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विज्ञान और प्रौद्योगिकी का भविष्य वही होगा जो दिमाग चाहता है और वह जीवन के सभी पहलुओं को प्रभावित और नियंत्रित करेगा : प्रो. आशुतोष शर्मा

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    विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) के  पूर्व सचिव प्रो. आशुतोष शर्मा ने कहा कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी भविष्य में हर चीज को प्रभावित और नियंत्रित करेगी, चाहे वह शिक्षा, स्वास्थ्य, अर्थव्यवस्था, शासन और बाकी कुछ भी हो। श्री शर्मा ने यह बातें 27 सितंबर 2021 को शाम को दिए गए व्याख्यान में ये बातें कहीं।
"पांच एम - यांत्रिकी (समझ)सामग्रीमशीनें (उपकरणसिस्टम)मैन्युफैक्चरिंग और महिला (वो मैन) - विज्ञान और प्रौद्योगिकी की नींव और रास्ते हैं। इनमें सबसे महत्वपूर्णमानव मस्तिष्क है। जो विज्ञान और प्रौद्योगिकी को संचालित करेगा। एस एंड टी का भविष्य वही होगा जो मन चाहता है, ”प्रोफेसर आशुतोष शर्मा ने यह बातें  डीएसटी और जैव प्रौद्योगिकी विभाग (डीबीटी) के सचिव डॉ रेणु स्वरूप द्वारा आयोजित 'ए ब्रीफ हिस्ट्री ऑफ द फ्यूचर: एस एंड टी पर्सपेक्टिवनामक व्याख्यान में कहीं।
 
    पूर्व डीएसटी सचिव ने कहा "आज विज्ञान और प्रौद्योगिकी हर व्यक्ति के जीवन का अभिन्न अंग बन गई है। ऐसे में  भविष्य विज्ञान और प्रौद्योगिकी पर बहुत अधिक निर्भर होने वाला हैऔर यह सब चीजों को प्रभावित करेगी। हमने 50 साल पहले प्रौद्योगिकी को प्रौद्योगिकी के दृष्टिकोण से देखा थालेकिन आज हम प्रौद्योगिकी को समाज के चश्मे से देख रहे हैंऔर आम लोग इसके केंद्र में हैं। भविष्य प्रौद्योगिकियों के कनवर्जेंस में निहित हैऔर प्रौद्योगिकी के ड्राइवर हमारी जरूरतेंमांगेंइच्छाएंमन की इच्छाएं और लालच भी हैं, ”। प्रोफेसर शर्मा ने बताया  "इस तरह की जरूरतों में स्वस्थ रहने की इच्छाजीवन की बेहतर गुणवत्तासमानता से जुड़े रहनेसीखने और लागू करनेजटिलता में निर्णय लेनेमनोरंजन करनेअपनी दुनिया बनाने और नियंत्रित करने और जीने की इच्छा शामिल है।
    प्रोफेसर शर्मा ने इन बातों को विस्तार से समझाते  हुए कहा विज्ञान और प्रौद्योगिकी का भविष्य में इस्तेमाल,  उपकरण-केंद्रित से समस्या-केंद्रित हो जाएगा। इसमें डॉट्सअंतर्ज्ञान और सामान्य ज्ञानकनवर्जेंसमोल-भाव और आविष्कार को इन्नोवेशन से जोड़कर रचनात्मकता शामिल होगी।"
    इस अवसर पर नीति आयोग के सदस्य प्रो. वी के पॉलभारतीय राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के सीईओ श्री आर एस शर्माकपड़ा मंत्रालय के सचिव श्री यूपी सिंहलोकपाल  सदस्य श्री दिनेश जैनएमओईएफ और सीसी सचिव श्री आरपी गुप्ताकृषि सचिव श्री संजय अग्रवालडीएसआईआर और एमओईएस सचिव और  सीएसआईआर के डीजी डॉ शेखर सी मंडेप्रधान आर्थिक सलाहकार श्री संदीप सान्याल भी व्याख्यान के लिए उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन डीएसटी के वरिष्ठ सलाहकार डॉ. अखिलेश गुप्ताऔर संचालन वैज्ञानिक-जी श्री संजीव वार्ष्णेय ने किया। इस अवसर पर डीएसटीडीबीटी और पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय (एमओईएस) के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

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