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‘कोरोना’ संक्रमण को रोकने के लिए ‘कोरोना’ प्रतिबंधों का सख्ती से पालन करें : उपमुख्यमंत्री अजीत पवार

हड़पसर, अप्रैल (जिमाका)

पुणे जिले में कोरोना संक्रमण में तेजी से वृद्धि को देखते हुए प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को सभी एजेंसियों द्वारा आवश्यक उपचार सुविधाओं के निर्माण पर जोर देने के अलावा, बीमारी के प्रसार को रोकने के लिए मिलकर काम करना चाहिए। यह अपील उपमुख्यमंत्री तथा जिले के पालकमंत्री अजीत पवार ने की। कोरोना संक्रमित मरीज उपचार से वंचित नहीं रहें, इस हेतु सतर्कता बरती जाए और कोरोना के बढ़ते प्रभाव को रोकने के लिए नियमों का पालन किया जाए। 
विधानभवन (कौन्सिल हॉल) में उपमुख्यमंत्री अजीत पवार की अध्यक्षता में जिले के जनप्रतिनिधि व वरिष्ठ प्रशासकीय अधिकारियों के साथ कोरोना परिस्थिति उपाय योजना के बारे में समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया, तब वे बोल रहे थे। इस अवसर पर यहां सार्वजनिक बांधकाम राज्यमंत्री दत्तात्रय भरणे, सांसद गिरीश बापट,  श्रीरंग बारणे, वंदना चव्हाण, अमोल कोल्हे, महापौर मुरलीधर मोहोल, महापौर उषा उर्फ माई ढोरे, विधायक सुनील टिंगरे, राहुल कुल, भीमराव तापकीर, संजय जगताप, अतुल बेनके के साथ-साथ जिले के जनप्रतिनिधि और विभागीय आयुक्त सौरभ राव, कोल्हापुर परिक्षेत्र के विशेष   पुलिस महानिरीक्षक मनोज लोहिया, पुणे महानगरपालिका आयुक्त विक्रमकुमार, पिंपरी-चिंचवड महानगरपालिका आयुक्त राजेश पाटिल, जिलाधिकारी डॉ. राजेश देशमुख, पुलिस आयुक्त कृष्णप्रकाश, सह पुलिस आयुक्त डॉ. रविंद्र शिसवे, पुणे महानगर पालिका अतिरिक्त आयुक्त रूबल अग्रवाल, पिंपरी-चिंचवड महानगर पालिका अतिरिक्त आयुक्त विकास ढाकणे, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी आयुष प्रसाद, स्वास्थ्य विभाग के रिटायर्ड महासंचालक डॉ. सुभाष सालुंके, डॉ. दिलीप मोहिते आदि व वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। कोरोना वायरस की वर्तमान परिस्थिति व प्रशासन की ओर से की जा रही उपाय योजनाओं और टीकाकरण के बारे में उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने बैठक मेें पूरी जानकारी ली। बैठक में उपस्थित सभी सांसद व विधायकों ने कोरोना प्रतिबंधक उपाययोजना के बारे में अपने विचार रखे।
उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने आगे कहा कि किसी भी परिस्थिति में मरीजों को अत्यावश्यक उपचार मिलना ही चाहिए। उस दृष्टि से मरीजों का समय पर निदान होकर संक्रमण को समय में ही रोकने के लिए बड़ी मात्रा में कोरोना जांच केंद्र बढ़ाकर जांच में वृद्धि की जाए। टीकाकरण की गति भी बढ़ाई जाए, साथ ही कोरोना मरीजों के लिए आवश्यक बेड, ऑक्सीजन आपूर्ति, वेंटिलेटर की संख्या में वृद्धि की जाए। लक्षण न रहनेवाले मरीजों को गृह विलगीकरण की अनुमति केवल तभी दी जानी चाहिए जब वे अवलोकन कर रहे हों। प्रत्येक ने स्वयं पालन किया तो लॉकडाउन लगाने का समय ही नहीं आएगा। कुछ प्रतिबंधों का पालन करके और सभी लेनदेन को क्रम में रखकर सुरक्षा को बनाए रखा जा सकता है, इसलिए नागरिकों को आत्म-अनुशासन का पालन करना चाहिए।
महापौर मुरलीधर मोहोल ने पुणे महानगरपालिका की ओर से जारी की गई उपाययोजना के बारे में जानकारी दी। 
सांसद गिरीश बापट ने कहा कि कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए सभी जनप्रतिनिधियों को अपने परिसर में कोशिश करनी चाहिए, साथ ही टीकाकरण में तेजी लानी चाहिए। 
डॉ. सुभाष सालुंके ने कोविड नियंत्रण के लिए आवश्यक उपाययोजना के बारे में जानकारी दी। आगे के 6 महीने बहुत महत्वपूर्ण हैं, इस दृष्टि से नियोजन करने की आवश्यकता है।
विभागीय आयुक्त सौरभ राव ने जिले में कोरोना मरीजों की संख्या, सक्रिय मरीजों की संख्या, विभिन्न अस्पतालों में उपलब्ध बेड संख्या, टीकाकरण का अब तक का प्रमाण, आईसीयू बेड की संख्या, कोरोना जांच केंद्र के बारे में पीपीटी प्रस्तुति द्वारा जानकारी दी। 
जिलाधिकारी डॉ. राजेश देशमुख ने ग्रामीण भाग में कोविड-19 की वर्तमान परिस्थिति की जानकारी देकर प्रशासन की ओर से जारी उपाय योजनाओं के बारे में जानकारी दी।

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