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हिंदी भाषा के प्रचार प्रसार में सिनेमा क्षेत्र का योगदान महत्वपूर्ण : राज्यपाल भगतसिंह कोश्यारी

अनूठी धातु की मूर्ति ‘नभ अभीप्सा’ का अनावरण राज्यपाल के शुभ हाथों किया गया
पुणे, जनवरी (जिमाका)
देश और विदेश में हिंदी भाषा का व्यापक प्रसार हुआ है, इसके लिए सिनेमा क्षेत्र का योगदान महत्वपूर्ण है। यह विचार राज्यपाल भगतसिंह कोश्यारी ने व्यक्त किए।
फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के (एफटीआईआई) हीरक महोत्सवी वर्ष के अवसर पर 1 फुट ऊंची ‘नभ अभीप्सा’ शिल्प निरुपयोगी सामग्री से साकार की गई है। इस अनूठी धातु की मूर्ति का अनावरण राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी शुभ हाथों किया गया। यहां फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया संस्था के संचालक भूपेंद्र कँथोला, दूरचित्रवाणी विभाग के अधिष्ठाता राजेंद्र पाठक, चित्रपट विभाग के अधिष्ठाता धीरज मेश्राम आदि और संस्था के वर्तमान-पूर्व विद्यार्थी व मान्यवर दूरदृश्य प्रणाली द्वारा कार्यक्रम में उपस्थित थे।
‘नभ अभीप्सा’ धातुकला शिल्प पुराने व निर्जीव सामग्री से सुंदर कलाकृति बनाने के लिए संस्था का अभिनंदन करते हुए राज्यपाल श्री कोश्यारी ने कहा कि दूरदर्शन व अन्य माध्यम इस सुंदर कलाकृति का प्रसार करें, जिसके कारण विश्व के लोग इस कलाकृति को देखने के लिए आएंगे। जो लोग नवनिर्मिती के क्षेत्र में रचना करते हैं, उन्हें सिनेमा की दुनिया में लेखकों, कवियों, कलाकारों, चित्रकारों आदि के लिए प्रेरणा का एक उच्च स्रोत बनना चाहिए। यह एक अच्छी बात है कि वह छोटे-छोटे लोगों से कम उपकरणों का उपयोग करके अपनी प्रतिभा को प्रेरित करने के लिए काम कर रहा है।
फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया संस्था का इतिहास बताते हुए संस्था के संचालक कँथोला ने बताया कि माध्यम और मनोरंजन क्षेत्र में फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया संस्था का योगदान महत्वपूर्ण है। पुणे चित्रपट शिक्षा की काशी है। सिनेमा क्षेत्र कला व विज्ञान का अद्भुत संगम है।
राज्यपाल श्री कोश्यारी के शुभ हाथों कला दिग्दर्शन विभाग के प्रमुख प्रसन्न जैन और कला निर्मिती विभाग के प्रमुख विक्रम वर्मा की संकल्पना से ‘नभ अभीप्सा’ शिल्प  साकारने के लिए सम्मानपत्र प्रदान कर महिमामंडित किया गया।
कार्यक्रम का सूत्र-संचालन सिद्धार्थ शास्ता व रुचिरा कदम ने किया। प्रास्ताविक कुलसचिव सैयद रबीरश्मी और उपस्थितों का आभार दूरचित्रवाणी विभाग के अधिष्ठाता पाठक ने माना।

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