कोरोना योद्धा पुरस्कार से हैप्पी मेडिकेअर के वरिष्ठ नागरिकों को सम्मानित करती हुईं जनसेविका सविता संजय सातव, साथ में गेणुजी फाउंडेशन के संस्थापक संजय आण्णा सातव, विट्ठल सातव व अन्य उक्त चित्र में दिखाई दे रहे हैं।
हड़पसर, अगस्त (ह.ए. प्रतिनिधि)
हर घर के वरिष्ठ नागरिकों का हमें सही मायने में प्रशंसा व सम्मान करना चाहिए, क्योंकि इस कोरोना संक्रमण के कठिन समय में हर परिवार की चट्टान बनकर खड़े रहकर अपने परिवार की सुरक्षा करके बुरा समय बीत जाने और हमें हिम्मत दी, हमें संयम व सावधानी बरतने की सीख दी। इनकी वजह से हम अपने घरों में स्वस्थ और सुरक्षित हैं। ऐसे हर घर के वरिष्ठ नागरिक ‘कोरोना योद्धाओं’ को प्रणाम करना सभी देशवासियों की नैतिक जिम्मेदारी है। यह विचार जनसेविका सविताताई संजय सातव ने व्यक्त किए।
संजय आण्णा सातव जनसंपर्क कार्यालय में जनसेवक संजय आण्णा सातव व जनसेविका सविताताई संजय सातव के शुभहाथों कोरोना योद्धा पुरस्कार से हैप्पी मेडिकेअर के वरिष्ठ नागरिकों को सम्मानित किया गया, तब वे बोल रही थीं। इस अवसर पर यहां शिवराज मोहिते, धीरज पाटिल, आबासाहेब पवार, विट्ठल राऊत, ज्ञानेश्वर औताडे, पांडुरंग घुले, हेमंत काले, सुधाकर पराते, पंडित मोडक, उमेश मोडक, अभिजीत मोडक, सुभेदार माशालकर, अर्जुन सातव, विट्ठल सातव, वसंत पवार, छाया दांगट, कीर्ति पारकर, राणी फरांडे, अरविंद कुदले, दीपक भोसले, अभिजीत सातव, संजय भुजबल, योगेश सातव, संग्राम राऊत, संदीप नलावडे, आशीष सातव, संतोष ढवणे, राजेश कांबले, राजू उमाप व अन्य प्रमुख रूप से उपस्थित थे।
गेणुजी फाउंडेशन के संस्थापक एवं जनसेवक संजय आण्णा सातव ने जनता से अनुरोध करते हुए कहा कि हमें भी एक अच्छे नागरिक की तरह इस संकटकाल से मुक्त होने के लिए निर्देशों का पालन करना चाहिए ताकि हम और हमारे आसपास के लोग सुरक्षित रहें और सुकून से जीएं। कोरोना संक्रमण का संकट जब तक टल नहीं जाता है, हमें सावधानी बरतनी होगी।
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