आंबेगांव खुर्द, अक्टूबर (ह.ए. प्रतिनिधि)
आंबेगांव खुर्द के पूर्व ग्रामपंचायत सदस्य प्रसाद शामराव जगताप के जरिए ज्ञात हुआ है कि पुणे महानगरपालिका में नए गांवों को शामिल किए जाने के बाद से पुरानी सीमाओं की तुलना में नई सीमाओं में बहुत कम विकास हुआ है, इसलिए कांग्रेस विधायक संजय जगताप ने कमिश्नर विक्रम कुमार को इन गांवों के विकास के लिए 50 करोड़ रुपये का अनुदान देने की मांग की है।
नगर पालिका में सत्तारूढ़ भाजपा राजनीतिक गणित के हिसाब से विकास निधि का ज्यादातर पुरानी सीमा में इस्तेमाल कर रही है, इसलिए समाविष्ट गांवों का क्षेत्र विकास से वंचित है, इसलिए विधायक जगताप ने यह भी मांग की कि स्थानीय सांसद, विधायक, जनप्रतिनिधि, कराधान आयुक्त समाविष्ट गांवों के कराधान को लेकर स्थानीय ग्रामीणों के साथ बैठक करें। नई सीमा में विकास का एक बड़ा बैकलॉग है। पुणे महानगरपालिका में समाविष्ट क्षेत्र के लिए सड़क, पानी, जल निकासी, स्वास्थ्य आदि जैसी बुनियादी सुविधाएं प्रदान नहीं कर सका। प्रचलित नियमों के अनुसार यह तय था कि पहले छह वर्षों में कर को धीरे-धीरे बढ़ाया जाए और फिर प्रचलित दर पर कर लगाया जाए, लेकिन दस साल बाद भी महानगरपालिका मूलभूत सुविधाएं नहीं दे पा रही है, इसलिए महानगरपालिका की दर से कर नहीं लगाया जाना चाहिए।
विधायक जगताप ने यह भी कहा कि जब तक महानगरपालिका नई सीमा में पुरानी सीमा क्षेत्र की तुलना में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं करा देती, तब तक पुरानी ग्राम पंचायत दर पर कर लगाया जाए।
आंबेगांव खुर्द के पूर्व ग्रामपंचायत सदस्य प्रसाद शामराव जगताप के जरिए ज्ञात हुआ है कि पुणे महानगरपालिका में नए गांवों को शामिल किए जाने के बाद से पुरानी सीमाओं की तुलना में नई सीमाओं में बहुत कम विकास हुआ है, इसलिए कांग्रेस विधायक संजय जगताप ने कमिश्नर विक्रम कुमार को इन गांवों के विकास के लिए 50 करोड़ रुपये का अनुदान देने की मांग की है।
नगर पालिका में सत्तारूढ़ भाजपा राजनीतिक गणित के हिसाब से विकास निधि का ज्यादातर पुरानी सीमा में इस्तेमाल कर रही है, इसलिए समाविष्ट गांवों का क्षेत्र विकास से वंचित है, इसलिए विधायक जगताप ने यह भी मांग की कि स्थानीय सांसद, विधायक, जनप्रतिनिधि, कराधान आयुक्त समाविष्ट गांवों के कराधान को लेकर स्थानीय ग्रामीणों के साथ बैठक करें। नई सीमा में विकास का एक बड़ा बैकलॉग है। पुणे महानगरपालिका में समाविष्ट क्षेत्र के लिए सड़क, पानी, जल निकासी, स्वास्थ्य आदि जैसी बुनियादी सुविधाएं प्रदान नहीं कर सका। प्रचलित नियमों के अनुसार यह तय था कि पहले छह वर्षों में कर को धीरे-धीरे बढ़ाया जाए और फिर प्रचलित दर पर कर लगाया जाए, लेकिन दस साल बाद भी महानगरपालिका मूलभूत सुविधाएं नहीं दे पा रही है, इसलिए महानगरपालिका की दर से कर नहीं लगाया जाना चाहिए।
विधायक जगताप ने यह भी कहा कि जब तक महानगरपालिका नई सीमा में पुरानी सीमा क्षेत्र की तुलना में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं करा देती, तब तक पुरानी ग्राम पंचायत दर पर कर लगाया जाए।
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