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घनकचरा विभाग द्वारा गणेश विसर्जन के नाम पर सवा करोड़ रुपयों का भ्रष्टाचार!

नागरिकों के टैक्स के पैसों का अपव्यय करनेवाले अधिकारियों को निलंबित कर उनकी जांच की जाए
शारदा सोशल फाउंडेशन के प्रमुख व समाजसेवक अजीत दत्तात्रय घुले द्वारा मनपा आयुक्त से मांग

मांजरी, सितंबर (ह.ए. प्रतिनिधि) 

गणेश विसर्जन के लिए सवा करोड़ रुपये खर्चा करके किराए पर घूमता हुआ टैंक लेकर नागरिकों के टैक्स के पैसों का अपव्यय करनेवाले अधिकारियों को निलंबित करके उनकी जांच की जाए। यह मांग पुणे महानगरपालिका के आयुक्त विक्रम कुमार से शारदा सोशल फाउंडेशन के प्रमुख व समाजसेवक अजीत दत्तात्रय घुले ने की है। 
इस बारे में अधिक जानकारी देते हुए अजीत घुले ने बताया कि पुणे महानगरपालिका के घनकचरा विभाग ने गणेश विसर्जन के लिए सवा करोड़ रुपये खर्चा करके किराए पर साठ मिनी ट्रक व घूमती टंकी ग्याराह दिनों के लिए हैं। इसका मतलब है कि प्रतिदिन इसके लिए साढ़े ग्यारह लाख रुपये खर्च किया जाएगा। इस संदर्भ में निम्नलिखित प्रश्न हैं जो पुणे महानगरपालिका के आयुक्त विक्रम कुमार व पुणेवासियों के समक्ष पेश कर रहा हूं - जब गणेशोत्सव दस दिनों का है तो ग्यारह दिन का किराया क्यों दें? चूंकि इस वर्ष जुलूस की अनुमति नहीं है, इसलिए विसर्जन अनंत चतुर्दशी के दसवें दिन पूरा किया जाएगा। पहले दिन यानी गणेश चतुर्थी के दिन किसी भी गणपति का विसर्जन नहीं किया जाता है, उस दिन का किराए का पैसा व्यर्थ ही जा रहा है? यानी कि पहले और ग्यारहवें दिन का किराए का पूरा पैसा कुल 23 लाख रुपये का भुगतान ठेकेदार की जेब में अनावश्यक दिया जाएगा? पिछले कई सालों से पुणेवासियों को कुछ जगहों पर रखी गई टंकियों में गणेश विसर्जन करने की आदत हो गई है। फिर इस चलती टंकी को लेकर पैसे क्यों बर्बाद करें? पिछले साल नागरिकों को संचारबंदी का पालन करना पड़ा था, इसलिए चलती विसर्जन टंकी की अवधारणा सही थी, लेकिन इस साल ऐसा कुछ नहीं है, तो फिर चलती विसर्जन टंकी की क्या जरूरत है ? पिछले साल 30 चलती विसर्जन टंकियां किराए पर ली गईं और वे काफी थीं, ऐसे में इस साल 60 चलती विसर्जन टंकी किराए पर लेने की क्या जरूरत है? किसे सूचित किया गया कि इस वर्ष दोगुना संख्या में गणपति की स्थापना की जाएगी, यह किसे साक्षात्कार हुआ था? मूल रूप से गणपति का अधिकतम विसर्जन दूसरे, पांचवें, सातवें और दसवें दिन होता है। बाकी के दिन के लिए दस-बारह घूमने वाले टैंक पर्याप्त थे, लेकिन सभी दिनों के लिए 60 चलती टंकी क्यों और किसे चाहिए, कौन है इसके पीछे जिसके लिए बिना वजह लाखों रुपए खर्च करने पड़ रहे हैं ? एक मिनी ट्रक, उस पर की टंकी और ड्राइवर सहित चार लोगों के लिए प्रतिदिन 19,121 रुपये कौन तय कर रहा है? पुणे महानगरपालिका की घूमती 60 विसर्जन टंकियों के व्यतिरिक्त अनेक प्रभागों में नगरसेवकों ने खुद घूमती विसर्जन टंकियों की व्यवस्था की है तो कई जगहों पर मूर्ति दान संकलन केंद्रों की व्यवस्था की गई है। ऐसे में सवाल यह है कि महानगरपालिका की टंकियों का किस हद तक इस्तेमाल किया जाएगा? 
अंत में उन्होंने बताया कि इस पृष्ठभूमि में महानगरपालिका का यह ठेका पुणेवासियों की जगह ठेकेदार के फायदे के लिए होगा। पुणे महानगरपालिका से अब तक कई भ्रष्टाचार के मामले सामने आ चुके हैं, हालांकि श्री गजानन के विसर्जन के टेंडर में भी घोटाला यानी कि भ्रष्टाचार के मामले की सभी सीमा का उल्लंघन ही हुआ है। अत: पुणे महानगरपालिका के आयुक्त विक्रम कुमार से मेरा यही अनुरोध है कि पूरे मामले को गंभीर रूप से देखते हुए नागरिकों के टैक्स का पैसा लुटानेवाले अधिकारियों को निलंबित करके पूरे मामले की जांच होनी चाहिए।

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