सेवानिवृत्त सैनिकों का सम्मान करते हुए पुणे जिला नियोजन समिति के सदस्य व उंड्री गांव के सरपंच निवृत्ति आण्णा बांदल, साथ में पूर्व विधायक अशोक टेकवडे उक्त चित्र में दिखाई दे रहे हैं।
उंड्री, अगस्त (ह.ए. प्रतिनिधि)
हर भारतीय नागरिक को अपने भारतीय जवानों पर गर्व होना चाहिए, जो सीमा पर डटकर खड़े रहते हैं, इसलिए अपना भारत देश सुरक्षित है, वे अपने देश के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। सैनिक त्याग और प्रेम का प्रतीक हैं।
सैनिक ही एक ऐसे वीर योद्धा होते हैं, जो दिन-रात सीमा पर डटे रहते हैं। अपने देश और राष्ट्र के प्रति सच्ची प्रेम भावना के साथ एक देश भक्त की तरह अपने देश को दुश्मनों से बचाते हैं। हमारे सैनिक देश के दिल की धड़कन हैं। यह विचार पुणे जिला नियोजन समिति के सदस्य व उंड्री गांव के सरपंच निवृत्ति आण्णा बांदल ने व्यक्त किए।
भारत के 75वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सेवानिवृत्त सैनिकों के सम्मान में एक समारोह का उंड्री वडाचीवाडी में आयोजन किया गया था। पुणे जिला नियोजन समिति के सदस्य व उंड्री गांव के सरपंच निवृत्ति आण्णा बांदल के शुभ हाथों सेवानिवृत्त सैनिकों को शाल, श्रीफल, पुष्पगुच्छ देकर सम्मान किया गया, तब वे बोल रहे थे । इस अवसर पर यहां पूर्व विधायक अशोक टेकवडे, हवेली तालुका राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष भरत झांबरे, पद्मश्री पुरस्कार विजेता मेहबूब सैयद, पूर्व उपसरपंच वसंतराव कड, डॉ. बालगुडे, पूर्व उपसरपंच बालासाहेब बांदल, अभिजीत देशमुख, सागर होले, विजय कामठे, जालिंदर लोखंडे, महेश औताडे, नवनाथ बांदल, लंकेश कड, जितेंद्र यादव, संदीप सिंगबल, अविनाश तलेकर व पूर्व सैनिक प्रम रूप से उपस्थित थे।
निवृत्ति आण्णा बांदल ने आगे कहा कि भारत की धरती पर युद्ध जैसी स्थिति पैदा हो गई, वहां घमासान मुठभेड़ में जान ही क्यों न जाए, लड़नेवाले एकमात्र योद्धा सैनिक होते हैं। हम सभी को अपने सैनिकों पर उतना ही गर्व है जितना कि हमारे देश पर, क्योंकि जवानों का प्रदर्शन देश के लिए अतुलनीय है। सैनिकों द्वारा देश के लिए की गई सेवा को कभी भुलाया नहीं जा सकता।
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