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पुणे महानगरपालिका में शामिल किए गए गांवों की समस्याएं जल्द से जल्द हल की जाएं

ज्येष्ठ नागरिक संघ, जांभुलवाडी रोड आंबेगांव खुर्द का प्रतिनिधिमंडल नगरसेवक युवराज बेलदरे के साथ मनपा सह-आयुक्त करआकारणी व कर संकलन प्रमुख विलास कानडे से मिला और सौंपा मांग का ज्ञापन
मनपा सह-आयुक्त करआकारणी व कर संकलन प्रमुख विलास कानडे को ज्ञापन देता हुआ ज्येष्ठ नागरिक संघ, जांभुलवाडी रोड आंबेगांव खुर्द का प्रतिनिधिमंडल उक्त चित्र में दिखाई दे रहा है।
सांसद, विधायक, नगरसेवक व स्थानीय नागरिक लगा चुके हैं कई बार गुहार, परंतु आश्वासन ही मिला!
आंबेगांव खुर्द, अक्टूबर (ह.ए. प्रतिनिधि)
पुणे महानगरपालिका में 23 गाँव मिला दिए गए और वह सबसे बड़ी महानगरपालिका भी बन गई, परंतु शुरुआत में जब 11 गाँव मिलाए थे तब जो समस्याएँ महसूस की गई थीं वे ज्यों की त्यों आज भी बरकरार हैं जैसे, पीने के पानी की आपूर्ति, बहुत अधिक प्रॉपर्टी टैक्स का लिया जाना आदि। इस संबंध में ग्यारह गाँवों की कृति समिति ने तो आंदोलन भी किया पर हुआ कुछ नहीं। शुरुआत से इन मुद्दों पर विभिन्न स्तरों से आवेदन प्रतिवेदन दिए जा रहे हैं परंतु न पानी मिल मिल   रहा है और न प्रॉपर्टी टैक्स में कमी हुई है।
अभी हाल में 22 अगस्त को माननीय सांसद सुप्रियाताई सदानंद सुले और पुरंदर हवेली विधायक संजय चंदूकाका जगताप द्वारा मनपा आयुक्त विक्रम कुमार और मनपा सह-आयुक्त करआकारणी व कर संकलन प्रमुख विलास कानडे के साथ एक बैठक करके प्रॉपर्टी टैक्स कम करने और मूलभूत सुविधाएँ उपलब्ध कराने के बारे में कहा गया था और उक्त अधिकारियों ने उचित सकारात्मक निर्णय लेने का आश्वासन भी दिया गया था, परंतु हुआ कुछ नहीं। समाचार-पत्र प्रभात की उप नगर टीम ने उन व्यक्तियों से, जो नगरसेवक पद के दावेदार समझे जाते हैं, चर्चा करके मनपा में समाविष्ट गाँवों की विकास-योजना के बारे में उनके विचार 19 सितंबर को प्रकाशित किए थे, जिनमें पल्लवीताई प्रसाद जगताप ने ही कहा कि समाविष्ट 11 गाँवों में प्रॉपर्टी टैक्स दुगुना-तिगुना वसूल किया जा रहा है और पानी नहीं दिया जा रहा है और इस प्रकार नागरिकों को मूलभूत सुविधाएँ नहीं दी जा रही हैं तो आगे विकास योजना बनाते समय इस बात का ध्यान रखा जाना चाहिए। ऐसे ही लगभग सभी समाचारपत्र व मीडिया इन समस्याओं के बारे में लिखते आ रहे हैं, सभी नगरसेवक, विधायक, सांसद आवाज उठाते रहे हैं, पर हुआ कुछ नहीं।
शायद अब कुछ हो जाए इसी उम्मीद में ज्येष्ठ नागरिक संघ, जांभुलवाडी रोड आंबेगांव खुर्द का एक प्रतिनिधिमंडल नगरसेवक युवराज बेलदरे के साथ मनपा सह-आयुक्त करआकारणी व कर संकलन प्रमुख विलास कानडे से मिला और उन्हें एक ज्ञापन सौंपा कि प्रॉपर्टी टैक्स बहुत अधिक लिया जा रहा है उसे कम किया जाए। इस प्रतिनिधिमंडल में चंद्रकांत गुरव (अध्यक्ष ज्ये.ना.संघ), अनंत कागदे, चंद्रकांत थोरात, प्रकाश निकालजे,  पुरुषोत्तम देवगांवकर, अविनाश कुलकर्णी आदि थे। मनपा सह-आयुक्त करआकारणी विलास कानडे द्वारा सकारात्मक निर्णय लेने का आश्वासन दिया गया, जिससे प्रतिनिधि मंडल बहुत प्रसन्न हुआ।
ज्ञातव्य है कि श्री कानडे पहले सांसद व विधायक को भी इस संबंध में सकारात्मक निर्णय लेने का आश्वासन दे चुके हैं। पर इससे कुछ होगा, नागरिकों में कोई आश्वस्ति नहीं है। सप्तगिरी सोसायटी के अध्यक्ष सत्येंद्र सिंह ने हड़पसर एक्सप्रेस समाचारपत्र को बताया कि प्रॉपर्टी टैक्स तो दुगुना-तिगुना लिया ही जा रहा है परंतु सोसायटीवासियों को पानी की एक बूँद भी उपलब्ध कराए बिना एक-एक घर से तीन-तीन हजार सालाना पानी का टैक्स लिया जा रहा है। समझा जाता है कि इस संबंध में सांसद-विधायक सभी वर्तमान व भावी नगरसेवक जानते हैं पर सह-आयुक्त कराकारणी कर संकलन प्रमुख संभवतः नहीं जानते वरना बिना पानी दिए इतनी पानी पट्टी नहीं ली जाती।

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