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राजस्व विभाग में कर्मचारियों की संख्या में बढ़ोतरी की जाए : समर्पण प्रतिष्ठान के संस्थापक व अध्यक्ष प्रवीण रणदिवे द्वारा प्रशासन से मांग

हड़पसर, अक्टूबर (ह.ए. प्रतिनिधि)

पर्याप्त श्रमशक्ति के साथ-साथ तलाठी हड़ताल के कारण राजस्व और शिक्षा से जुड़े कार्य ठप पड़े हैं, जिसके कारण आम जनता, किसान व प्रोपर्टी मालिक व छात्रों की बड़ी मात्रा में असुविधा हो रही है। वर्तमान स्थिति को मद्देनजर हुए मेरी प्रशासन से यह मांग है कि राजस्व विभाग में कर्मचारियों की संख्या में बढ़ोतरी की जाए। यह मांग समर्पण प्रतिष्ठान के संस्थापक व अध्यक्ष प्रवीण रणदिवे ने की है। 
उन्होंने आगे कहा कि राजस्व विभाग में विविध कामों के संदर्भ में आना-जाना लगा रहता है। पर्याप्त श्रमशक्ति न होने के कारण आम जनता को बार-बार चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। अनेक सरकारी काम, संपत्ति का परिवर्तन, साथ ही कर्ज के काम ठप पड़े हैं, जिसके चलते आम जनता में तीव्र नाराजगी है। साथ ही महाविद्यालयीन छात्रों के प्रथम वर्ष प्रवेश प्रक्रिया की छात्रवृत्ति के काम भी अटक गए हैं, जिसके कारण उनका शिक्षा का भविष्य खतरे में आ गया है? यह चिंता अभिभावकों को खाये जा रही है। देखा जाए तो मांजरी बुद्रक, उरुलीकांचन जैसे बड़े राजस्व गांवों में बढ़ते नागरिकीकरण की तुलना में पर्याप्त श्रमशक्ति के कारण आम जनता को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही यहां कार्यरत कर्मचारियों को भी काम का अतिरिक्त बोझ सहन करना पड़ रहा है। उक्त कार्यालयों में आम जनता के काम ठप पड़े हुए हैं, अपने काम कराने के लिए नागरिकों को यहां पर चक्कर काटने पड़ रहे है। काम उचित समय में न होने के कारण नागरिकों में प्रशासकीय कार्यों को लेकर बहुत असंतोष निर्माण हुआ है।
अंत में प्रवीण रणदिवे ने कहा कि हवेली तहसीलदार कचेरी में भी पर्याप्त श्रमशक्ति न होने के कारण विविध शासकीय, शिक्षा व अन्य राजस्व विभाग के काम विलंब से हो रही है। हवेली तालुका की जनसंख्या व क्षेत्र भी बड़ा है। उसका दो राजस्व कार्यालयों में  विभाजन होना समय की जरूरत है। 
समर्पण प्रतिष्ठान के संस्थापक व अध्यक्ष प्रवीण रणदिवे ने अपनी मांग का निवेदन राजस्व मंत्री, महाराष्ट्र राज्य, पुणे के पालकमंत्री, जिलाधिकारी व विभागीय आयुक्त को दिया है।

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