पुरातत्व निदेशालय के अंतर्गत पुणे विभाग के अंतर्गत आने वाले पुणे, सातारा, कोल्हापुर, सांगली और सोलापुर जिलों के सभी राज्य संरक्षित स्मारकों और पुरातत्व स्थलों को 12 नवंबर से आगंतुकों और पर्यटकों के लिए खोल दिया गया है। यह जानकारी पुरातत्व विभाग के सहायक निदेशक विलास वहाणे ने दी है।
इन संरक्षित स्मारकों और पुरातत्व स्मारकों को खोलते समय कुछ दिशा-निर्देश भी निर्धारित किए गए हैं। तदनुसार, गैर-नियंत्रण क्षेत्रों में राज्य संरक्षित स्मारक पर्यटकों के लिए खुले रहेंगे। कोविड-19 महामारी के संबंध में गृह मंत्रालय, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार और महाराष्ट्र सरकार द्वारा समय-समय पर जारी आदेश और दिशा-निर्देश सभी राज्य संरक्षित स्मारकों पर लागू होंगे। स्मारक पर जाने के दौरान मास्क पहनना और शारीरिक दूरी बनाना अनिवार्य है।
संचालनालय को राज्य संरक्षित स्मारक के परिसर या क्षेत्र में प्रवेश बंदी का अधिकार होगा। इस क्षेत्र में भीड़भाड़, थूकना या धूम्रपान करना सख्त वर्जित है। केवल अधिकृत लाइसेंस प्राप्त गाइड और फोटोग्राफरों को ही पर्यटकों के लिए क्षेत्र में यात्रा करने की अनुमति होगी। कचरा करना वर्जित है। स्मारक परिसर में बीमार व्यक्तियों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। विभाग प्रमुख राज्य संरक्षित स्मारकों एवं पुरातत्व स्थलों में बैठने की व्यवस्था, सार्वजनिक शौचालयों को समय-समय पर एवं नियमित रूप से कीटाणुरहित करने की योजना सावधानीपूर्वक तैयार करें।
इन संरक्षित स्मारकों और पुरातत्व स्मारकों को खोलते समय कुछ दिशा-निर्देश भी निर्धारित किए गए हैं। तदनुसार, गैर-नियंत्रण क्षेत्रों में राज्य संरक्षित स्मारक पर्यटकों के लिए खुले रहेंगे। कोविड-19 महामारी के संबंध में गृह मंत्रालय, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार और महाराष्ट्र सरकार द्वारा समय-समय पर जारी आदेश और दिशा-निर्देश सभी राज्य संरक्षित स्मारकों पर लागू होंगे। स्मारक पर जाने के दौरान मास्क पहनना और शारीरिक दूरी बनाना अनिवार्य है।
संचालनालय को राज्य संरक्षित स्मारक के परिसर या क्षेत्र में प्रवेश बंदी का अधिकार होगा। इस क्षेत्र में भीड़भाड़, थूकना या धूम्रपान करना सख्त वर्जित है। केवल अधिकृत लाइसेंस प्राप्त गाइड और फोटोग्राफरों को ही पर्यटकों के लिए क्षेत्र में यात्रा करने की अनुमति होगी। कचरा करना वर्जित है। स्मारक परिसर में बीमार व्यक्तियों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। विभाग प्रमुख राज्य संरक्षित स्मारकों एवं पुरातत्व स्थलों में बैठने की व्यवस्था, सार्वजनिक शौचालयों को समय-समय पर एवं नियमित रूप से कीटाणुरहित करने की योजना सावधानीपूर्वक तैयार करें।
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