वर्धा, सितंबर (ह.ए. प्रतिनिधि)
शिक्षक दिवस की पूर्व संध्या पर 4 सितम्बर 2021 को भारत के शिक्षा मंत्री श्री धर्मेन्द्र प्रधान से नई दिल्ली में महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा के कुलपति प्रो. रजनीश कुमार शुक्ल की शिष्टाचार भेंट हुई। इस भेंट के दौरान कुलपति ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री को विश्वविद्यालय की विविध अकादमिक गतिविधियों से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि सत्र 2021-22 से हिंदी विश्वविद्यालय ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति : 2020 को लागू कर दिया है. हिंदी विश्वविद्यालय रचनात्मकता एवं नवाचार पर बल देते हुए नियमित एवं समयबद्ध तरीके से पाठ्यक्रम को अद्यतन करने, अकादमिक बैंक ऑफ क्रेडिट, समिश्रित पद्धति से शिक्षण, भारतीय भाषाओं के उन्नयन तथा आजादी के अमृत महोत्सव को केन्द्रित कर गांधीजी के मूल्यानुकूल शैक्षिक वातावरण की निर्मिति के लिए यत्नशील है।
महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय द्वारा भारतीय भाषाओं में विधिक शिक्षा इसी सत्र से प्रारम्भ करने पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेन्द्र प्रधान ने प्रसन्नता व्यक्त की। महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा के कुलपति प्रो. रजनीश कुमार शुक्ल ने कहा कि यदि समानता का अवसर उपलब्ध कराना है तो संविधान की अनुसूची में स्वीकृत सभी भारतीय भाषाओं में विधि की प्रवेश परीक्षाएँ आयोजित करनी होंगी। विधि की प्रक्रिया में भारतीय भाषाओं को स्थान मिलना चाहिए, इससे विधि की पढ़ाई की इच्छा रखने वाले युवाओं को सुअवसर प्राप्त होगा। यह अवसर भारत की आजादी के लिए संघर्ष करने वाले महान नेताओं के 'स्वराज' के स्वप्न को साकार करने की दिशा में महत्त्वपूर्ण कदम होगा। यह अवसर उपलब्ध कराना संविधानानुकूल है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेन्द्र प्रधान ने सृजनात्मक भारतीय ज्ञानपरंपरा से वैश्विक महाशक्ति बनने के लिए विश्वविद्यालयों की भूमिका को लेकर मार्गदर्शन किया।



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