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अनधिकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म और मोबाइल एप से रहें सावधान

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के मुख्य महाव्यवस्थापक योगेश दयाल द्वारा नागरिकों से अपील
पुणे, जनवरी (जिमाका)
पिछले कुछ दिनों से उपभोक्ताओं को विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म और मोबाइल ऐप के माध्यम से तुरंत ऋण देने के नाम पर धोखा दिया जा रहा है। उपभोक्ताओं को ऐसे ऋण देने वाली संस्थानों से सावधान रहना चाहिए। यह अपील रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के मुख्य महाव्यवस्थापक योगेश दयाल ने नागरिकों से की है।
पिछले कुछ दिनों में जल्द और बिना किसी परेशानी के कर्ज देने का वचन देने वाले अनधिकृत डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म और मोबाइल ऐप की संख्या तेजी से बढ़ रही है। 
उधारकर्ताओं को उच्च ब्याज दर और छिपे हुए शुल्क का भुगतान करने के लिए कहा जा रहा है। इसी तरह आरबीआई को शिकायतें मिली हैं कि ऋण की वसूली के लिए दमनकारी उपाय किए जा रहे हैं। इन संगठनों से फोन में डेटा प्राप्त करने के लिए समझौते का भी दुरुपयोग किया जा रहा है, इसलिए उपभोक्ताओं को ऐसे ऋण देने वाले संस्थानों के बहकावे में नहीं आना चाहिए। केवाईसी (नो यूवर कस्टमर) के दस्तावेजों को अज्ञात व्यक्तियों और अनधिकृत एप्स के साथ कभी भी साझा नहीं करें। ऐसे अनधिकृत एप्स को बैंक खाते की जानकारी भी नहीं दें। इस संबंध में ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने के लिए इस पोर्टल (https://sachet.rbi.org.in) का उपयोग करें। अधिक जानकारी के लिए https://cms.rbi.org.in वेबसाइट पर संपर्क करने की अपील की गई है।