुंठेवारी योजना अभी तक नियमित नहीं हुई है, उन्हें नियमित करने का निर्णय मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया। बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने की।
अगस्त 2001 में राज्य सरकार द्वारा गुंठेवारी नियमितीकरण अधिनियम कानून बनाकर उसे अस्तित्व में लाया गया था। 01 जनवरी, 2001 से पहले गुंठेवारी योजनाओं का लाभ दिया गया था, लेकिन जो भूमि अतिक्रमण या किसी विशिष्ट क्षेत्र में है (ना-विकास क्षेत्र, हरित क्षेत्र, पर्यटन क्षेत्र, पर्यावरणदृष्टि में संवेदनशिल क्षेत्र, संरक्षण विभाग के क्षेत्र इत्यादि) वे कानून के अनुसार इस योजना का लाभ नहीं उठा सकते हैं।
इस अधिनियम के कारण राज्य में बहुत गुंठेवारी क्षेत्र नियमित हो गया हो, परंतु कुछ क्षेत्रों का नियमितीकरण लंबित है, जिसके कारण लोगों को विभिन्न कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इन सभी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने इस अधिनियम में कार्यान्वयन की तारीख बढ़ाने का निर्णय लिया है। तदनुसार, अब 31.12.2020 तक, उन स्थानों पर जहां गुंठेवारी योजनाएं लागू की गई हैं, लेकिन उन्हें नियमित नहीं किया गया है, इस अधिनियम में संशोधन का लाभ उठा सकते हैं।

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