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राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने प्रयागराज में राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय की आधारशिला रखी

 

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा है कि केंद्र और राज्य सरकारें देश में न्यायिक व्यवस्था की बेहतरी के लिए न्यायपालिका के साथ मिलकर काम कर रही हैं। राष्‍ट्रपति आज प्रयागराज में उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय और इलाहाबाद उच्च न्यायालय के नए भवन परिसर के शिलान्यास समारोह को सम्‍बोधित कर रहे थे। समारोह में प्रधान न्यायाधीश एन वी रमना, कई वरिष्ठ न्यायाधीश, केंद्रीय कानून मंत्री किरेन रिजिजू, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद थे। इस अवसर पर आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए राष्‍ट्रपति ने कहा कि महिलाओं में आमतौर पर न्यायिक विवेक के साथ अपनी गतिविधियों को करने की भी प्रवृत्ति होती है, इसलिए हमें अदालतों में महिलाओं की संख्या बढ़ानी होगी।
    हम सब लोग जानते है कि न्‍यायपालिका में महिलाओं की भागीदारी का एक नया इतिहास रचा गया है। मैंने उच्‍चतम न्‍यायालय में तीन महिला न्‍यायाधीशों सहित नौ न्‍यायाधीशों की नियुक्ति को स्‍वीकृति प्रदान की है। आज उच्‍चतम न्‍यायालय में नियुक्‍त कुल 33 न्‍यायाधीशों में चार महिला न्‍यायाधीशों की उपस्थिति न्‍यायपालिका के इतिहास में आज तक की सर्वाधिक संख्‍या है। इन नियुक्तियों में भविष्‍य में एक महिला चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया बनने का मार्ग भी प्रशस्‍त हुआ है। सही मायने में न्‍यायपूर्ण समाज की स्‍थापना तभी संभव होगी जब अन्‍य क्षेत्रों सहित देश की न्‍याय व्‍यवस्‍था में भी महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी।
    केंद्रीय कानून मंत्री किरेन रिजिजू ने अपने सम्‍बो‍धन में कहा कि सरकार न्यायपालिका के साथ मिलकर काम   करना चाहती है और न्यायिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सभी जरूरी कदम उठा रही है।
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस अवसर पर कहा कि आज का युग डिजिटल युग है और हमने कोरोना काल में इसके महत्‍व को समझ लिया है। अगले साल से विश्वविद्यालय का शैक्षणिक सत्र 80 छात्रों के साथ शुरू हो जायेगा। प्रस्तावित विश्वविद्यालय के स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में एक हजार से अधिक छात्र कानून की शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे।

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