मुख्य समाचार

6/recent/ticker-posts

व्यक्ति को जीना सिखाती हैं भारतीय संस्कृति और विचारधारा : समाजसेवक अशोक जाधव

 मानवतावादी समाजसेवा संघटना पुणे की ओर से छोटे बच्चों के आश्रम मेें बालदिन मनाया गया।

हड़पसर, नवंबर (ह.ए. प्रतिनिधि)
 
भारतीय संस्कृति और विचारधारा व्यक्ति को जीवन जीना सिखाती है। इतिहास में महान की एकमात्र स्मृति यानी संस्कार नहीं है, बल्कि उनके आचार-विचार व उनकी  विशिष्टता पर गर्व और अभिमान का सम्मान मन को प्रभावित करता है। ऐसी महान हस्तियों के आचार-विचारों का आचरण करना समय की जरूरत है। यह विचार मानवतावादी समाजसेवा संघटना, पुणे के प्रमुख व समाजसेवक अशोक जाधव ने व्यक्त किए। 
स्वतंत्र, सार्वभौम भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू का जन्मदिन जो बालदिन के रूप में मनाया जाता है, इस अवसर पर मानवतावादी समाजसेवा संघटना, पुणे की ओर से सैयदनगर- गायकवाड बस्ती में छोटे बच्चों के आश्रम में एक छोटा सा कार्यक्रम आयोजित किया गया, तब वे बोल रहे थे। इस अवसर पर संघटना के उपाध्यक्ष प्रकाश रावलकर, कार्यकारी सदस्य मेहमूदशा भंडारी, सलाहकार सुरेश इथापे, रजनी दाणी, हेमचंद्र मडावी आदि उपस्थित थे। 
अशोक जाधव ने आगे कहा कि उचित आहार और व्यायाम से शरीर यानी कलाई मजबूत और ताकतवर होती है। स्वस्थ शरीर में ही मजबूत दिमाग की गंध आती है। मस्तिष्क लगातार पढ़ना, ध्यान, चिंतन, अंकगणित व गहन वैज्ञानिक   विचार करता है। क्यों, कब और कैसे यह सवाल अपने आप से पूछें और इनके जवाब भी स्वयं दें। बौद्धिक शक्ति का मतलब ही दिमाग मजबूत होना है। कार्यक्रम का प्रास्ताविक रोहिदास ऐकाड और आभार प्रदर्शन व्यवस्थापिका वैशाली बागुल ने किया।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ