‘दिवाळी पहाट’ कार्यक्रम का किया गया आयोजन
उंड्री में सरपंच निवृत्ति बांदल की ओर से उंड्री, वडाचीवाडी, पिसोली व परिसर के नागरिकों के लिए ‘दिवाळी पहाट’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
उंड्री, नवंबर (ह.ए. प्रतिनिधि)
संगीत मनोरंजन का एक साधन है। संगीत से हमें शान्ति मिलती है। संगीत अपने आप में एक दुनिया है, एक ऐसी भाषा है जिसे हम सभी समझते हैं। संगीत एवं आध्यात्म भारतीय संस्कृति के सुदृढ़ आधार हैं। संगीत आध्यात्मिक एवं मोहक शक्ति से प्रभावित होता आया है। इसकी अनुभूति से सभी अवगत हों, इस मुख्य उद्देश्य से ‘दिवाळी पहाट’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। यह विचार पुणे जिला नियोजन समिति के सदस्य, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी पुणे जिला के उपाध्यक्ष व उंड्रीगांव के सरपंच निवृत्ति बांदल ने व्यक्त किए।
उंड्री में सरपंच निवृत्ति बांदल की ओर से उंड्री, वडाचीवाडी, पिसोली व परिसर के नागरिकों के लिए ‘दिवाळी पहाट’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया था, तब वे बोल रहे थे। इस अवसर पर यहां युवा नेता दीपक बांदल, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी पुरंधर विधानसभा चुनाव क्षेत्र की अध्यक्षा रोहिणी बांदल, मनीषा होले, वसंतराव कड, डॉ. हेमंत बालगुडे, महेश शेवते, बालकृष्ण पिंगले, बबन होले, निलेश नवले, अरूण मालपूरे, गणेश बलकवडे, प्रसाद डेरे, अभिजीत देशमुख, विजय कामठे, अजय कामठे, विजय मुरकुटे, महेश औताडे, भीमराव तलवार, हितेश मिश्रा, अशिष बांदल, अविनाश तलेकर, सागर होले, अमर घोडके, पुष्पक बांदल, शंकर घुले, करण बांदल, अर्थव बांदल, सुनील पुणेकर, नवनाथ बांदल, राजेंद्र बालवडकर, संजय जाधव, दत्तोबा बांदल, माऊली कामठे, युवराज घुले, महेश बालवडकर आदि के साथ अन्य प्रमुख रूप से उपस्थित थे।
‘दिवाळी पहाट’ कार्यक्रम में गायक सचिन सुर्वे व उनके सहयोगी गायकों ने मराठी व हिन्दी में लोकगीत, भक्तिगीत, भावगीत, लावणी, मिश्र गीतों को प्रस्तुत करते हुए उपस्थित रसिक श्रोतागणों को मंत्रमुग्ध किया।
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