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सरकार को महिलाओं की सुरक्षा के लिए और कड़े व सख्त से सख्त कानून बनाने चाहिए

स्वाभिमानी ब्रिगेड संघटना के संस्थापक व अध्यक्ष रोहन सुरवसे पाटिल द्वारा सरकार से अनुरोध
हड़पसर, सितंबर (ह.ए. प्रतिनिधि)

हमारे देश में महिलाओं को देवी का रूप माना जाता है तो घरों में लड़कियों का जन्म देवी लक्ष्मी का रूप समझकर शुभ मानते हैं, परंतु आज अपने ही देश में कहीं न कहीं माता-बहनों की सुरक्षा पर प्रश्न चिह्न लग रहे हैं? इसका कारण महिलाओं पर दिन-ब-दिन बढ़ता हुआ अत्याचार निंदनीय अपराध है। महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सरकार और कानून ने कई सख्त नियम बनाये हैं फिर भी देश के कई स्थानों में महिलाओं का अपहरण और हत्या जैसे संगीन जुर्म सुनने को मिल रहे हैं। अब समय आ गया है कि सरकार और समाज एकत्रित होकर हल निकालें ताकि महिलाएं सुरक्षित रह सकें। अपराधों पर अंकुश लगाना अनिवार्य हो गया है। सरकार को महिलाओं की सुरक्षा के लिए और कड़े व सख्त से सख्त कानून बनाने चाहिए। यह अनुरोध सरकार से स्वाभिमानी ब्रिगेड संघटना के संस्थापक व अध्यक्ष रोहन सुरवसे पाटिल ने किया है। 
उन्होंने आगे कहा कि साकीनाका में घटी घटना की अस्थियां अभी तक ठंडी भी नहीं हुईं, उसके बाद उल्हासनगर में एक 9 वीं कक्षा में पढ़ाई करनेवाली लड़की पर नराधम ने अत्याचार किया। महिलाओं की सुरक्षा एक गंभीर मुद्दा बन गया है। हम सभी को एकजुट होकर हल निकालना होगा। कानून और पुलिस की मदद करने के लिए पहल करनी होगी। दोषियों और अपराधी लोग जो महिलाओं पर जुल्म करते हैं, उन्हें सजा दिलवानी होगी। कानून को अपराधियों को कड़ी से कड़ी सजा देनी होगी ताकि महिलाओं के साथ कोई भी बदसलूकी करने से पहले हज़ार बार सोचे।
अंत में रोहन सुरवसे पाटिल ने कहा कि माता-पिता को अपने लड़कों को महिलाओं की इज़्ज़त करना बचपन से सिखाना चाहिए। महिलाएं घर की इज़्ज़त होती हैं। उनका सम्मान और रक्षा करना हर एक नागरिक का कर्त्तव्य है।

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